9 साल पहले जो सपना उत्तरप्रदेश के इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनने का था, वह आज हकीकत बनने की ओर:CM

लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। योगी सरकार ने इस दौरान न केवल आधारभूत ढांचे को मजबूत किया, बल्कि डिजिटल हेल्थ, आपात सेवाओं, मातृ-शिशु देखभाल समेत स्वास्थ्य सेवा के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश आज कई स्वास्थ्य मानकों पर देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है।

5.76 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किए गए
योगी सरकार ने प्रदेश में डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 5.76 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किए हैं। माइक्रोसाइट प्रोजेक्ट के तहत 35 माइक्रोसाइट्स का संचालन किया जा रहा है, जहां 4.4 लाख से अधिक रिकॉर्ड पंजीकृत कर प्रदेश ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस पोर्टल के माध्यम से रोगों की निगरानी और रोकथाम को अधिक प्रभावी बनाया गया है। अस्पतालों में चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यक्षमता पर नजर रखने के लिए ‘केयर मॉडल’ लागू किया गया है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क अल्ट्रासाउंड के लिए ई-वाउचर की सुविधा दी गई है। जननी सुरक्षा योजना के तहत 13,51,044 लाभार्थियों को लाभ मिला है, जबकि बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 8,79,642 बच्चों का उपचार किया गया है। दस्तक अभियान के जरिए एईएस-जेई जैसी बीमारियों के खिलाफ सघन अभियान चलाया गया। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 22,681 आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित हैं। आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट के तहत 13.18 करोड़ से अधिक लोगों का पंजीकरण किया गया है। हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री में 81,615 से अधिक पंजीकरण कर प्रदेश देश में अग्रणी बना है।

मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के जरिए 1.80 करोड़ से अधिक मरीजों का उपचार
आयुष्मान भारत योजना के तहत 1.31 करोड़ परिवारों के 5.59 करोड़ लाभार्थियों के कार्ड बनाए गए हैं। 9 करोड़ से अधिक लोगों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क चिकित्सा सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 7.34 करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत 50.64 लाख परिवारों के 1.50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा दी गई है। स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार में भी प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। सभी जिलों में 873 जन औषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। 63,407 हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन के साथ उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। प्रदेश में अब तक 13,353 करोड़ रुपये खर्च कर 81.55 लाख मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है। आयुष्मान योजना से जुड़े 6,213 अस्पतालों (2950 सरकारी और 3263 निजी) का नेटवर्क देश में सबसे बड़ा है। आपातकालीन सेवाओं में 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से 4 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिला है। एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाकर 375 कर दी गई है। एम्बुलेंस सेवाओं की पहुंच और क्षमता में सुधार करते हुए प्रतिदिन की दूरी 60 किमी से बढ़ाकर 120 किमी कर दी गई है। इसके साथ ही मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के जरिए 1.80 करोड़ से अधिक मरीजों का उपचार किया गया है।

प्रदेश के सभी जिलों में मिल रही डायलिसिस की निशुल्क सुविधा
योगी सरकार में प्रदेश में 75 जिलों के अस्पतालों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे 41.46 लाख से अधिक मरीज लाभान्वित हुए हैं। जिलों में सीटी स्कैन सेवा शुरू की गई है। दूरदराज के क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन और टेली कंसल्टेशन के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन की स्थापना की, जिससे दवाओं की गुणवत्ता और आपूर्ति में पारदर्शिता आई है। साथ ही, 798 स्वास्थ्य इकाइयों को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है। खाद्य सुरक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी प्रदेश ने कदम बढ़ाए हैं। 36 मोबाइल प्रयोगशालाओं के माध्यम से खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। लखनऊ, मेरठ और वाराणसी में माइक्रोबायोलॉजी लैब स्थापित कर खाद्य गुणवत्ता की निगरानी को मजबूत किया गया है। फार्मास्यूटिकल रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए ‘प्रमोद फार्म’ संस्था की स्थापना भी की गई है। इसके अलावा, प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना लागू की गई है, जिससे उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है। वहीं, विभिन्न विभागों से जुड़े लाखों परिवारों को भी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में शामिल किया गया है।

निवेश मित्र 3.0 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का सम्बोधन :उत्तरप्रदेश देश के अंदर इन्वेस्टमेंट के बेहतरीन डेस्टिनेशन के रूप मे खुद को स्थापित कर सके, जो सपना आज से 9 वर्ष पहले हमने देखा था, आप सब की उपस्थिति उस सपने को जमीनी धरातल पर हकीकत में उतारने वाली है।

 आपने प्रदेश की डबल इंजन वाली सरकार पर विश्वास किया,तो आपके विश्वास पर खरा उतरने के लिए उस प्रकार का वातावरण आपको मिल सके,इसको प्रदेश सरकार ने प्रभावी ढंग से जमीनी धरातल पर उतारकर प्रस्तुत किया है।

इसके कारण आज पूरे देश मे किसी भी उद्यमी के लिए निवेश के सबसे पसंदीदा निवेश स्थल उत्तरप्रदेश होता है।

यह विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है,इस विश्वास को पिछली सरकारों ने तोड़ा था,उत्तरप्रदेश वासियों और नौजवानों के सपना तोड़ा था।

देश के सबसे बड़े राज्य के सामने वजूद के संकट खड़े किए गए थे।
आज मैं दावे के साथ कह सकता हूँ आपका जो विश्वास डबल इंजन की सरकार पर हुआ है, उस विश्वास पर खरी उतरने के लिए हमारी टीम यूपी ने परिश्रम किया।

निवेश मित्र 3.O कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा  – 
उत्तरप्रदेश भारत का फूड बॉस्केट भी कहा जाता है। बीच के कालखंड में किसान ने इससे पलायन किया,आत्महत्या करने पर मजबूर हुए। स्थितियां बहुत खराब थी,लेकिन पिछले 9 वर्ष में हमने इस सेक्टर को और अच्छे ढंग से आगे बढ़ाया।

परिणाम क्या हुआ, भारत के कुल कृषि योग्य भूमि का 11% यूपी के पास है,और खाद्यान्न उत्पादन 21% कर रहा है,यानी 11 फीसदी भूमि में 21 फीसदी उत्पादन करके उत्तरप्रदेश फूड बास्केट के रूप में खुद को पुनर्स्थापित भी कर रहा है।

पहचान का संकट किसने खड़ा किया था?
हर थाना क्षेत्र में,हर जनपद में समानांतर सरकार चलाने वाले माफिया गिरोहों ने खड़ा किया था,वह किसी न किसी राजनेता के गुर्गे के रूप में समानांतर सरकार चलाता था।

किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित नहीं रहने देता था,न व्यापारी को,न बेटी को,न सामान्य नागरिक को।

तब हमने तय किया कि इस माफिया की कमर तोड़नी है,और उत्तरप्रदेश में इसको क्रैश करना है,हम ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेंगे।

यह ज़ीरो टॉलरेंस आज भी बना हुआ है,माफिया कोई भी हो,किसी का भी सरपरस्त हो,अगर उसने कहीं दुस्साहस किया तो यह मान कर चलिए वह यमराज के यहां का टिकट काट रहा है।

त्तरप्रदेश औद्योगिक निवेश का  बेहतरीन गंतव्य बने,पिछले 9 वर्ष में इसके लिए अनेक प्रयास किये गए।

मुझे याद है,2017 में जब हम निवेश की बात करते थे,एक सामान्य शिष्टाचार वश मिलने के लिए भले ही कोई आ जाय, लेकिन जब हम प्रदेश के बाहर कहीं जाकर कहते थे कि यूपी आइए निवेश करिये, तो कहते थे यूपी?

कुछ लोग चुप हो जाते थे,लेकिन कुछ लोग कहते थे कि हमने 5 साल पहले संकल्प ले लिया था कि यूपी नही जाएंगे,लेकिन आप आये हैं तो एक बार प्रयास करेंगे!!!

इतना बोलकर हमारी वार्ता समाप्त हो जाती थी,ये 2017 में सच्चाई थी जिसको हमने फेस किया था..

More From Author

कलेक्टर ने जनदर्शन सुनी आमलोगों की समस्याएं संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश

हरे निशान में शेयर बाजार की शानदार क्लोजिंग, सेंसेक्स में 1372 अंकों की छलांग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13695/1

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.