इंदौर में पानी की गंभीर कमी, 60 क्षेत्रों में पानी बंद; 35 मौतों के बाद हालात चिंताजनक

 इंदौर

इंदौर शहर के भागीरथपुरा में हुई 35 मौतों का मामला अभी थमा भी नहीं था कि अब शहर में जल संकट की स्थिति ने लाखों शहरवासियों को परेशान कर दिया है। शुक्रवार के बाद आज यानी शनिवार को भी जल संकट बरकरार रहेगा। नर्मदा परियोजना के तीसरे चरण के तहत जलूद में 1200 एमएम की मुख्य पाइपलाइन बदलने, सोलर प्लांट के कार्यों और राजीव गांधी चौराहे पर 1100 एमएम लाइन के लीकेज सुधारने के चलते 20 फरवरी की सुबह से बंद किए गए पंपों को आज भी शहर के बड़े इलाके के लिए नहीं खोला जाएगा। इससे करीब करीब लाखों लोग प्रभावित होंगे।

नर्मदा तीसरे चरण के पंप बंद रहने से शनिवार, 21 फरवरी को सुबह 60 टंकियों से होने वाली जलापूर्ति ठप रहेगी। इस कारण संबंधित क्षेत्रों के निवासियों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ेगा।

-प्रमुख योजनाएं: स्कीम 54, स्कीम 59, स्कीम 71, स्कीम 74, स्कीम 78 (स्लाइस 1 व 2), स्कीम 94, स्कीम 113, स्कीम 114 (पार्ट 1 व 2) और स्कीम 136।

-मध्य एवं उत्तर इंदौर: एमआईजी, तुकोगंज, यशवंत क्लब, एमवायएच, पीडब्ल्यूडी, सीपी शेखर नगर, पागनिसपागा, गाड़ी अड्डा, स्नेह नगर, खातीवाला और काटन अड्डा।

-पूर्वी इंदौर और विजयनगर: खजराना, महालक्ष्मी नगर, सुखलिया, वीणा नगर, लवकुश विहार, बर्फानी धाम, बजरंग नगर, नंदा नगर (नई, पुरानी और रोड नं. 13) और जनता क्वार्टर।

-दक्षिण एवं पश्चिमी इंदौर: बिलावली, भवरकुआ, रेती मंडी, सूर्यदेव नगर, हवा बंगला, विदुर नगर, ग्रेटर वैशाली, प्रगति नगर, चंदन नगर, अंबिकापुरी, नगीन नगर और मित्रबंधु नगर।

-अन्य प्रभावित बस्तियां: मूसाखेड़ी, टूटी प्रेस, शिव नगर, महावीर नगर, कुलकर्णी का भट्टा, अंबेडकर नगर, साईं कृपा, लोहा मंडी, राजीव आवास विहार, भागीरथपुरा, ईंट भट्टा, उर्दू स्कूल और मां विहार।

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