विकास और विरासत का संतुलन, योगी सरकार बना रही है नए उत्तर प्रदेश की पहचान

विकास के साथ विरासत का सम्मान, योगी सरकार गढ़ रही नए उत्तर प्रदेश की पहचान

एक्सप्रेस-वे से रश्मिरथी पर्व तक, विकास और संस्कृति का संतुलित मॉडल

महापुरुषों के सम्मान संग आगे बढ़ता यूपी, योगी सरकार की सकारात्मक पहल

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ महापुरुषों की विरासत को सम्मान देने की दिशा में योगी सरकार लगातार सकारात्मक पहल कर रही है। प्रदेश में एक ओर जहां एक्सप्रेस-वे, मेडिकल कॉलेज, स्मार्ट सिटी, निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रनायकों, संतों, साहित्यकारों और समाज सुधारकों की स्मृतियों को सहेजने के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। यही संतुलित सोच योगी सरकार की कार्यशैली को अलग पहचान दे रही है।

प्रेरणास्रोत महापुरुषों से जोड़ रही योगी सरकार

सरकार का कहना है कि केवल भौतिक विकास ही पर्याप्त नहीं, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, प्रेरणास्रोत महापुरुषों और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के तहत प्रदेश में समय-समय पर महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर बड़े स्तर पर आयोजन किए जा रहे हैं। इनमें बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, स्वामी विवेकानंद, महाराजा सुहेलदेव, संत रविदास, कबीरदास, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जैसे महान व्यक्तित्वों को सम्मानपूर्वक याद किया जाता है।

साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रचिंतन का अनूठा संगम 

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर 24 से 26 अप्रैल तक लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रकवि दिनकर की कालजयी कृति रश्मिरथी के हीरक जयंती वर्ष (75 वर्ष) पर हो रहे इस आयोजन में साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रचिंतन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि होंगे, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे।

लोकमान्य तिलक एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर चर्चा

वहीं 24 अप्रैल को ‘रश्मिरथी संवाद’ स्मारिका का लोकार्पण, राष्ट्रीय परिसंवाद तथा ‘रश्मिरथी’ नाटक का मंचन होगा। 25 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान पर परिसंवाद और नाटक प्रस्तुत किया जाएगा। 26 अप्रैल को लोकमान्य तिलक एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर चर्चा होगी। साथ ही अटल जी की कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका अटल स्वरांजलि तथा लोकमान्य तिलक नाटक मंचित होगा।

योगी सरकार में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को मिली ऊंचाई

यूपी में ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान, संघर्ष और सामाजिक समरसता की प्रेरणा मिलती है। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में निबंध, वाद-विवाद, कविता पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई ऊंचाई मिली है। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, चित्रकूट और नैमिषारण्य जैसे स्थलों का व्यापक विकास किया गया है। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान मजबूत हुई है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।

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