बीजेपी विधायक का बयान- सिंगरौली में पेड़ कटाई से कोई नुकसान नहीं, कांग्रेस MLA ने उठाया मुद्दा

भोपाल 

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज बुधवार को आठवां दिन है। सिंगरौली में अदानी समूह की कोल माइंस के लिए पेड़ कटाई के मामले पर भाजपा विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि पेड़ कटाई से सिंगरौली का एक पैसे का नुकसान नहीं होगा।उन्होंने कहा कि कोल माइंस के लिए पेड़ काटना जरूरी है, क्योंकि बिना कोयले के बिजली और बिना बिजली के पानी संभव नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि पेड़ कटाई के बजाय विस्थापन और मुआवजे के मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए।

सिंगरौली के प्रदूषण पर उन्होंने कहा कि वे वहीं के निवासी हैं और असली समस्या जमीन, विस्थापन और मुआवजे की है, जिस पर सरकार काम कर रही है।अदानी को खदान मिलने पर उन्होंने कहा कि खदान नीलामी प्रक्रिया से मिलती है और अदानी के अलावा एस्सार, जेपी और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड जैसी कंपनियां भी वहां काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि जहां उद्योग होगा, वहां प्रदूषण होगा, लेकिन उसके रोकथाम के लिए सरकार प्रयास कर रही है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस मामले को लेकर गंभीर हैं।इधर, चुरहट से कांग्रेस विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल और पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह प्रदेश में निराश्रित जानवरों से किसानों की फसलें नष्ट होने और सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित होने और एक्सीडेंट का मामला ध्यानाकर्षण के जरिए उठाएंगे।

जबलपुर उत्तर पूर्व से बीजेपी विधायक अभिलाष पांडेय प्रदेश में बढ़ती आगजनी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए फायर सेफ्टी कानून और नियमित ऑडिट की व्यवस्था न होने का मामला ध्यानाकर्षण के जरिए उठाएंगे।वहीं, विधानसभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल राय और मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री तेजीराम सरयाम को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

निराश्रित पशुओं से फसल नुकसान और यातायात बाधा का मुद्दा उठा

विधायक अजय अर्जुन सिंह ने प्रदेश में निराश्रित पशुओं के कारण किसानों की फसलें नष्ट होने और सड़कों पर यातायात बाधित होने से उत्पन्न गंभीर स्थिति की ओर पशुपालन मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के चलते किसानों को न तो मुआवजा मिल पा रहा है और न ही समस्या का स्थायी समाधान हो रहा है।

इस पर पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम द्वारा आवारा पशुओं को पकड़ा गया है तथा संबंधित पशुपालकों पर जुर्माना भी लगाया गया है।

वन भूमि अतिक्रमण और बाहरी मजदूरों पर विधानसभा में हंगामा
सरोज विकासखंड में बाहरी मजदूरों से काम कराए जाने और वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर विधानसभा में तीखी बहस देखने को मिली। विधायक उमाकांत शर्मा ने आरोप लगाया कि सरोज विकासखंड में स्थानीय मजदूरों की अनदेखी कर बाहर के मजदूरों से कार्य कराया गया, जिसमें अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित समिति में उन्हें भी शामिल किया जाए।

शर्मा ने कहा कि लटेरी और सिरोंज क्षेत्र में वन भूमि पर कब्जा कर खेती की जा रही है, लेकिन अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंत्री को आवेदन दिया गया था और एक ऑडियो क्लिप भी उपलब्ध कराई गई है, जिसमें वनरक्षक, डिप्टी रेंजर और ठेकेदार के बीच बातचीत सामने आई है। उनका आरोप है कि ऐसे मामलों से सरकार की छवि धूमिल हो रही है और कुछ अधिकारी सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

वहीं कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर मंत्री के जवाब को गोलमोल बताते हुए कहा कि दो दिन पहले उमरिया जिले में शेर के शिकार के मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारण वे रिहा हो गए।

इस पर मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि जहां स्थानीय स्तर पर मजदूर उपलब्ध नहीं होते, वहां बाहर से मजदूर बुलाना आवश्यक हो जाता है। पौधों के मूल्यांकन के लिए बाहरी संस्थाओं की सेवाएं ली जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है।

श्रमिकों के भुगतान पर विधानसभा में घमासान

वनमंडल विदिशा में पौधरोपण कार्य और श्रमिकों के भुगतान को लेकर विधानसभा में सवाल उठा। बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने श्रमिकों के भुगतान संबंधी जानकारी मांगी, लेकिन वन विभाग ने बैंक खातों के नंबर साझा करने से इंकार कर दिया।

विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा कि भुगतान का पूरा विवरण नहीं दिया गया और बैंक खाते की जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर बाहरी मजदूरों को काम करते देखा गया है। उन्होंने मामले की प्रदेश स्तरीय टीम से जांच कराने की मांग की।

इस पर वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने जवाब देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के बैंक खाते की जानकारी सार्वजनिक करने की एक मर्यादा होती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि व्यक्तिगत तौर पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।

प्रश्नकाल में जजों की सुरक्षा पर गरमाई बहस, हर मजिस्ट्रेट को गनमैन देने की मांग

विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान जजों की सुरक्षा का मुद्दा गूंजा। भाजपा विधायक हरिशंकर खटीक ने हर न्यायिक मजिस्ट्रेट को एक-एक गनमैन उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

इस पर मंत्री गौतम टेटवाल ने जवाब देते हुए कहा कि जजों को आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। यदि कोई विशेष परिस्थिति उत्पन्न होती है तो स्थानीय स्तर पर पुलिस अधीक्षक (SP) सुरक्षा को लेकर निर्णय लेते हैं। इसके अलावा आवेदन प्राप्त होने पर राज्य सुरक्षा समिति द्वारा समीक्षा कर आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। विधायक हरिशंकर खटीक ने पुनः मांग दोहराते हुए कहा कि प्रत्येक न्यायिक मजिस्ट्रेट को अनिवार्य रूप से एक-एक गनमैन दिया जाना चाहिए।

सहारा समूह से जुड़े मामलों को लेकर घमासान
विधानसभा के प्रश्नकाल में सहारा समूह से जुड़े मामलों और निवेशकों की धनवापसी का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। जयवर्धन सिंह ने सरकार से सहारा इंडिया कंपनी के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों और निवेशकों की राशि वापसी पर विस्तृत जानकारी मांगी, जबकि मंत्री शिवाजी पटेल ने विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट की।

सहारा समूह पर एफआईआर को लेकर सवाल
प्रश्नकाल के दौरान जयवर्धन सिंह ने वर्ष 2020 से अब तक सहारा इंडिया के खिलाफ दर्ज एफआईआर की संख्या और की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी। उनका कहना था कि सरकार द्वारा दी गई जानकारी अपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग ने केवल भोपाल से संबंधित प्रकरणों की जानकारी दी है, जबकि उनके पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले छह वर्षों में 123 एफआईआर दर्ज हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे निवेशकों की गाढ़ी कमाई इस मामले में फंसी हुई है, इसलिए सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ जवाब देना चाहिए।

सरकार का जवाब और सुप्रीम कोर्ट का हवाला
मंत्री शिवाजी पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि यह गंभीर और चिंताजनक विषय है, क्योंकि बड़ी संख्या में छोटे निवेशकों की राशि इसमें अटकी है। उन्होंने बताया कि विधानसभा सचिवालय द्वारा 1 जनवरी 2024 तक की स्थिति मांगी गई थी, जिसके अनुसार चार नई एफआईआर दर्ज हुई हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। मुख्य प्रकरण कोतवाली मुरैना में दर्ज है और अन्य संबंधित प्रकरण उसी में संलग्न कर जांच की जा रही है। पुलिस नियमानुसार सभी मामलों की जांच कर रही है।

6679 करोड़ में से केवल 355 करोड़ वितरित
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इस प्रकरण में अब तक 9 लाख 6 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 7.30 लाख आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। राशि के संदर्भ में मंत्री ने बताया कि कुल 6679 करोड़ रुपये में से अब तक 355 करोड़ रुपये निवेशकों को वितरित किए गए हैं। इस पर जयवर्धन सिंह ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह कुल राशि का मात्र लगभग 5 प्रतिशत है। उनके अनुसार करीब 6300 करोड़ रुपये अभी भी निवेशकों को मिलना बाकी है, जो सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय होना चाहिए।

सिंगरौली में पेड़ कटाई से नहीं होगा एक पैसे का नुकसान: विधायक रामनिवास शाह

सिंगरौली में पेड़ कटाई के मुद्दे पर विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि इससे जिले को “एक पैसे का भी नुकसान” नहीं होगा। उनका कहना है कि स्थानीय जनता की मुख्य चिंता विस्थापन और उसके अधिकारों को लेकर है, और सरकार इन अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि चर्चा पेड़ कटाई पर नहीं, बल्कि विस्थापन और मुआवजे (कंपनसेशन) की समस्या पर होनी चाहिए। सरकार की प्राथमिकता भी यही है कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा और पुनर्वास मिले। शाह ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के लिए पेड़ कटेंगे और परियोजनाएं बनेंगी, लेकिन मूलभूत समस्याओं के समाधान पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। विधायक ने कहा कि सिंगरौली में कंपनियों का आना कोई नई बात नहीं है। अडानी पहली बार नहीं आई है, इससे पहले भी कई कंपनियां यहां काम कर चुकी हैं।

कांग्रेस के विरोध पर उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है। जब उनसे कहा जा रहा है कि उनका प्रतिनिधिमंडल संबंधित पक्षों से मिलकर अपनी समस्याएं रखे, तो वे इसके लिए तैयार नहीं हो रहे हैं।

 

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