भारत ने अरब सागर में 400 किलोमीटर का नो फ्लाई जोन घोषित किया, ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान में खलबली

मुंबई 

ईरान जंग की वजह से दुनियाभर में उथल-पुथल की स्थिति है. होर्मुज स्‍ट्रेट से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण एनर्जी सप्‍लाई चेन भी चरमरा गई है. इसके चलते एशिया से यूरोप तक में पेट्रोल-डीजल और गैस की आपूर्ति में बाधा आई है. इन सबके बीच अरब सागर में अलग ही घमासान मचा हुआ है. पहले पाकिस्‍तान ने मिसाइल टेस्टिंग को लेकर नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया. इसके बाद भारत ने अरब सागर में ही पाकिस्‍तान से दोगुने दायरे तक के लिए NOTAM जारी कर दिया. भारत के इस कदम से पड़ोसी देश में खलबली मच गई है. भारत की तरफ से कुछ सप्‍ताह पहले अंडमान सागर क्षेत्र में भी NOTAM जारी किया गया था. यह 1500 से 3500 किलोमीटर तक के लिए था. अब अरब सागर में नो फ्लाई जोन का नोटिस इश्‍यू किया गया है। 

अरब सागर एक बार फिर रणनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनता दिख रहा है, जहां भारत और पाकिस्तान ने मिसाइल परीक्षणों को लेकर लगातार नेविगेशनल चेतावनियां (NOTAM) जारी की हैं. दोनों देशों द्वारा जारी इन अलर्ट्स से क्षेत्र में समानांतर सैन्य गतिविधियों का संकेत मिलता है, जिसने सुरक्षा विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित किया है. आधिकारिक सूचनाओं के मुताबिक, पाकिस्तान ने 20 अप्रैल को सुबह 3 बजे से 21 अप्रैल दोपहर 3 बजे तक मिसाइल परीक्षण के लिए समय निर्धारित किया है. इसके तुरंत बाद भारत ने भी 22 अप्रैल सुबह 9:30 बजे से 25 अप्रैल रात 9:30 बजे तक अपने मिसाइल टेस्टिंग प्रोग्राम की घोषणा की है. NOTAM और समुद्री एडवाइजरी आमतौर पर नागरिक विमानों और जहाजों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए जारी की जाती हैं, ताकि सैन्य अभ्यास के दौरान किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। 

पाकिस्‍तान 200 तो भारत का 400 किलोमीटर का NOTAM
इन परीक्षणों के लिए चिन्हित क्षेत्र अरब सागर में एक-दूसरे की समुद्री सीमाओं के काफी करीब बताए जा रहे हैं. पाकिस्तान का परीक्षण क्षेत्र लगभग 200 किलोमीटर तक फैला है, जबकि भारत का क्षेत्र करीब 400 किलोमीटर का है, जो अपेक्षाकृत बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास की ओर इशारा करता है. हालांकि, भारत और पाकिस्तान दोनों ही नियमित रूप से अपनी सैन्य तैयारियों के तहत मिसाइल परीक्षण करते रहे हैं, लेकिन इस बार इनका लगभग एक साथ होना विशेष महत्व रखता है. दोनों देश परमाणु क्षमता से लैस मिसाइल सिस्टम रखते हैं और इस तरह के परीक्षण पूर्व-निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किए जाते हैं, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या तनाव की स्थिति से बचा जा सके। 

अरब सागर में भारत का सर्विलांस शिप
इसी बीच, क्षेत्र में नौसैनिक गतिविधियों के बढ़ने की भी खबरें सामने आई हैं. बताया जा रहा है कि भारत ने अरब सागर में निगरानी के लिए अपने सर्विलांस पोत (INS ध्रुव) तैनात किए हैं, जबकि पाकिस्तान की नौसेना के फ्रिगेट्स इस समय श्रीलंका के आधिकारिक दौरे पर हैं. हालांकि ये गतिविधियां सामान्य सैन्य संचालन का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन मिसाइल परीक्षणों के साथ इनका समय मेल खाना दोनों देशों की सतर्कता को दर्शाता है. इस तरह की समानांतर सैन्य गतिविधियां क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन स्थापित संचार तंत्र और पारदर्शिता के चलते स्थिति नियंत्रण में रहती है. यह घटनाक्रम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लगभग एक साल बाद सामने आया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि दोनों देश अपनी सैन्य क्षमताओं को लगातार मजबूत करने और रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में सक्रिय हैं। 

More From Author

राजस्थान विधानसभा में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कल

TCS नासिक कांड: निदा खान की प्रेग्नेंसी का खुलासा, गिरफ्तारी से बचने के लिए रचा नया जाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13766/145

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.