​रफ्तार और शक्ति का महासंग्राम बस्तर की धरा पर संपन्न हुई खेलो इंडिया एथलेटिक्स स्पर्धाएं

रायपुर

बस्तर की पावन धरा जगदलपुर के धरमपुरा स्थित आधुनिक क्रीड़ा परिसर में आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत गुरुवार को एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के अंतिम दिन ट्रैक पर रफ्तार, शक्ति और अटूट संकल्प का अद्भुत संगम देखने को मिला। बीते 30 मार्च से भव्यता के साथ शुरू हुए इस खेल महाकुंभ के समापन अवसर पर देश के कोने-कोने से आए जनजातीय एथलीटों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए कई रोमांचक पदक अपने नाम किए। दिन की सबसे चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में से एक, पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में नागालैंड के धावक वेडे टमेरो ने शुरू से ही अपनी लय बरकरार रखी और 32ः28.46 के शानदार समय के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उनके ठीक पीछे महाराष्ट्र के जुझारू एथलीट कमलाकर लक्ष्मण देशमुख रहे, जिन्होंने रजत पदक जीता, जबकि जम्मू-कश्मीर के हंस राज ने कांस्य पदक जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 
         
इसी स्पर्धा के महिला वर्ग में पश्चिम बंगाल की संजीता ओरांव ने अपनी सहनशक्ति का परिचय देते हुए 40ः21.18 के समय के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया, जहाँ ओडिशा की संध्या मुर्मू को रजत और मेघालय की बलारिशा थिरनियांग को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
         
मैदान पर रोमांच तब और बढ़ गया जब एथलेटिक्स के इस अंतिम पड़ाव पर लघु दूरी की स्पर्धाओं में धावकों ने अपनी बिजली जैसी तेजी दिखाई। पुरुषों की 200 मीटर दौड़ में झारखंड के धावक शिव कुमार सोरेन ने 21.51 सेकंड के रिकॉर्ड समय के साथ फिनिशिंग लाइन पार कर स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम के अर्पण ताई और राजस्थान के जगदीश मीणा ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किए। 
        
महिला वर्ग की 200 मीटर स्पर्धा में कर्नाटक की ऋतुश्री ने 25.87 सेकंड की रफ्तार से स्वर्ण पदक अपने नाम कर राज्य का गौरव बढ़ाया। मध्यम दूरी की 1500 मीटर दौड़ में भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जहाँ महिला वर्ग में कर्नाटक की नागिनी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं पुरुष वर्ग में झारखंड के राहुल उरांव ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उल्लेखनीय है कि मेजबान छत्तीसगढ़ के मनीष कुमार ने घरेलू मैदान पर दर्शकों के भारी समर्थन के बीच तीसरा स्थान हासिल कर राज्य की झोली में कांस्य पदक डाला।
        
शक्ति और तकनीक के संगम वाली भाला फेंक (जैवलीन थ्रो) स्पर्धा में मध्य प्रदेश के गुलाब सिंह ने 62.80 मीटर की प्रभावशाली दूरी तय कर स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम के प्रमोद हागजेर मात्र कुछ ही फासले से पीछे रहकर रजत पदक के हकदार बने। टीम वर्क और बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन करते हुए महिला 4×400 मीटर रिले दौड़ में झारखंड की आशा किरण बारला और तनीषा कुमारी की टीम ने स्वर्ण पदक जीता, वहीं पुरुषों की इसी स्पर्धा में ओडिशा की टीम ने चौंपियन बनकर अपनी धाक जमाई। मेजबान छत्तीसगढ़ की पुरुष रिले टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। एथलेटिक्स मुकाबलों के इस अंतिम दिन की अंतिम रोमांचक स्पर्धाओं में महिला लंबी कूद शामिल रही, जहाँ झारखंड की प्रीति लकड़ा ने 5.54 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। केंद्रीय खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित यह महाकुंभ न केवल पदक तालिका में उलटफेर कर रहा है, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों की छिपी हुई प्रतिभाओं को एक सशक्त राष्ट्रीय मंच प्रदान कर बस्तर के खेल इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख रहा है।

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