मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से महिलाएं बन रहीं आर्थिक रूप से सशक्त

नरसिंहपुर

13 मई 2026. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार के लिये माताओं और बहनों का सम्मान सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश शासन की सबसे बड़ी और प्रभावी योजनाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि नरसिंहपुर की पावन धरती पर बहनों के बीच पहुंचकर ऐसा अनुभव हो रहा है मानो रक्षाबंधन, भाईदूज और दीपावली जैसे सभी पर्व एक साथ मनाए जा रहे हों

मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहपुर जिले के ग्राम मुंगवानी में आयोजित मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के राज्य स्तरीय हितलाभ वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में योजना की 36वीं किस्त के रूप में 1835 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। साथ ही 296 करोड़ 34 लाख रुपये लागत के 40 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले को विकास की बड़ी सौगात दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं को आर्थिक संबल देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

रानी दुर्गावती के पराक्रम को नमन 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान नरसिंह की यह भूमि वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य और पराक्रम की साक्षी रही है। उनके सम्मान में प्रदेश सरकार द्वारा जबलपुर एवं सिंग्रामपुर में विशेष कैबिनेट बैठकों का आयोजन किया गया। वहीं आदिवासी शहीद भभूत सिंह के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को स्मरण करते हुए भी विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। वर्तमान में मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 6 पर महिला सांसद, 27 महिला विधायक तथा 5 महिला मंत्री कार्यरत हैं।

महिलाएं अब हर क्षेत्र में आगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना ने बेटियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। अब महिलाएं केवल पारंपरिक कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कम्प्यूटर, सुरक्षा, प्रशासन और तकनीकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं। पुलिस विभाग में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।

     उन्होंने बताया कि प्रदेश में 4 लाख से अधिक महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं। रेडीमेड वस्त्र उद्योग एवं कारखानों में कार्यरत महिलाओं को 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। साथ ही 34 लाख महिला कृषकों को दुग्ध उत्पादन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 गाय या भैंस पालन करने वाले पशुपालकों को सरकार द्वारा 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुरनूर नस्ल की गौवंश का पूजन किया। साथ ही उनके बछड़ों को दूध पिलाया। यह इंडो- ब्राजिलियन नस्ल की बताई गई है।

किसानों के हित में सरकार प्रतिबद्ध

     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरसिंहपुर जिला गन्ना उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और इसे “शक्कर का कटोरा” कहा जाता है। गाडरवारा की तुअर दाल देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। यह जिला गेहूं एवं सोयाबीन उत्पादन में भी अग्रणी है।  

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गेहूं, चना, सरसों, मसूर एवं उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित कर रही है। उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा। मध्यप्रदेश देश में सर्वाधिक गेहूं खरीदी करने वाला राज्य बन चुका है। किसानों के हित में 23 मई तक खरीदी जारी रहेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर अवधि और बढ़ाई जाएगी।

विकास की नई दिशा में मध्यप्रदेश     

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और मध्यप्रदेश भी तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार सिकल सेल एवं कुपोषण जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से मुकाबला कर रही है।   

उन्होंने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना के माध्यम से 53 लाख बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। प्रदेश की 80 लाख बेटियों को शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति दी जा रही है तथा मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में 55 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।

सड़क दुर्घटना पीड़ितों के उपचार का खर्च उठाएगी सरकार 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायलों के उपचार हेतु 1.50 लाख रुपये तक का पूरा खर्च सरकार वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि अब दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले लोगों को डरने की आवश्यकता नहीं है। घायल को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्तियों को सरकार द्वारा 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

जल संरक्षण में जनभागीदारी जरूरी   

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि “जल है तो जीवन है, जल है तो खेती है और जल है तो समृद्धि है।” उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की।

उन्होंने नरसिंहपुर जिले के ग्राम मेख में एक मालगुजार द्वारा तालाब निर्माण के लिए 21 एकड़ भूमि दान करने की सराहना करते हुए इसे अनुकरणीय पहल बताया।

जिले की धरोहरों पर आधारित कैलेंडर का विमोचन 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में नरसिंहपुर जिले की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पुरातात्विक धरोहरों पर आधारित विशेष कैलेंडर का विमोचन किया। इसमें बरमान घाट, मृगनाथ तपोवन आश्रम, दादा दूल्हादेव महाराज, नरसिंह मंदिर, चौगान का किला, बरहेटा की पुरातात्विक धरोहर, गरूण मंदिर, बिनेकी टोला के शैल चित्र, मां राजराजेश्वरी त्रिपुरसुंदरी मंदिर, पीतल नगरी चीचली तथा गुरु गुफा अमोदा शंकर घाट जैसे प्रमुख स्थलों को शामिल किया गया है।

40 विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 296 करोड़ 34 लाख रुपये लागत के 40 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 215 करोड़ 65 लाख रुपये लागत के 17 कार्यों का भूमिपूजन तथा 80 करोड़ 68 लाख रुपये लागत के 23 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंगवानी में कॉलेज खोलने की घोषणा की। साथ ही बेलखेड़ी-बरहटा-मुंगवानी मार्ग पर शेढ़ नदी पर पुल निर्माण, नरसिंहपुर में इंडोर-आउटडोर स्टेडियम उन्नयन, हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ मैदान निर्माण तथा ग्राम बुढ़ैना में बांध निर्माण की भी घोषणा की।

पेट्रोल-डीजल की बचत और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने खर्चों में नियंत्रण रखने की अपील की है। प्रदेश सरकार भी इस दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि उनके काफिले में अब केवल 8 वाहन ही चलेंगे।   

उन्होंने आमजन से भी सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने, पेट्रोल-डीजल की अनावश्यक खपत कम करने, रासायनिक उर्वरकों का सीमित उपयोग करने तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील की।

विभागीय प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र   

कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा शासकीय योजनाओं एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई, जिसने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभागों के नवाचारों की सराहना की।

उन्होंने “अभ्युदय निःशुल्क कोचिंग” पहल को प्रेरणादायी बताते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को दी जा रही सहायता की प्रशंसा की। कृषि विभाग द्वारा प्रस्तुत समेकित नरवाई प्रबंधन मॉडल का अवलोकन कर किसानों के हित में इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए।

प्रदर्शनी में गन्ने के अवशेषों से निर्मित पर्यावरण अनुकूल प्लाईवुड, पारंपरिक पीतल के बर्तन तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार सजावटी एवं उपयोगी उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। एक जिला एक उत्पाद के तहत महिलाओं ने मुख्यमंत्री को अरहर दाल से निर्मित मुख्यमंत्री की तस्वीर भेंट की।

प्रतिभाओं का सम्मान 

कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र एवं आर्थिक सहायता वितरित की गई। माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक बोर्ड परीक्षाओं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं टैबलेट देकर सम्मानित किया गया। 

वॉलीबॉल एवं क्रिकेट प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ट्रैक सूट प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। वहीं सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले राहगीरों को भी सम्मानित किया गया।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर 51 लाड़ली बहनों ने कलश यात्रा के माध्यम से उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बहनों को साड़ी भेंट कर सम्मानित किया तथा कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित लाड़ली बहनों पर पुष्पवर्षा कर आत्मीय अभिनंदन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।  

प्रदेश शासन के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि आज का दिन प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिये उत्सव और सम्मान का दिवस है। प्रदेश सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिये लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना जैसी पहल ने प्रदेश की महिलाओं और बेटियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।

 उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में जन्म लेने वाली प्रत्येक बेटी को सरकार सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य देने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिये अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। शासकीय सेवाओं में महिलाओं को आरक्षण प्रदान कर उन्हें निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी दी गई है, जिससे महिलाओं का आत्मविश्वास और सम्मान बढ़ा है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री  प्रह्लाद पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान, श्रमिक और मातृशक्ति के कल्याण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मविश्वास पैदा किया है और महिलाओं को परिवार तथा समाज में नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। आज प्रदेश की बेटियां शिक्षा, खेल, प्रशासन और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। सरकार महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है।

सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना जैसी महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर मध्यप्रदेश ने पूरे देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण, किसानों के उत्थान और ग्रामीण विकास को केंद्र में रखकर निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है।

सांसद  चौधरी दर्शन सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसान, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के समग्र कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जनहितकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों को आधुनिक कृषि सुविधाएं, युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा गरीब परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन विधायक गोटेगांव  महेंद्र नागेश ने दिया।

इस अवसर परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मती ज्योति काकोड़िया, तेंदूखेड़ा विधायक  विश्वनाथ सिंह पटेल, विधायक सिवनी  दिनेश राय, पूर्व राज्यमंत्री  जालम सिंह पटेल, पूर्व राज्यसभा सदस्य  कैलाश सोनी, पूर्व विधायक  हाकम सिंह चढ़ार,  नरेश पाठक, मती साधना स्थापक,  रामसनेही पाठक, संभागायुक्त  धनंजय सिंह, कलेक्टर मती रजनी सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में लाड़ली बहने मौजूद थी।माताओं-बहनों का सम्मान प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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