‘एक जगह बैठना इनके बस की बात नहीं’ — हरभजन सिंह ने आशीष नेहरा पर खोला राज

नई दिल्ली
हरभजन सिंह ने गुजरात टाइटंस (जीटी) के हेड कोच आशीष नेहरा के कोचिंग स्टाइल की तुलना एक फुटबॉल कोच से की है। उन्होंने नेहरा की लगातार एनर्जी और खिलाड़ियों के साथ बातचीत करने के तरीके का खास तौर पर जिक्र किया। जियो स्टार के एक्सपर्ट हरभजन ने जियो हॉटस्टार के 'चैंपियंस वाली कमेंट्री' पर कहा, "आशीष नेहरा ही एकमात्र ऐसे इंसान हैं जो कहीं भी, कभी भी माहौल को आरामदायक बना देते हैं। वह जहां भी जाते हैं, अपने आस-पास मौजूद हर किसी को सहज महसूस कराते हैं। सिर्फ खुद को ही नहीं, बल्कि हर उस इंसान को जो उनके साथ काम करता है। वह उन बेहतरीन इंसानों में से एक हैं जिनसे आप कभी मिलेंगे। अगर आप उनके साथ हैं, तो आपका समय अच्छा बीतेगा, इसकी पूरी गारंटी है।

'आशीष नेहरा एक जगह टिककर नहीं बैठते'
हरभजन ने आगे कहा, ''गुजरात टाइटंस में उनका सबसे बड़ा योगदान सभी को एकजुट रखना है। यही हैं आशीष नेहरा। वह एक फुटबॉल कोच की तरह हैं। वह कभी एक जगह टिककर नहीं बैठते। पूरे मैच के दौरान वह किसी न किसी खिलाड़ी को ढूंढ़ लेते हैं और उससे बात करते रहते हैं। नेहरा जी को खेल की बहुत अच्छी समझ है। गुजरात टाइटंस के साथ उन्होंने जो काम किया है, वह तारीफ के काबिल है।" जियो स्टार के एक्सपर्ट सुरेश रैना ने आईपीएल में कार्तिक त्यागी और अशोक शर्मा की सफलता के पीछे की कड़ी मेहनत और कुर्बानियों पर बात करते हुए कहा,"कार्तिक त्यागी ने अपने खेल पर बहुत कड़ी मेहनत की है। पिछले साल उन्हें चोट लगी थी, लेकिन उन्होंने जोरदार वापसी की और यूपी टी20 लीग के दूसरे सीजन में बहुत अच्छी गेंदबाजी की। उनकी फिटनेस और काम करने का तरीका बहुत बढ़िया है और अब उनकी वह मेहनत रंग ला रही है।''

'दोनों युवा भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा संकेत'
रैना ने कहा, ''मिनी-ऑक्शन में केकेआर ने त्यागी को चुना और वह टीम के मुख्य गेंदबाज बन गए हैं। फिर हैं अशोक शर्मा, जो इस आईपीएल सीजन में गेंदबाजी के क्षेत्र में एक नई खोज हैं। उनके बड़े भाई ने अपने क्रिकेट खेलने के सपने को छोड़ दिया, क्योंकि परिवार के पास दोनों को सहारा देने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। बड़े भाई ने इसलिए कुर्बानी दी ताकि अशोक अपने सपने को पूरा कर सकें। अब इसके नतीजे सबके सामने हैं। अशोक शर्मा टी20 क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर गुजरात टाइटंस के लिए अपना हुनर दिखा रहे हैं। ये दोनों युवा तेज गेंदबाज भारतीय क्रिकेट के लिए एक बहुत अच्छा संकेत हैं। भारत के तेज गेंदबाज़ी आक्रमण का भविष्य बहुत उज्ज्वल नजर आ रहा है।" उमेश यादव ने बताया कि कार्तिक त्यागी ने चोट की समस्याओं से निपटने के लिए अपने खेल में किस तरह के बदलाव किए।

'145-150 की रफ्तार से गेंदबाजी आसान नहीं'
उमेश ने कहा, "चोटें हर तेज गेंदबाज के सफर का एक हिस्सा होती हैं। 145-150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करना शरीर के लिए आसान नहीं होता। कार्तिक त्यागी ने चोट से जुड़ी अपनी समस्याओं को संभालने के लिए अपने खेल में कई बदलाव किए हैं। उन्होंने अपने गेंदबाजी के एक्शन को सुधारा है और अपने रनअप पर काम किया है। मुझे याद है जब मैं उनसे पहली बार 2021 में मिला था। उनकी स्ट्राइड (कदमों की लंबाई) बहुत ज्यादा थी। लेकिन बाद में उन्होंने उसे छोटा कर लिया। उन्हें पिंडली में बार-बार चोट की समस्या होती थी और उन्हें काफी दर्द सहना पड़ता था। इस वजह से, वह कई मैच नहीं खेल पाए और अक्सर उन्हें टीम से बाहर बैठना पड़ता था। लेकिन अब उन्हें देखिए। वह केकेआर के गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई कर रहे हैं। उन सभी बदलावों से कार्तिक त्यागी को साफ तौर पर बहुत फायदा हुआ है। किसी युवा भारतीय तेज गेंदबाज को इस तरह से वापसी करते देखना बहुत अच्छा लगता है।"

More From Author

यूथ कांग्रेस नेताओं पर FIR, 25 नामजद; केन-बेतवा लिंक परियोजना आंदोलनकारियों से मिलने पहुंचे थे छतरपुर में

कृतिका कामरा का बयान: ‘मटका किंग’ में 60-70 के दशक की मुंबई का अनुभव करना था अनूठा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13944/210

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.