MSP गारंटी कानून को लेकर हरदा में किसानों का शक्ति प्रदर्शन, 10 हजार ट्रैक्टरों के साथ अनोखा विरोध

हरदा

जिले में मंगलवार का दिन किसान क्रांति आंदोलन के नाम रहा। किसान आंदोलन में जुड़े जिले और आसपास जिलों से आए करीब दस हजार से अधिक किसान सुबह 11 बजे से आंदोलन में शामिल होने किसान अपने-अपने ट्रैक्टर लेकर शहर पहुंचना शुरू हो गए। करीब एक हजार ट्रैक्टर लेकर किसान मंडी पहुंचे और महापड़ाव डाल दिया। मुख्य मांग एमएसपी सहित गेहूं और मूंग खरीदी को लेकर आ रही किसानों की समस्याओं को लेकर रही।

ट्रंप के नाम ज्ञापन और महापड़ाव की तैयारी

किसान आक्रोश मोर्चा ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम ज्ञापन लिखा। किसान नेताओं ने संबोधित करते हुए साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मान ली जाती वह यहीं डटे रहेंगे। किसान साथ में राशन और बिस्तर लेकर भी पहुंचे। खंडवा रोड, इंदौर रोड, छीपानेर रोड, टिमरनी रोड, मनियाखेड़ी रोड सहित अन्य प्रमुख मार्ग जो शहर से जुड़ते हैं उनमें सिर्फ ट्रैक्टर-ट्रैक्टर ही दिखे। किसानों ने ट्रैक्टरों पर तिरंगे बांध रखे थे।

कई राज्यों और जिलों से जुटे किसान

किसानों ने नारेबाजी करते हुए शहर में प्रवेश किया और देखते ही देखते एक बड़ा आंदोलन शुरू हो गया। इस आंदोलन में हरदा सहित देवास, खंडवा, नर्मदापुरम जिले के साथ-साथ कुछ किसान राजस्थान राज्य से भी आए हुए थे। सभी ने एक साथ मिलकर किसान क्रांति आंदोलन को एक माह तक चलाने का आह्वान किया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और पुलिस बल तैनात

शहर में सैकड़ों ट्रैक्टर आता देख पुलिस ने चौराहों पर बेरिकेडिंग की। जगह-जगह पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात कर दिए गए। इसके अलावा मुख्य रूप से खंडवा बायपास स्थित संत रविदास चौक, इंदौर रोड स्थित हनुमान मंदिर चौराहा, छीपानेर रोड चौराहा तथा कलेक्ट्रेक्ट के सामने मंडी चौराहे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

महापड़ाव को किसान नेताओं ने संबोधित किया

कृषि उपज मंडी स्थित शेड में किसान क्रांति आंदोलन का महापड़ाव डाला गया। करीब दस हजार से अधिक किसान मौजूद थे। मंडी परिसर में भी किसानों के ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, कार सहित दो पहिया वाहन खड़ा करने के लिए अस्थायी पार्किंग बनाई गई। महापड़ाव को विभिन्न किसान नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान के साथ हर सरकार ने मजाक किया है।

किसान के हाथ में सिर्फ फसल पैदा करना है, लेकिन भाव कोई और ही तय करता है। जितना शोषण किसान का हुआ है अन्य किसी का नहीं हुआ है। यही कारण है कि किसान आज भी बैंक और साहूकारों के कर्ज के तले दबा है। प्रदेश और केंद्र सरकार चाहे तो किसानों को लाभ पहुंचा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप के नाम लिखा ज्ञापन चर्चा में

किसान क्रांति आंदोलन का ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री या देश के प्रधानमंत्री के नाम नहीं बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम लिखा गया, जो महापड़ाव और इंटरनेट मीडिया पर खूर्च चर्चा में रहा। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार अमेरिका के इशारे पर काम कर रही है। इसलिए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देने से कोई हल नहीं निकलेगा। इसलिए सीधे ड्रंप के नाम ज्ञापन लिखा गया ताकि वह किसानों को एमएसपी दिला सके।

ज्ञापन में क्या लिखा?

हमारा देश कृषि प्रधान देश है और देश का प्रत्येक किसान कृषि संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है। हम किसानों द्वारा किया जा रहा किसान क्रांति आंदोलन पूर्णतः गैर राजनैतिक आंदोलन है। हम आंदोलन में इस ज्ञापन के माध्यम से शासन प्रशासन का ध्यान किसानों की निम्नलिखित प्रमुख एवं ज्वलंत मांगों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।

स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सी2 50 फार्मुले के आधार पर समस्त फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी का गारंटी का कानून बनाया जाए।

सरकार की गलत नीतियों एवं समर्थन मूल्य न मिलने के कारण देश का किसान आज कर्ज के दल-दल में फंसा हुआ है, इसलिए समस्त किसानों को कर्जमुक्त किया जाए।
    कृषि यंत्र, कृषि उपकरण, खाद, बीज, कीटनाशक एवं कृषि संबंधी समस्त वस्तुओं को जीएसटी मुक्त किया जाए।
    वर्तमान ग्रीष्म कालीन फसल (मूंग, मक्का) का पंजीयन शीघ्र प्रारंभ कर समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाए।
    मध्य प्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम की धारा 36 का पालन सुनिश्चित कर समस्त फसलों की बोली समर्थन मूल्य से प्रारंभ की जाए। साथ ही जिन किसानों ने अपनी फसलें समर्थन मूल्य से कम दाम पर विक्रय की है, उन्हें अंतर की राशि का तत्काल भुगतान किया जाए।
    समर्थन मूल्य की खरीदी में देरी के कारण जो किसान सहकारिता एवं अन्य बैंकों का ऋण समय पर जमा नहीं कर पाने के कारण डिफाल्टर हुए हैं, उन्हें शीघ्र ही नियमित किया जाए एवं सहकारिता ऋण की वसूली वर्ष में 1 ही बार 30 जून निर्धारित की जाए। सहित अन्य मांगें शामिल हैं।

 

More From Author

उर्वरक के विकल्प के रूप में हरी खाद, नील हरित काई एवं जैव उर्वरक के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा: जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक अवसर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13766/145

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.