टिकट न मिलने पर शिवम दुबे का अनोखा सफर, फ्लाइट छोड़ थर्ड एसी से छिपते-छिपाते पहुंचे घर

नई दिल्ली
टी20 वर्ल्ड कप के स्टार शिवम दुबे अहमदाबाद से अपने घर मुंबई फ्लाइट से नहीं, बल्कि ट्रेन से गए। वो भी फर्स्ट क्लास में नहीं बल्कि थर्ड एसी में। उन्हें डर भी लग रहा था कि कोई उन्हें पहचान न ले। टीसी ने जब शिवम दुबे नाम पुकारा और पूछा कि वो क्रिकेटर तब उनकी पत्नी ने मामला संभाला।

टी20 विश्व कप के हीरो शिवम दुबे फाइनल में भारत की ऐतिहासिक खिताबी जीत के बाद कुछ ऐसा किया जिसकी अब खूब चर्चा हो रही है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार रात को दुबे ने अपनी बल्लेबाजी का कुछ ऐसा जलवा बिखेरा कि पूरा स्टेडियम दुबे-दुबे के शोर से गुंजायमान हो गया। आखिरी ओवर में उन्होंने 24 रन ठोककर भारत को ढाई सौ के पार पहुंचाया था। आखिरकार भारत तीसरी बार टी20 विश्व कप का सिरमौर बना। स्टेडियम ही नहीं पूरा देश जश्न में डूब गया। देर रात तक जश्न मनता रहा। इस बीच सूरज निकलने से पहले ही विश्व कप का ये हीरो अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर था और सयाजी एक्सप्रेस की थर्ड एसी में छिपते-छिपाते सफर करके मुंबई पहुंचा।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक शिवम दुबे ने ये फैसला तब किया जब सोमवार को अहमदाबाद से मुंबई जाने वाली सभी फ्लाइटें पूरी तरह बुक थीं। दुबे को घर पहुंचने की जल्दी थी। वह अपने चार साल के बेटे अयान और दो साल की बेटी महविश के पास जल्द से जल्द पहुंचना चाहते थे जो मुंबई में उनके घर पर थे। आखिरकार उन्होंने पत्नी अंजुम के साथ ट्रेन से जाने का फैसला किया। दुबे अच्छी तरह जानते थे कि ट्रेन से जाना उनके लिए कितना जोखिमभरा होगा। वर्ल्ड कप स्टार को देखने, मिलने, उसके साथ फोटो खिंचाने के लिए लोगों की भीड़ टूट ही जाती। लेकिन दुबे ने इसका रास्ता निकाला।

दुबे ने बताया, 'कोई फ्लाइट उपलब्ध नहीं थी, इसलिए मैंने सुबह-सुबह अहमदाबाद से मुंबई के लिए ट्रेन पकड़ने का फैसला किया। हम सड़क मार्ग से भी जा सकते थे लेकिन ट्रेन जल्दी पहुंचाती।' दुबे ने आगे बताया कि कैसे उनके ट्रेन से जाने की योजना के बारे में जानने के बाद परिवार वाले और दोस्त चिंतित थे। उन्होंने बताया, ‘मैं, मेरी पत्नी और एक दोस्त ने ट्रेन से जाने का फैसला किया। थर्ड एसी के टिकट उपलब्ध थे इसलिए हमने उसे बुक करने का फैसला किया। परिवार और दोस्तों में जिस किसी से भी हमने बात की वो सभी चिंता में थे। क्या होगा अगर कोई मुझे स्टेशन पर या ट्रेन में पहचान ले?’

समस्या गंभीर थी। दुबे ने रास्ता निकाला। तय हुआ कि चेहरा ढ़ककर जाएंगे। मास्क लगाया। टोपी पहनी। पूरी बांह की टी-शर्ट पहनी और भोर में कार से स्टेशन के लिए रवाना हो गए। सोचा था कि ट्रेन सुबह-सुबह 5 बजकर 10 मिनट की है तो उस वक्त स्टेशन पर भीड़ नहीं होगी। लेकिन ऐसा नहीं था। वहां क्रिकेट फैंस का हुजूम था। कुछ तिरंगे के रंग में रंगे हुए थे।

दुबे ने बताया, ‘मैंने अपनी पत्नी को कहा कि मैं अपनी कार में ही इंतजार करता हूं और ट्रेन के निकलने से 5 मिनट पहले निकलूंगा। उसके बाद मैं तेजी से ट्रेन में चढ़ जाऊंगा।’ हुआ भी ऐसा। दुबे को थर्ड एसी में एक टॉप बर्थ मिली हुई थी। सफर के दौरान भी डर था कि कहीं कोई सहयात्री न पहचान ले। एक बार तो उनकी पहचान उजागर होते-होते बची। दरअसल जब टिकट चेकर आया तो उसने बोला- शिवम दुबे? वो कौन है, क्रिकेटर? उस वक्त शिवम दुबे की पत्नी अंजुम ने तत्काल सूझबूझ दिखाई। उन्होंने तपाक से कहा, 'नहीं, नहीं। वो कहां से आएगा।' उसके बाद टीसी चला गया।

रात में शिवम दुबे वॉशरूम जाने के लिए अपनी बर्थ से उतरे लेकिन आने-जाने के दौरान कोई सहयात्री उन्हें पहचान नहीं पाया। ट्रेन में तो कोई दिक्कत नहीं हुई लेकिन दुबे को डर था कि जब वह दिन में बोरिवली उतरेंगे तब लोगों की निगाह से शायद ही बच पाएंगे। आखिरकार उन्होंने पुलिस को फोन करके मदद मांगी। पुलिस वालों को पहले लगा कि वह एयरपोर्ट पर आ रहे हैं लेकिन जब उन्हें पता चला कि दुबे तो ट्रेन से आ रहे हैं तब वे हैरान रह गए। इस तरह भीड़ से बचते-बचाते दुबे किसी तरह अपने घर पहुंचे।

 

More From Author

प्रदेशव्यापी अभियान के तहत 409 वाहनों की हुई गहन जांच, 29.65 लाख रुपये वसूला गया जुर्माना

पोल निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बनीं सेमरिहा की फूलमती सिंह मेहनत और आत्मविश्वास से बदली तकदीर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13766/145

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.