सोशल मीडिया पर फैली अफवाह पर सरकार का एक्शन: जानिए क्या है मजदूरों का असली न्यूनतम वेतन

लखनऊ

उत्तर प्रदेश सरकार ने सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही उस खबर को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि राज्य में मजदूरों का न्यूनतम वेतन ₹20 हजार प्रति माह कर दिया गया है. सरकार ने इसे साफ तौर पर भ्रामक और झूठी जानकारी बताया है और लोगों से अपील की है कि वो सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें.

शासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि ₹20 हजार न्यूनतम वेतन तय करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है. सरकार ने कहा कि इस तरह की खबरें पूरी तरह मनगढ़ंत हैं और इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है. इस तरह की अफवाहों से भ्रम की स्थिति पैदा होती है, जिससे आम जनता और श्रमिक दोनों प्रभावित होते हैं.

हालांकि, सरकार ने यह जरूर बताया कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और श्रमिकों की मांगों को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम वेतन में अंतरिम वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है. इस अंतरिम वृद्धि का उद्देश्य मजदूरों को तत्काल राहत देना है, ताकि उनकी आय में कुछ सुधार हो सके.

सरकार ने कहा, केवल आधिकारिक सूचना पर करें भरोसा
राज्य में वर्तमान न्यूनतम वेतन दरों का भी विवरण साझा किया गया है. अधिसूचित दरों के अनुसार, अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन ₹11,313.65 तय किया गया है, जबकि दैनिक वेतन ₹435.14 है. इसी तरह अर्धकुशल श्रमिकों के लिए मासिक वेतन ₹12,446 और दैनिक वेतन ₹478.69 निर्धारित किया गया है. वहीं कुशल श्रमिकों के लिए मासिक वेतन ₹13,940.37 और दैनिक वेतन ₹536.16 रखा गया है.

सरकार ने कहा कि यह दरें हाल ही में अधिसूचित की गई हैं और इन्हीं के आधार पर वर्तमान में भुगतान किया जाना चाहिए. नियोक्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन दरों का सख्ती से पालन करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता न करें. इसके साथ ही, सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अगले माह वेज बोर्ड के गठन की घोषणा की है. यह वेज बोर्ड श्रमिकों के वेतन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करेगा और अपनी सिफारिशें सरकार को देगा. इन सिफारिशों के आधार पर भविष्य में न्यूनतम वेतन की नई दरें तय की जाएंगी.

अगले महीने बनेगा वेज बोर्ड, नई दरों पर होगी सिफारिश
सरकार का मानना है कि वेज बोर्ड के माध्यम से एक संतुलित और व्यावहारिक वेतन संरचना तैयार की जा सकेगी, जिससे श्रमिकों और उद्योग दोनों के हितों का ध्यान रखा जा सके. इससे वेतन निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और सभी पक्षों को न्याय मिलेगा. राष्ट्रीय स्तर पर भी न्यूनतम वेतन को लेकर काम जारी है. केंद्र सरकार नई श्रम संहिताओं के तहत पूरे देश के लिए एक समान न्यूनतम आधार रेखा यानी फ्लोर वेज तय करने की प्रक्रिया में है. इसका उद्देश्य यह है कि देश के हर हिस्से में श्रमिकों को एक न्यूनतम स्तर का वेतन सुनिश्चित किया जा सके.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर नियोक्ताओं से अपील की है कि वे श्रमिकों के हितों का ध्यान रखें और उन्हें नियमानुसार वेतन दें. उन्होंने कहा कि श्रमिकों को ओवरटाइम का भुगतान, साप्ताहिक अवकाश और बोनस जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कार्यस्थलों पर महिला श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सभी नियोक्ता यह सुनिश्चित करें कि महिला कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिले.

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अराजक और बाहरी तत्वों द्वारा की जा रही गैर-कानूनी गतिविधियों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. सरकार ने साफ किया है कि किसी भी तरह की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सरकार ने एक बार फिर दोहराया कि वह औद्योगिक विकास और श्रमिक कल्याण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. श्रमिकों की भलाई और उद्योगों की प्रगति, दोनों को साथ लेकर चलने की नीति पर काम किया जा रहा है.

नियोक्ताओं को निर्देश, नियमों के अनुसार दें वेतन और सुविधाएं
अंत में, सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों से सावधान रहें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें. इससे न केवल भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है, बल्कि सही जानकारी भी सभी तक पहुंचाई जा सकती है.

More From Author

Census Update: मकानों से शुरू होगी जनगणना, दूसरे चरण में होगी व्यक्तियों की गणना

जयपुर केस पर बवाल: IMA के ऐलान से पूरे प्रदेश में ठप स्वास्थ्य सेवाएं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.