5 और 6 अप्रैल को होगी एसआई भर्ती परीक्षा, राजस्थान में डमी कैंडिडेट और नकल माफियाओं पर कसता शिकंजा

जयपुर
 राजस्थान लोक सेवा आयोग आगामी 5 व 6 अप्रैल को उप-निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2025 कराने जा रही है। इस परीक्षा के लिए विशेष सुरक्षा के व्यवस्था की जाएगी। राजस्थान लोक सेवा आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के तहत अब परीक्षा में किसी भी प्रकार की जालसाजी, पेपर लीक या नकल की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी।

परीक्षा के लिए प्राधिकृत व्यक्ति या कर्मचारी द्वारा समय से पूर्व प्रश्न पत्र खोलना, गोपनीय सूचना साझा करना या ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध है। पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। परीक्षा केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से लैस महिला व पुरूष कर्मी तैनात रहेंगे।

रामनिवास मेहता ने बताया कि विशेष बात यह है कि इस कानून के तहत किए गए अपराध संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौता योग्य हैं। परीक्षा की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को पुलिस प्रशासन द्वारा बख्शा नहीं जाएगा और उसे कठोरतम कानूनी परिणामों का सामना करना होगा।

मेहता ने बताया कि नए नियमों के अनुसार, यदि कोई भी व्यक्ति परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करता है, प्रश्न पत्र लीक करने का षड्यंत्र रचता है या किसी दूसरे के स्थान पर परीक्षा (डमी कैंडिडेट) देता है, तो वह इस कानून के दायरे में होगा। इस अधिनियम के तहत अपराध करने वालों को न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। आर्थिक दंड के रूप में दोषियों पर 10 लाख रुपए से लेकर 10 करोड़ रुपए तक का भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है। इसके साथ ही अपराध में शामिल लोगों से पूरी परीक्षा का खर्च भी वसूला जाएगा और अपराध से अर्जित की गई उनकी संपत्ति की कुर्की व जब्ती भी की जाएगी।

41 शहरों के 1174 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा
मेहता ने बताया कि उक्त परीक्षा का आयोजन राज्य के 26 जिला मुख्यालयों व 15 उपखंड मुख्यालयों पर कुल 41 शहरों के 1174 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा, जिसमें कुल 7 लाख 70 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।

ब्लूटूथ से नकल पर नकेल, आरोपियों पर भी नजर
पुलिस के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा ब्लूटृूथ तकनीक पर किए गए सघन शोध के परिणामस्वरूप अब ऐसे आपराधिक तत्व भी निगरानी में हैं। रिसर्च के माध्यम से विकसित तकनीक एवं कौशल के परिणाम स्वरूप परीक्षा केन्द्रों पर जांच के दौरान सूक्ष्म से सूक्ष्म ब्लूटूथ डिवाइस को आसानी से पहचाना जाकर अपराधियों के के कुत्सित प्रयासों को रोका जा सकेगा।

रियल टाइम डेट एवं स्टैम्प के साथ होगी वीडियोग्राफी
अब परीक्षा केंद्रों पर होने वाली वीडियोग्राफी सामान्य न होकर पूरी तरह डिजिटल सुरक्षा मानकों से लैस होगी। इस नई व्यवस्था के तहत हर केंद्र पर होने वाली रिकॉर्डिंग में रियल टाइम डेट और टाइम स्टैम्प का होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया के दौरान होने वाली हर गतिविधि का सटीक समय और तारीख वीडियो फुटेज पर ही अंकित रहेगी, जिससे बाद में किसी भी स्तर पर साक्ष्य सिद्ध हो जाएगा।

ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन अनिवार्य
निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार, परीक्षार्थियों को ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन करना होगा। पुरुष अभ्यर्थियों को आधी आस्तीन के शर्ट, टी-शर्ट या कुर्ता और पेंट-पायजामा के साथ हवाई चप्पल या स्लीपर पहनकर आने की अनुमति होगी। वहीं, महिला अभ्यर्थी सलवार सूट या साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता या ब्लाउज और साधारण रबर बैंड लगाकर आ सकेंगी। सुरक्षा जांच में सहयोग के उद्देश्य से जूते और पूरी आस्तीन के कपड़े पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।

जांच के दौरान किसी भी प्रकार के आभूषण, घड़ी, चश्मा, बेल्ट, हैंडबैग, हेयर पिन, ताबीज, टोपी और स्कार्फ जैसे सामान पहनकर केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। सिख धर्म के अभ्यर्थियों को कड़ा, कृपाण और पगड़ी जैसे धार्मिक प्रतीकों के साथ प्रवेश की अनुमति रहेगी, हालांकि सुरक्षा जांच के दौरान यदि कोई अन्य संदिग्ध वस्तु पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। गहन फ्रिस्किंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी अभ्यर्थी केंद्र के भीतर आपत्तिजनक सामग्री या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस न ले जा सके।

समस्त साइबर कैफे व ई-मित्र रहेंगे बंद
परीक्षा केंद्रों की परिधि में पूर्ण अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे में स्थित साइबर कैफे एवं ई-मित्र केंद्रों को परीक्षा अवधि के दौरान बंद रखा जाएगा। परीक्षा परिसर में किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा। आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में गठित विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड और पर्यवेक्षी अधिकारी निरंतर केंद्रों का निरीक्षण करेंगे ताकि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर शिथिलता न रहे।

सतर्कता दलों की पैनी नजर और प्रपत्रों का डिजिटल सरलीकरण
परीक्षा के दौरान सुरक्षा और नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए विजिलेंस टीम को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। अब परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व और समाप्ति के बाद सतर्कता दल इस बात की गहनता से पड़ताल करेंगे कि केंद्रों पर नियुक्त केंद्राधीक्षक, वीक्षक और अन्य कार्मिक आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन कर रहे हैं या नहीं।

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