उज्जैन
उज्जैन में बाबा महाकाल के आंगन में एक बार फिर 'महादेव प्रकट हुए'। महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र में चल रही खुदाई के दौरान यहां एक प्राचीन शिवलिंग मिला। इसके साथ ही एक गुफानुमा संरचना भी निकली। मंदिर परिसर में पूर्व में भी प्राचीन प्रतिमाएं मिल चुकी हैं। मई 2020 में परमारकालीन मंदिर के अवशेष और मूर्तियां मिली थीं। महाकालेश्वर मंदिर परिसर की इस खुदाई ने छह वर्ष बाद फिर उज्जैन की प्राचीन विरासत को जीवंत करने के संकेत दिए हैं। टनल और वेटिंग हॉल निर्माण के दौरान खुदाई में ये शिवलिंग और गुफानुमा संरचना मिलीं। इस प्राचीन वैभव ने न सिर्फ आस्था में बढ़ोत्तरी की, बल्कि क्षेत्र की गहरी पुरातात्विक परतों की ओर भी ध्यान खींचा है।
करीब 1000-1200 वर्ष पुराना बताया जा रहा
संभावना जताई जा रही है कि यह शिवलिंग और गुफा परमार कालीन हो सकते हैं। इन्हें करीब 1000-1200 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। महाकालेश्वर मंदिर के प्रस्तावित गेट-4 के पास निर्माण कार्यों के लिए खुदाई का काम चल रहा है। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे पोकलेन ऑपरेटर को खुदाई के दौरान शिवलिंग दिखा तो तुरंत खुदाई रोक दी गई। इसके बाद पुजारियों ने विधि- विधान से पूजा-अर्चना कर शिवलिंग को सुरक्षित करवा दिया। शिवलिंग के साथ अन्य अवशेष जैसे नंदी प्रतिमा या प्राचीन स्थापत्य के हिस्से मिलने की संभावना इस क्षेत्र को संभावित पुरातात्विक स्थल के रूप में स्थापित करती है
विशेषज्ञों के अनुसार, शिवलिंग के साथ अन्य अवशेष जैसे नंदी प्रतिमा या प्राचीन स्थापत्य के हिस्से मिलने की संभावना इस क्षेत्र को संभावित पुरातात्विक स्थल के रूप में स्थापित करती है। अब इस खोज का अहम पहलू इसकी प्राचीनता तय करना है। जल्द ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण या राज्य पुरातत्व विभाग की टीम वैज्ञानिक परीक्षण करेगी।
महाकालेश्वर मंदिर परिसर में पूर्व में भी पुरानी प्रतिमाएं मिल चुकी हैं। मई 2020 में महाकाल मंदिर विस्तार के दौरान 25- 30 फीट गहराई में परमारकालीन मंदिर के अवशेष और मूर्तियां मिली थीं। वर्तमान खोज उसी ऐतिहासिक श्रृंखला का विस्तार हो सकती है।
प्रमुख बिंदु
महाकालेश्वर मंदिर परिसर में चल रहा निर्माण कार्य
खुदाई में निकला प्राचीन वैभव
शिवलिंग और गुफा मिले
बाबा महाकाल के आंगन में 'प्रकट हुए महादेव'
खुदाई के दौरान मिले शिवलिंग की पुजारियों ने की पूजा-अर्चना
गुफानुमा संरचना भी सहेजी
