सेंसेक्स 2400 और निफ्टी 700 अंक लुढ़का

नई दिल्ली.

अमेरिका-ईरान युद्ध ने भारतीय शेयर बाजार को गहरी चोट दी है. पिछले छह सत्रों में से पांच में बाजार में गिरावट देखने को मिली है. खास बात यह है कि पिछले चार दिनों में ही निवेशकों को 13.46 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने दलाल स्ट्रीट का मूड बुरी तरह बिगाड़ दिया और निवेशकों ने ताबड़तोड़ बिकवाली की. आखिरी कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को भारतीय बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 ताश के पत्तों की तरह ढह गए.

कारोबार के आखिरी घंटों में बिकवाली का ऐसा भूचाल आया कि सेंसेक्स 1,097 अंक लुढ़ककर 78,918.90 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी ने भी 315.45 अंक का गोता लगाई और 24,450.45 के स्तर पर सिमट गया. बीएएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप, जो 27 फरवरी को 463.25 लाख करोड़ रुपये था वह 6 मार्च तक घटकर 449.79 लाख करोड़ रुपये रह गया. बाजार विश्‍लेषक मान रहे हैं कि युद्ध लंबा चला तो यह नुकसान और भी गहरा हो सकता है.

52 हफ्ते के निचले स्तर पर कई नामी कंपनियां
बाजार में बिकवाली का आलम यह था कि बीएसई 500 की कई दिग्गज कंपनियां अपने 52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गईं. इनमें एसीसी लिमिटेड, अंबुजा सीमेंट्स, बर्जर पेंट्स इंडिया, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड और सोनाटा सॉफ्टवेयर जैसी कंपनियां शामिल हैं. 4,374 शेयरों में से 2,304 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 258 शेयर अपने साल के सबसे निचले स्तर को छू गए.

बैंकिंग सेक्टर में ‘रक्तपात’
बाजार की इस गिरावट में सबसे बड़ी भूमिका बैंकिंग सेक्टर ने निभाई. सेंसेक्स के शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक सबसे बड़ा लूजर रहा, जिसके शेयर 3.39% तक गिर गए. इसके अलावा एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और भारतीय स्टेट बैंक में भी 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. बीएसई बैंकेक्स और बीएसई ऑटो इंडेक्स में भारी बिकवाली रही. अल्ट्राटेक सीमेंट और लार्सन एंड टुब्रो जैसे भारी वजन वाले शेयरों ने भी बाजार को नीचे खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी. हालांकि, इस सुनामी के बीच भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), रिलायंस इंडस्ट्रीज और सन फार्मास्युटिकल जैसे शेयरों ने थोड़ी मजबूती दिखाई और हरे निशान में बंद हुए.

संभलेगा या और गिरेगा बाजार
शेयर बाजार विश्‍लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए अब 24,600 और 24,700 के स्तर बड़ी रेजिस्टेंस बन गए हैं. यदि निफ्टी 24,300 के स्तर से नीचे फिसलता है तो यह तेजी से 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक गिर सकता है. युद्ध की अनिश्चितता के बीच निवेशकों को फिलहाल आक्रामक खरीदारी से बचना चाहिए.

More From Author

खामेनेई के बेटे मोजतबा बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर

दुर्ग में ट्रैफिक जाम रोकने सूर्या मॉल और नेहरू नगर चौक बनेगा लेफ्ट फ्री

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.