श्रम विभाग की योजनाओं से हजारों परिवारों को मिला संबल, जीवन स्तर में आया बड़ा सुधार

श्रम विभाग की योजनाओं से हजारों परिवारों को संबल

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से श्रमिकों के जीवन स्तर में आया व्यापक सुधार

बिलासपुर
 श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिला है।  जिले ने राज्य स्तर पर कई श्रेणियों में अग्रणी स्थान भी हासिल किया है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से 215 शिविरों के जरिए कुल 42 हजार 316 श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जबकि 16 हजार 861 पंजीकृत श्रमिकों का नवीनीकरण भी कराया गया। महिला श्रमिकों के लिए संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 5 हजार 296 महिलाओं को 20-20 हजार रुपये की राशि प्रसव सहायता के रूप में लगभग 10 करोड़ 59 लाख 20 हजार रुपये वितरित किए गए, जिससे जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। वहीं, श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति सहायता योजना के अंतर्गत 33 हजार 121 बच्चों को 6 करोड़ 43 लाख 62 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे जिले ने राज्य में पांचवां स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के तहत 14 हजार 757 विद्यार्थियों को लगभग 1 करोड़ 99 लाख 21 हजार रुपये वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी सहायता योजना के तहत 283 मेधावी विद्यार्थियों को 15 लाख 48 हजार रुपये प्रदान किए गए। निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के अंतर्गत 669 निर्माण श्रमिकों एवं उनकी संतानों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु कोचिंग सुविधा दी गई, जिससे जिले को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत चयनित बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। श्रमिकों के बच्चों के लिए उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जिला, संभाग, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर 1 हजार से 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। योजना के तहत 28 बच्चों को कुल 11.30 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे बिलासपुर जिले ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के सामान्य मृत्यु होने पर उनके उत्तराधिकारियों को 1 लाख रुपये, कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये तथा दिव्यांगता की स्थिति में 2.5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत जिले में 370 मृतक श्रमिकों के परिजनों को कुल 3 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि वितरित की गई, जिससे बिलासपुर को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार मुख्यमंत्री नौनिहाल सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग की अविवाहित पुत्रियों, जिन्होंने न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की है, को 20 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत जिले में 2 हजार 814 पुत्रियों को कुल 5 करोड़ 62 लाख 80 हजार रुपये वितरित किए गए, जिससे बिलासपुर जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा।

मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 59 से 60 वर्ष आयु वर्ग के श्रमिकों को 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। जिले में 413 श्रमिकों को कुल 82 लाख 60 हजार रुपये वितरित किए गए, जिससे प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 3 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा क्रय हेतु अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना में जिले के 17 श्रमिकों को कुल 14 लाख 32 हजार रुपये प्रदान किए गए, जिससे बिलासपुर को प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त हुआ। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गर्म एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में इस योजना के अंतर्गत बृहस्पति बाजार, तिफरा फल-सब्जी मंडी, शनिचरी बाजार एवं एनटीपीसी क्षेत्र में कुल चार केंद्र संचालित हैं। वित्तीय वर्ष में 4 लाख 20 हजार 826 लोगों को लाभान्वित किया गया, जिससे बिलासपुर प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा।

मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत महिला एवं पुरुष श्रमिकों को क्रमशः 3706 रुपये एवं 3697 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। जिले में 1248 श्रमिकों को कुल 46 लाख 23 हजार 9 रुपये वितरित किए गए।मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 66 महिला श्रमिकों को 5 लाख 21 हजार 400 रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे जिले को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 3443 श्रमिकों को कुल 1 करोड़ 20 लाख 9 हजार 98 रुपये प्रदान किए गए, जबकि मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 2634 श्रमिकों को कुल 39 लाख 51 हजार रुपये की सहायता राशि वितरित की गई। इन सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बिलासपुर जिले ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में अपनी मजबूत और प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है।
रचना//

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