RBI का ऐलान: इस बार भी रेपो रेट में ‘No Change’, EMI नहीं घटेगी

नई दिल्ली
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एमपीसी बैठक के नतीजे आ गए हैं और आरबीआई गवर्नर ने बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में जानकारी दी. बीते फरवरी महीने की तरह इस बैठक में भी रेपो रेट को 5.25% पर यथावत रखा गया है, यानी इसमें कोई भी बदलाव नहीं किया गया है. इसका सीधा मतलब है कि आपके होम लोन या कार लोन की ईएमआई पर कोई भी असर नहीं होगा, न तो ये घटेगी और न ही ये बढ़ेगी। 

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी बैठक के नतीजों का ऐलान करते हुए आगे कहा कि समिति ने न्यूट्रल रुख बनाए रखा है. रेपो रेट को यथावत रखने के साथ ही SDF 5%, MSF 5.50% पर स्थिर हैं. इसके अलावा FY27 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ 6.9% रहने का अनुमान जाहिर किया है। 

2025 में हुई थी दनादन कटौती
बता दें कि बीते साल 2025 में आरबीआई ने एक के बाद एक कई बार रेपो रेट में कटौती कर लोन लेने वालों को तोहफा दिया था और Repo Rate में कुल 125 अंकों की कटौती की गई थी. लेकिन इस साल की पहली बैठक फरवरी में हुई थी और उसमें कटौती के सिलसिले पर ब्रेक लगा था और इस बार फिर इसमें कोई बदलाव न करते हुए केंद्रीय बैंक ने 5.25 फीसदी पर स्थिर रखा था. पहले से ही ज्यादातर अर्थशास्त्री Repo Rate Unchanged रहने का अनुमान जाहिर कर रहे थे। 

कैसे EMI पर असर डालता है रेपो रेट? 
रेपो रेट (Repo Rate) वह दर होती है, जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक तमाम बैंकों को कर्ज देती है. इसका उपयोग अर्थव्यवस्था में महंगाई को कंट्रोल करने के लिए भी किया जाता है. जब रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंकों के लिए लोन लेना महंगा हो जाता है, जिससे आम जनता के लिए होम लोन या ऑटो लोन की EMI बढ़ जाती है। 

इस रफ्तार से भागेगी इंडियन इकोनॉमी
आरबीआई की ओर से देश की जीडीपी ग्रोथ को लेकर भी अनुमान जाहिर किए गए हैं. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि  FY26 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.6% रखा गया है. जबकि  FY27 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ 6.9% रहने का अनुमान है. पहली तिमाही के लिए इसे कम करते हुए 6.8% किया गया है। 

महंगाई को लेकर ये अनुमान
Indian GDP के साथ ही आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा महंगाई का अनुमान भी जाहिर किया. उनके मुताबिक, 2027 में खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) 4.6% किया गया है. उन्होंने FY27 की पहली तिमाही में CPI बेस्ड महंगाई 4% रहने का अनुमान जताया है, जबकि दूसरी तिमाही के लिए इसे 4.4% किया गया है. इसके अलावा तीसरी तिमाही (Q3) के लिए महंगाई बढ़ने की आशंका जताई गई है और अनुमान को 5.2% किया गया है। 

'भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत'
मिडिल ईस्ट युद्ध और ग्लोबल टेंशन के अलावा डॉलर के मजबूत होने, क्रूड ऑयल की कीमतों में इजाफा होने को लेकर बात करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि ग्लबोल टेंशनों से दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं पर बुरा असर पड़ा, लेकिन भारत में इसका कोई खास प्रभाव देखने को नहीं मिला है. दुनियाभर के शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट में उथल-पुथल देखने को मिली. उन्होंने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं. ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों से आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। 

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