ED रेड से हड़कंप: 13 ठिकानों पर छापेमारी, कैश-गोल्ड के साथ अहम दस्तावेज बरामद

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में सामने आए बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. रायपुर जोनल कार्यालय की टीम ने एक साथ कई शहरों में छापेमारी कर करोड़ों रुपये की नकदी, सोना और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं.

यह कार्रवाई उस संगठित शराब घोटाले की जांच का हिस्सा है, जिसमें राजनीतिक, प्रशासनिक और कारोबारी स्तर पर बड़े नामों के शामिल होने की बात सामने आ चुकी है. ED ने 30 अप्रैल 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत एक साथ तलाशी अभियान चलाया. रायपुर, दुर्ग/भिलाई और बिलासपुर जिलों में कुल 13 परिसरों पर छापे मारे गए. ये ठिकाने शराब व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यवसायियों और कुछ कॉरपोरेट संस्थाओं से जुड़े थे, जिन पर घोटाले की काली कमाई को छिपाने और घुमाने का शक है.

नकदी और सोने की बड़ी जब्ती
तलाशी के दौरान ED को बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामान हाथ लगा. टीम ने 53 लाख रुपये नकद और करीब 3.234 किलो सोना बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4.86 करोड़ रुपये बताई गई है. इस तरह कुल जब्ती करीब 5.39 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. इसके अलावा कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डेटा भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है.

EOW‑ACB की FIR से शुरू हुई ED जांच
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच ED ने PMLA के तहत शुरू की है. यह जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), रायपुर द्वारा दर्ज FIR के आधार पर चल रही है. जांच में सामने आया कि घोटाले की पूरी योजना पहले से तय और व्यवस्थित तरीके से बनाई गई थी.

राजनीति, अफसर और शराब कारोबारी शामिल
ED की जांच में खुलासा हुआ है कि इस घोटाले में राजनीतिक पदाधिकारी, वरिष्ठ नौकरशाह, शराब निर्माता, FL‑10A लाइसेंसधारी और उनके करीबी लोग शामिल हैं. आरोप है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच शराब की खरीद, लाइसेंस और बिक्री के दौरान अवैध कमीशन वसूला गया. EOW/ACB की चार्जशीट के मुताबिक, इस घोटाले से करीब 2,883 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई है.

अब तक 9 गिरफ्तारियां
जांच के दौरान ED अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें एक सेवानिवृत्त IAS अधिकारी, CSMCL के तत्कालीन प्रबंध निदेशक, तत्कालीन आबकारी आयुक्त, तत्कालीन आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और मुख्यमंत्री के तत्कालीन उप सचिव जैसे बड़े नाम शामिल हैं. एजेंसी कई और कड़ियों की जांच कर रही है.

380 करोड़ की संपत्तियां कुर्क
ED ने अब तक PMLA की धारा 5 के तहत छह अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए हैं. इनके जरिए लगभग 380 करोड़ रुपये की चल‑अचल संपत्तियां जब्त की गई हैं. इनमें मकान, व्यावसायिक संपत्ति, बैंक बैलेंस, वाहन, आभूषण और शेयर शामिल हैं, जो आरोपियों और उनकी बेनामी संस्थाओं के नाम पर दर्ज बताए जा रहे हैं. कई मामलों में PMLA की निर्णायक प्राधिकरण ने कुर्की को मंजूरी भी दे दी है.

अदालत में चल रहा मामला
ED अब तक रायपुर स्थित PMLA की विशेष अदालत में छह अभियोजन शिकायतें दाखिल कर चुकी है. इनमें 81 आरोपी व्यक्ति और संस्थाएं नामजद हैं. यह मामला विशेष अदालत, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है.

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