मध्यप्रदेश में सोने की बड़ी खोज, कटनी में मिला गोल्ड रिजर्व; जल्द शुरू होगी माइनिंग

कटनी 

मध्यप्रदेश के कटनी जिले की धरती अब सोना-चांदी उगलेगी. दरअसल, कटनी जिले के इमलिया गांव की पहचान अब जल्द ही सुनहरी होने जा रही है, क्योंकि इस गांव में साढ़े 6 हेक्टेयर धरती में खनन कर करीब 7 लाख टन सोना-चांदी सहित मिनरल्स निकाले जाएंगे.यह काम मुंबई की निजी कंपनी प्रोस्पेक्ट रिसोर्स मिनिरल्स प्राइवेट लिमिटेड स्लीमनाबाद करेगी. इसके लिए जिला प्रशासन के साथ 50 साल के लिए करार किया गया है, जहां कटनी जिले को कंपनी से टैक्स के रूप में करीब 100 करोड रुपए से अधिक का राजस्व मिलेगा.

करीब 50 साल की लंबी खोज और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बाद, जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के इमलिया गांव में सोने का खनन शुरू होने की तैयारी अंतिम चरण में है। अनुमान है कि मार्च के दूसरे पखवाड़े से खनन का काम शुरू हो जाएगा।

एक साल की तेज प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद स्वर्ण खनन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, मार्च से खनन कार्य शुरू होने का अनुमान है, जो मध्यप्रदेश के खनिज इतिहास में नया अध्याय लिखेगा, 121 करोड़ की ऐतिहासिक बोली ने इमलिया को राष्ट्रीय मानचित्र पर ला खड़ा किया है। अब कटनी सिर्फ जिला नहीं, स्वर्ण नगरी बनने की दहलीज पर खड़ी है…।

जिले के इतिहास में एक ऐसी उपलब्धि जुडऩे जा रही है, जो न केवल जिले बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की पहचान बदल देगी। ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम इमलिया में स्वर्ण खनन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और मार्च माह के दूसरे पखवाड़े से खनन कार्य शुरू होने का अनुमान है। यह मध्यप्रदेश की पहली सक्रिय स्वर्ण खदान होगी, जिससे राज्य को राष्ट्रीय खनिज मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।
ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत मुंबई की कंपनी प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड खनन कंपनी ने 121 करोड़ रुपए की ऊंची बोली लगाकर इमलिया गोल्ड ब्लॉक की खनन लीज हासिल की। कंपनी और कलेक्टर आशीष मिवारी के बीच खनन अनुबंध (एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के साथ ही जिले में विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के नए द्वार खुल गए हैं।

यह परियोजना न केवल कटनी को ‘स्वर्ण नगरी’ के रूप में एक नई पहचान देगी, बल्कि यह मध्य प्रदेश की पहली सक्रिय स्वर्ण खदान भी होगी। इस ऐतिहासिक कदम से राज्य का नाम देश के खनिज मानचित्र पर प्रमुखता से अंकित हो गया है।
121 करोड़ की ऐतिहासिक बोली

इस स्वर्ण खदान के लिए हुई ई-नीलामी प्रक्रिया में मुंबई की कंपनी ‘प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड’ ने सबसे ऊंची बोली लगाई। कंपनी ने 121 करोड़ रुपए की बोली के साथ इमलिया गोल्ड ब्लॉक की खनन लीज हासिल की। इसके बाद, कंपनी और कटनी के कलेक्टर आशीष तिवारी के बीच खनन अनुबंध (एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे खनन का रास्ता आधिकारिक तौर पर साफ हो गया।
50 साल की खोज का अंत

इमलिया में सोने की मौजूदगी की खोज पिछले पांच दशकों से चल रही थी। बीते एक साल में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाई गई, जिसके परिणामस्वरूप यह परियोजना अब हकीकत बनने की दहलीज पर है। इस समझौते ने जिले में बड़े निवेश, विकास और रोजगार की नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं।
बदलेगी जिले की पहचान

अब तक कटनी की पहचान चूना पत्थर और संगमरमर जैसे खनिजों से होती थी, लेकिन अब यह सोने की चमक से भी जाना जाएगा। इस परियोजना से न केवल राज्य सरकार को राजस्व का लाभ होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह मध्यप्रदेश के खनिज इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने दिया था बड़ा संकेत

इस परियोजना को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार सक्रियता रही। 18 सितंबर को बड़वारा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से कटनी को कनकपुरी की संज्ञा देते हुए इमलिया गांव में स्वर्ण भंडार की सार्वजनिक जानकारी दी थी। इसके बाद नवरात्रि के पहले दिन ही खनन से जुड़ा एग्रीमेंट होना, इस परियोजना की प्राथमिकता और गंभीरता को दर्शाता है।

यह है सोना व उत्पादन का स्तर

खनन विभाग की तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार इमलिया गोल्ड ब्लॉक से प्रतिवर्ष लगभग 33,214 टन अयस्क उत्पादन का अनुमान है। यहां कुल स्वर्ण खनिज भंडार 3,57,789 टन बताया गया है, जिसमें से 3,35,059 टन खानयोग्य है। तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, प्रति टन अयस्क से औसतन 1.13 ग्राम सोना निकलने की संभावना है। इसके अलावा तांबा 2,71,632 टन, लेड-जिंक 3,88,726 टन, चांदी 3,86,468 टन का अनुमान है।

रोजगार और विकास की नई उम्मीद

गांव और आसपास के क्षेत्र में इस परियोजना को लेकर उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि खनन शुरू होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार, बेहतर सडक़, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। इमलिया की पहचान अब सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जानी जाएगी। अब तक देश में बड़े पैमाने पर स्वर्ण खनन कर्नाटक के कोलार और हत्ती क्षेत्रों तक सीमित था, लेकिन इमलिया खदान के शुरू होते ही मध्यप्रदेश भी स्वर्ण उत्पादक राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा। मार्च से शुरू होने वाला यह खनन न केवल कटनी को स्वर्ण नगरी के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई ऊंचाई देगा।

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