बदलते मौसम में पेट दर्द से राहत पाने के 6 अचूक आयुर्वेदिक उपाय, रसोई में मौजूद इन चीजों से मिलेगा तुरंत आराम

मौसम बदलने पर पेट दर्द और पाचन संबंधी समस्याएं होना आम बात है। मौसम बदलने पर तापमान के बढ़ने या घटने, वातावरण में नमी और बैक्टीरिया के स्तर में बदलाव के कारण गट हेल्थ प्रभावित होती है।

आयुर्वेद में अजवाइन, जीरा, सौंफ, अदरक, हींग, त्रिफला जैसी घरेलू औषधियों द्वारा पेट दर्द का उपचार किया जाता है। मौसम के अनुसार खानपान और लाइफस्टाल में बदलाव करके पेट दर्द की समस्या से बचा जा सकता है। इस लेख में हम पेट दर्द के आयुर्वेदिक उपचार , खानपान और लाइफस्टाइल की सही आदतों के बारे में बता रहे हैं।

पेट दर्द के 6 आयुर्वेदिक उपचार
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के सेवन से पेट दर्द से राहत पाई जा सकती है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है। नीचे दिए गए उपाय ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित हैं, लेकिन जिन लोगों को पुरानी बीमारी है, गर्भवती महिलाएं या जो लोग दवाएं ले रहे हैं, उन्हें ये उपचार नहीं करने चाहिए। जिन लोगों को लगातार गंभीर पेट दर्द रहता है, उन्हें अपना इलाज खुद नहीं करना चाहिए। नॉर्मल केस में पेट दर्द के लिए निम्नलिखित जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जा सकता है-

    अजवाइन– अजवाइन में थाइमोल होता है जो पाचक एंजाइम बनाने में मदद करता है। इसके सेवन से गैस व पेट फूलने से राहत मिलती है। पाचन में गड़बड़ी के कारण पेट में दर्द हो रहा है तो आधा चम्मच भुनी हुई अजवाइन को एक चुटकी काले नमक के साथ मिलाकर गर्म पानी के साथ सेवन करें। इसे दिन में एक या दो बार भोजन के बाद लिया जा सकता है।
    जीरा- जीरा भोजन पचाने में मदद करता है और पेट दर्द को भी कम करता है। पेट दर्द से राहत पाने के लिए एक गिलास पानी में एक चम्मच जीरा उबालें। फिर छानकर गर्म पानी को भोजन के बाद पी लें।
    सौंफ- भोजन के बाद एक चम्मच सौंफ चबाएं या सौंफ का पानी पिएं। सौंफ ठंडक प्रदान करती है जिससे पाचन क्रिया शांत होती है और पेट में एसिड का स्तर कम होता है।
    अदरक– अदरक के रस में नींबू के रस की कुछ बूंदें और एक चुटकी सेंधा नमक मिलाकर पीने से मतली और पेट दर्द से राहत मिल सकती है। अदरक में मौजूद जिंजरोल सूजन कम करने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में सहायक है।
    हींग– अगर गैस के कारण पेट दर्द हो रहा है तो हींग का उपचार फायदेमंद हो सकता है। एक चुटकी हींग को गर्म पानी में मिलाकर या नाभि के आसपास पेस्ट बनाकर लगाने से पेट दर्द से तुरंत आराम मिल सकता है।
    त्रिफला– त्रिफला यानी आंवला, बहेड़ा, हरड़ का मिश्रण पेट दर्द को कम करने और गट हेल्थ सुधारने में सहायक है। पेट दर्द से राहत पाने के लिए इसे रात में गर्म पानी के साथ लें।

पेट दर्द से राहत के लिए आयुर्वेदिक आहार
पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में आहार की महत्वपूर्ण भूमिका है। सही आहार पाचन तंत्र को उसकी प्राकृतिक अवस्था में वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयुर्वेद हल्के और गर्म भोजन के सेवन पर जोर देता है, जिसे आसानी से पचाया जा सके। पेट दर्द से राहत के लिए निम्नलिखित आयुर्वेदिक आहार का सेवन किया जा सकता है, साथ ही कुछ

चीजों से परहेज करना चाहिए-
    खिचड़ी, वेजीटेबल सूप और कम मसालों में पकी सब्जियां
    भुना हुआ जीरा मिलाकर तैयार की गई छाछ
    एसिडिटी है तो नारियल पानी, उबले चावल खाएं
    दिन भर गर्म पानी का सेवन
    तली-भुनी मसालेदार चीजें न खाएं
    प्रोसेस्ड फूड से परहेज करें
    समय पर भोजन करें
    अधिक मात्रा और देर रात में भोजन करने से बचें
    कैफीन और कार्बोनेटेड ड्रिंक से दूरी बनाएं
    चीनी का सेवन सीमित मात्रा में करें

पेट दर्द से राहत के लिए लाइफस्टाइल बदलें
आयुर्वेदिक में इस बात पर जोर दिया जाता है कि रोज की आदतें और लाइफस्टाइल बदलकर पाचन क्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है, जिससे पेट दर्द की समस्या से भी राहत मिल सकती है। इसके लिए-

    शांत वातावरण में बैठकर भोजन करें। खाते समय मोबाइल या किसी भी तरह की स्क्रीन से दूरी बनाएं। भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं।
    रोज नियमित समय पर भोजन करें। इससे पाचन क्रिया सुचारू रूप से चलती है और पेट संबंधी समस्याओं से बचाव होता है।
    शरीर को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ की जरूरत होती है इसलिए पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं। कोल्ड ड्रिंक की बजाय गुनगुना पानी पीना फायदेमंद है।
    तनाव पाचन संबंधी समस्याओं का मुख्य कारण है। इससे बचने के लिए योग, ध्यान और ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें।
    भोजन के बाद टहलना जरूरी है, इससे भोजन अच्छी तरह पचता है और पेट फूलने की समस्या नहीं होती।
    रात का भोजन करने के बाद कुछ भी खाने से बचें, इससे नींद अच्छी आती है। पर्याप्त नींद ( 7 से 8 घंटे) लेने से मेटबॉलिज्म अच्छा रहता है।

अच्छी सेहत के लिए पहल जरूरी
आयुर्वेद रोगों से बचाव करना सिखाता है। इसके लिए शरीर के संकेतों को समझना जरूरी है। आयुर्वेदिक नुस्खों से हल्के पेट दर्द का उपचार किया जा सकता है, लेकिन लगातार पेट दर्द, उल्टी, अचानक वजन कम होना, मल में खून आना और बहुत ज्यादा दर्द जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में रोगी की तुरंत जांच जरूरी है।

अच्छी सेहत के लिए अच्छी दिनचर्या की पहल जरूरी है। खान-पान की सही आदतें, नियमित योग-ध्यान, पर्याप्त नींद, एक्टिव लाइफस्टाइल से पेट दर्द की समस्या से आसानी से बचा जा सकता है।

 

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