महिला, युवा, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और दिव्यांगजन कल्याण को केंद्र में रखकर सीएम योगी ने पेश की विकास की दिशा

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा के सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं, युवाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन और दिव्यांगजन कल्याण को केंद्र में रखते हुए प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का रोडमैप पेश किया है। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

युवाओं के लिए वन डिस्ट्रिक्ट, वन कमिश्नरी, वन डिविजनल हेड क्वार्टर, वन स्पोटर्स कॉलेज की परिकल्पना
मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ ने कहा कि प्रदेश ने महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए ई क्यूब के रूप में एंप्लाइमेंट, इंटरप्राइसेस और एक्सीलेंस के तहत उल्लेखनीय प्रगति की है। बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल भागीदारी 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसे आगे बढ़ाने के लिए महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना की बजट में घोषणा की गई है, जो केंद्रीय बजट में प्रस्तावित सी-मार्ट की तर्ज पर कार्य करेगी। इसके साथ ही बजट में महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से महिलाओं को ब्याज मुक्त पूंजी उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, ताकि वे छोटे-छोटे उद्यमों के लिए महंगे कर्ज के बोझ से मुक्त रह सकें और लखपति दीदी लक्ष्य को साकार किया जा सके। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के लिए प्रत्येक जनपद स्तर पर श्रमजीवी महिला छात्रावास के निर्माण के लिए भी बजट में धनराशि सुनिश्चित की गई है। बजट में युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए वन डिस्ट्रिक्ट, वन कमिश्नरी, वन डिविजनल हेड क्वार्टर, वन स्पोटर्स कॉलेज की परिकल्पना रखी गई है। प्रदेश के 18 कमिश्नरी मुख्यालयों पर एक-एक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जाएगी।मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर बन रही स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी अप्रैल-मई तक पूरी हो जाएगी, जहां शैक्षणिक सत्र पहले से प्रारंभ हो चुके हैं। वर्ष 2030 अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक में भारत की प्रस्तावित दावेदारी को ध्यान में रखते हुए इन स्पोर्ट्स कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर ओपन जिम, खेल मैदान, मिनी स्टेडियम और स्टेडियम निर्माण को प्राथमिकता दी गई है, जिसे खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत  केंद्र सरकार के सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा।

एसजीपीजीआई में देश का पहला क्वाटर्नरी हेल्थ केयर सेंटर होगा स्थापित
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पर्यटन क्षेत्र में भी लंबी छलांग लगाई है। वर्ष 2017 से पहले खराब सुरक्षा व्यवस्था और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण प्रदेश की छवि प्रभावित थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश के धार्मिक, हेरिटेज, इको और एडवेंचर टूरिज्म स्थलों पर 122 करोड़ पर्यटकों ने यात्रा की। बजट में पीपीपी मोड पर 1 लाख अतिरिक्त होटल रूम जोड़ने और 50,000 नए होम-स्टे विकसित करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही महिला गाइडों के लिए 10,000 रुपये का लाइसेंस शुल्क माफ कर उन्हें रोजगार से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। पहले जहां कुल 36 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज, 2 एम्स और कई सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल कार्यरत हैं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 5 करोड़ 46 लाख से अधिक आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी कर यूपी देश में अग्रणी राज्य बन चुका है। हर जिले में निःशुल्क डायलिसिस, रेडियोलॉजी सेवाएं (एमआरआई, सीटी, कलर डॉप्लर, डिजिटल एक्स-रे) उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके साथ ही एसजीपीजीआई लखनऊ में देश का पहला क्वाटर्नरी हेल्थ केयर सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए प्रथम चरण में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह सेंटर विशेष रूप से ऑर्गन ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।

मेडिकल और हेल्थ सेक्टर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर विशेष फोकस
सीएम ने बताया कि बजट में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों के लिए छात्रावास निर्माण के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया है, जिससे छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकें और चिकित्सा शिक्षा के वातावरण को और अधिक अनुकूल बनाया जा सके। वहीं सड़क सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने की दिशा में भी बजट में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि गंभीर रूप से घायल मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके और जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके। इसके साथ ही प्रदेश के मेडिकल और हेल्थ सेक्टर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर भी विशेष फोकस किया गया है। बजट में मिडटेक (मेडिकल टेक्नोलॉजी) की स्थापना का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक तकनीक और अन्य आधुनिक सहायता प्रणालियों का उपयोग कर स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के दूर-दराज और पिछड़े क्षेत्रों तक भी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि बड़े शहरों तक सीमित आधुनिक इलाज का लाभ अन्य जनपदों के लोगों को भी मिल सके। वर्तमान में राज्य में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। इनमें से एक सेंटर लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में कार्यरत है, जबकि दूसरा सेंटर आईआईटी कानपुर के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने इन दोनों सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए भी बजट में धनराशि की व्यवस्था की है और इन पर कार्य प्रगति पर है। इन केंद्रों के माध्यम से आधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी, रिसर्च और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। रोड सेफ्टी की दृष्टि से आवश्यक प्रावधान किए गए हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के साथ-साथ दुर्घटना की स्थिति में त्वरित और प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जा सके। सड़क हादसों, अन्य दुर्घटनाओं या किसी भी प्रकार की आपदा के समय ट्रॉमा सेवाएं मजबूत रहें, इसके लिए प्रदेश में नए ट्रॉमा सेंटर विकसित करने के लिए भी बजट में धनराशि की व्यवस्था की गई है। 

हेल्थ सेक्टर में मिडटेक की स्थापना के साथ एआई, रोबोटिक पर जोर
राष्ट्रीय वन हेल्थ मिशन के अंतर्गत राज्य वन हेल्थ मिशन के लिए भी धनराशि की व्यवस्था इसमें की है और जो हमारे मेडिकल कॉलेजेस हैं, उन मेडिकल कॉलेजेस में छात्रावास का निर्माण हो सके, इसके लिए भी हम लोगों ने अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की है। इसके अलावा प्रदेश के अंदर रोड सेफ्टी की दृष्टि से रोड सेफ्टी के लिए आवश्यक प्रावधान करने के साथ-साथ अगर कोई घटना दुर्घटना होती है, रोड एक्सीडेंट होता है या कोई आपदा आती है, उन स्थितियों में ट्रॉमा हमारा उतना ही सशक्त हो, इसके लिए ट्रॉमा के लिए भी नए ट्रॉमा सेंटर विकसित करने के लिए भी धनराशि की व्यवस्था सरकार ने इस बजट में इसके लिए की है और प्रदेश के अंदर मेडिकल के सेक्टर में भी, हेल्थ सेक्टर में भी मिडटेक की स्थापना हो, इसमें एआई, रोबोटिक आदि की हम सहायता के माध्यम से प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों में भी सुविधा उपलब्ध करवा सकें, अन्य जनपदों में उपलब्ध करवा सकें, इसके लिए वर्तमान में हमारे दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एक एसजीपीजीआई लखनऊ में और दूसरा आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर के राज्य सरकार इसके लिए धनराशि की व्यवस्था की है और इसमें कार्य हमारा चल रहा है और हमने इसमें धनराशि की व्यवस्था भी की है।

दिव्यांग बच्चों के लिए डे केयर सेंटर की होगी स्थापना
सीएम ने बताया कि बजट में उच्च शिक्षा में मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने के लिए व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बजट में स्मार्टफोन और टैबलेट जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। वहीं बजट में दिव्यांगजन कल्याण के तहत छात्राओं के लिए ई-ट्राइसाइकिल, डीडीआरसी की स्थापना, कृत्रिम अंग वितरण केंद्र तथा 3 से 7 वर्ष के दिव्यांग बच्चों के लिए डे-केयर सेंटर की व्यवस्था की गई है। वहीं दिव्यांग बच्चों के प्रशिक्षण और शिक्षा के लिए नौ जनपदों वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर, प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, झांसी, मेरठ और आगरा में केंद्र की स्थापना की जाएगी। सीएम ने कहा कि आज का बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की संकल्पनाओं को समर्पित है, जो 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी के साथ अग्रसर हो रहा है। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में बॉटलनेक्स और बीमारू स्टेटस को समाप्त करते हुए, भारत की इकोनॉमी के ब्रेकथ्रू के रूप में हम विकसित करने की दिशा में आगे बढ़े हैं। अब उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं है, अब उत्तर प्रदेश भारत की इकोनॉमी का एक ग्रोथ इंजन बन करके उभरा है। आज का बजट वर्ष 2029-30 में यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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