ज्योतिष गणना,अप्रैल में बनेगा ‘मालव्य राजयोग’, इन 4 बड़े ग्रहों के राशि परिवर्तन से मचेगी हलचल

अप्रैल महीने से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत होती है. हिंदू कैलेंडर और धार्मिक लिहाज से अप्रैल का महीना बहुत खास महत्व का होता है. सनातन धर्म में इस माह कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं. मार्च-अप्रैल के महीने में ही हिंदू नववर्ष का आरंभ भी होता है.

पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि ग्रह गोचर के लिहाज से अप्रैल का महीना बड़ा ही ख़ास माना जा रहा है. सूर्य, बुध, मंगल और शुक्र ये चार बड़े ग्रह अप्रैल के महीने में राशि परिवर्तन करेंगे. महीने की शुरुआत में मंगल का गोचर मीन राशि में होगा. इसके बाद बुध 11 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश करेंगे. वहीं सूर्य का गोचर 14 अप्रैल को अपनी उच्च राशि मेष में होगा. 19 अप्रैल को

शुक्र ग्रह अपनी स्वराशि वृषभ में गोचर कर जाएंगे.
इस महीने सूर्य, मंगल, बुध और शनि की युति मीन राशि में होगी. शनि और सूर्य पहले से ही मीन राशि में मौजूद हैं. वहीं, इस महीने शुक्र का गोचर भी स्वराशि वृषभ में होगा. शुक्र के स्वराशि वृषभ में गोचर करने से मालव्य राजयोग बनेगा. ज्योतिष शास्त्र में मालव्य राजयोग को प्रभावशाली और शक्तिशाली राजयोग माना गया है.

2 अप्रैल 2026 को मंगल मीन राशि में गोचर करेंगे, जिससे भावनात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा में वृद्धि होगी. इसके बाद 11 अप्रैल को बुध भी मीन राशि में प्रवेश करेंगे. फिर 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में गोचर करेंगे, जहां वह उच्च के माने जाते हैं. वहीं 19 अप्रैल को शुक्र वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, जो सुख-सुविधाओं, प्रेम और भौतिक सुखों में वृद्धि का संकेत देता है. वहीं महीने के अंत में 30 अप्रैल को बुध मेष राशि में गोचर करेंगे, जिससे निर्णय लेने की क्षमता तेज होगी. ऐसे में ग्रहों के इस महत्वपूर्ण बदलाव का असर सभी राशियों पर पड़ेगा.

2 अप्रैल को मंगल का मीन राशि में गोचर
अप्रैल माह में पृथ्वी पुत्र और युद्ध के देवता मंगल गुरु ग्रह की राशि मीन में प्रवेश करेंगे. 02 अप्रैल को मंगल मीन राशि में गोचर करने वाले हैं, जहां पर पहले से शनिदेव विराजमान हैं जिसके कारण मीन राशि में शनि-मंगल की युति बनेगी. मीन राशि पर देवगुरु बृहस्पति का स्वामित्व होता है. वहीं ज्योतिष में शनिदेव को कर्मफलदाता और मंगल को युद्ध, साहस, पराक्रम और भूमि आदि का कारक ग्रह माना जाता है. शनि और मंगल दोनों की ही गिनती पाप ग्रहों में होती है और दोनों का एक ही राशि में आने से प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिलेगा. हालांकि कुंडली में ग्रहों की स्थिति से कुछ राशि वालों के लिए बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे कुछ राशि वालों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को भी मिल सकता है.

11 अप्रैल को बुध का मीन राशि में गोचर
बुध 11 अप्रैल 2026 को मेष राशि की यात्रा को विराम देते हुए मीन राशि में गोचर करेंगे. बुध के राशि परिवर्तन से लोगों में रचनात्मकता बढ़ेगी. शेयर मार्केट बढ़ने की संभावना है. बाजार में खरीदारी बढ़ सकती है. बिजनेस करने वाले लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा. अनाज और खाने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं. बुध के मीन राशि में गोचर करते ही राशि के जातकों को अच्छा धनलाभ हो सकता है.

14 अप्रैल को सूर्य का मेष राशि में गोचर
सूर्य हर एक माह में अपनी राशि बदलते हैं, जिसे सूर्य संक्रांति के नाम से जाना जाता है. ज्योतिष में सूर्य ग्रहों के राजा हैं. सूर्य 14 अप्रैल को मीन राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए मेष राशि में प्रवेश करेंगे. मेष राशि में सूर्य उच्च का फल देते हैं. ज्योतिष में सूर्य को एक महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है. सूर्य को आत्मा और पिता का कारक भी कहा गया है. सूर्य शुभ होने पर व्यक्ति को उच्च पद की प्राप्ति होती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य को सिंह राशि का स्वामी माना गया है. सूर्य के मीन से निकलकर मेष राशि में गोचर के साथ मीन मलमास समाप्त हो जायेगा और इसकी वजह से रुके हुए मांगलिक कार्यक्रम, विवाह आदि फिर से शुरू हो जाएंगे.

19 अप्रैल को शुक्र का वृषभ राशि में गोचर
रविवार 19 अप्रैल दोपहर 3:28 बजे शुक्र ग्रह अपनी ही राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे. वैदिक ज्योतिष में शुक्र को सुख, यश, प्रेम और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है. जब शुक्र अपनी ही राशि में प्रवेश करते है तो उसकी शक्ति और प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है. वृषभ एक स्थिर राशि है जो पृथ्वी तत्व से संबंधित है और भौतिक सुख-सुविधाओं से इसका गहरा जुड़ाव है. यह प्रभाव केवल भौतिक सुखों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में संतुलन, सौंदर्य और रचनात्मकता भी लाता है. शुक्र का वृषभ राशि में प्रवेश जीवन को अधिक सुखी और संतुलित बनाता है.

30 अप्रैल को बुध का मेष राशि में गोचर
बुध देव 30 अप्रैल 2026 को मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे और वे इस स्थिति में 14 मई तक रहेंगे. बुध के राशि परिवर्तन होने से इनकम, निवेश और लेन-देन पर असर पड़ता है. जिससे कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है तो कुछ लोगों को नुकसान भी होता है. इस ग्रह के कारण शेयर मार्केट से जुड़े लोग ज्यादा प्रभावित होते हैं. साथ ही शरीर में नसें, तंत्रिका तंत्र, गले और स्किन से जुड़ी बीमारी भी बुध की वजह से होती है. इस ग्रह के कारण तर्क शक्ति पर असर पड़ता है. साथ ही पत्रकारिता, शिक्षा, लेखन और वकालात से जुड़े लोगों के कामकाज में भी बड़े बदलाव होते हैं.

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