झारखंड और नेपाल के डोनरों से जुड़ा किडनी तस्करी का खेल, कानपुर पुलिस ने ओटी टेक्नीशियन और मैनेजर को दबोचा

कानपूर
कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट के आरोपियों का नेटवर्क आसपास के जिलों में फैला है। पुलिस को उन्नाव और जालौन में इससे जुड़े कुछ सुराग मिले हैं। गुरुवार को पुलिस की टीमें भेजी गई हैं। गुर्दा प्रत्यारोपण के खेल में उन्नाव के एक डॉक्टर और जालौन के नर्सिंगहोम संचालक का नाम सामने आया है। घटना में जेल गया शिवम अग्रवाल मूलरूप से जालौन का रहने वाला है।

कानपुर के लगभग 10 नर्सिंगहोम के नाम आने के बाद उन्नाव और उरई के कुछ नर्सिंगहोम भी शक के दायरे में आ गए हैं। वहां के मरीजों को शहर लाया गया है या यहां से प्रत्यारोपण के बाद गुर्दा रोगियों की वहां के निजी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है, इसकी जांच शुरू हो गई है।

आरोपी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ जुड़े उन्नाव के एक डॉक्टर का नाम सामने आया है। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। रावतपुर पुलिस एनसीआर के डॉ. रोहित, डॉ. अफजल, डॉ. अनुराग, डॉ. वैभव की तलाश कर रही है। इनमें से एक डॉक्टर उन्नाव का रहने वाला बताया जा रहा है।

वह उन्नाव के निजी अस्पतालों के सर्जन से लंबे समय से संपर्क में है। पुलिस को दोनों के संबंधों के साक्ष्य मिले हैं। उरई के नर्सिंगहोम संचालक के भी इस खेल में शामिल होने की जानकारी हुई है। दोनों जिलों से कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

अब तक हुई जांच में केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल का एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल के बारे में भी जानकारी मिली है। वह मूलरूप से जालौन का रहने वाला है। उसके परिजन और रिश्तेदारों की और जानकारी जुटाई जा रही है।
 
शहर के बड़े और नामी नर्सिंगहोम में कुछ दिन पहले हुआ था किडनी ट्रांसप्लांट
किडनी ट्रांसप्लांट प्रकरण में शहर के बड़े और नामी नर्सिंगहोम का नाम सामने आया है। यहां कुछ दिन पहले ही गुर्दा प्रत्यारोपित हुआ था। यह जानकारी पुलिस को गुरुवार को गिरफ्तार हुए ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार से पूछताछ में हुई है।

दोनों ने अधिकारियों को बताया है कि यह नर्सिंगहोम रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक बना हुआ है। रोजाना काफी संख्या में मरीज आते हैं। कई छोटे-बड़े ऑपरेशन भी होते हैं। पुलिस ने नर्सिंगहोम के दो स्टाफ को हिरासत में लिया है।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार दोनों ओटी टेक्नीशियन हैं। राजेश कुमार का प्रमोशन हो गया है। उसे ओटी मैनेजर बना दिया गया है। उसका वेतन 70 हजार महीना है जबकि कुलदीप को 42 हजार रुपये मिलते हैं।

दोनों डॉ. रोहित के संपर्क में थे। डॉ. रोहित एनेस्थीसिया के डॉक्टर हैं। उसका संबंध सर्जन डॉ. अली और डॉ. सैफ के साथ में है। दोनों ने पैरामेडिकल स्टाफ अखिलेश और शैलेश के बारे में भी बताया है। ये सभी गाजियाबाद के वैशाली क्षेत्र के बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल से जुड़े हुए हैं।

ये कई बार शहर आ चुके हैं। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगा दी गई हैं। क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम ब्रांच की टीमें भी सक्रिय हैं। किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े आरोपियों का नेटवर्क सिर्फ एनसीआर ही नहीं कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

डॉक्टरों की टीम करने आई थी दो ट्रांसप्लांट
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि डॉक्टरों की दोनों टीम रविवार देर रात दो किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए आई थी लेकिन एक ही करके चली गई थी। यह जानकारी दोनों ओटी टेक्नीशियन ने पूछताछ में दी है।

दोनों ने झारखंड और नेपाल के दो डोनरों की जानकारी दी है। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में लग गई हैं। जिस रोगी को किडनी लगानी थी, वह भी शहर के नर्सिंगहोम में उपचाराधीन है

 शुक्रवार को उनके परिजनों से जानकारी जुटाई जाएगी।
 किडनी ट्रांसप्लांट मामले में कुछ अन्य जिलों के डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ के शामिल होने के सुराग मिले हैं। उन जिलों में टीमें भेजी गई हैं। आरोपियों के संपर्क में आए लोगों की और जानकारी जुटाने के साथ नेटवर्क खंगाला जा रहा है।- एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी पश्चिमी जोन कानपुर

 

More From Author

Suzuki Burgman Street का नया अवतार भारत में लॉन्च, ₹1.02 लाख की शुरुआती कीमत में मिलेंगे हाई-टेक फीचर्स

बिजली लाइन बनी काल, ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में महिला और मासूम की जान गई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.