शहतूत का पौधा और वास्तु शास्त्र: घर में लगाने से मिलते हैं ये बड़े फायदे

हाल ही में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बेहद खास तस्वीर सामने आई है, जिसमें दोनों नेता एक साथ शहतूत (Mulberry) का पौधा लगाते नजर आ रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय मंच पर रिश्तों को मजबूती देने वाली इस तस्वीर के बाद से ही शहतूत का पौधा हर तरफ चर्चा का विषय बन गया है.

वास्तु शास्त्र और आयुर्वेद दोनों में ही पेड़-पौधों का सीधा संबंध हमारी किस्मत, घर की ऊर्जा और अच्छी सेहत से होता है. आइए जानते हैं कि शहतूत का पौधा लगाने से जीवन में क्या सकारात्मक बदलाव आते हैं और यह आपके लिए कितना फायदेमंद है.

Morus nigra (काला शहतूत): क्यों है यह इतना खास?
इस खास मौके पर जिस पौधे को चुना गया, वह है Morus nigra यानी काला शहतूत. वास्तु में इसके विशेष गुणों की वजह से इसे बेहद पूजनीय और मजबूत माना जाता है:

लंबी उम्र का प्रतीक: काला शहतूत अपनी लंबी उम्र के लिए जाना जाता है.  वास्तु के अनुसार, यह घर में स्थिरता और परिवार के सदस्यों की दीर्घायु का प्रतीक बनता है.

मजबूत जड़ें (स्थायित्व): इसकी जड़ें बेहद मजबूत होती हैं, जो गहराई तक जाती हैं.  यह आपके घर की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने और बिजनेस या करियर में स्थिरता (Stability) लाने में मदद करता है.

समय के साथ विस्तार: यह पौधा समय के साथ चारों तरफ फैलता है. जैसे-जैसे यह फलता-फूलता है, वैसे-वैसे घर में सुख-समृद्धि, मान-सम्मान और धन बढ़ता है.

शहतूत के पौधे के बड़े वास्तु फायदे
नकारात्मक ऊर्जा का नाश: वास्तु शास्त्र के अनुसार, शहतूत के पौधे में आस-पास की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को सोखने की अद्भुत क्षमता होती है. इसे घर के पास या बगीचे में लगाने से वातावरण शुद्ध होता है और परिवार के सदस्यों के बीच सकारात्मकता बढ़ती है.

बुरी नजर और तंत्र-मंत्र से बचाव: धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार, शहतूत का पेड़ एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. ऐसा माना जाता है कि जिस घर के आस-पास यह पेड़ फल-फूल रहा हो, वहां किसी भी तरह की बुरी नजर, ऊपरी हवा या नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव नहीं पड़ता.

सुख-समृद्धि और धन का आगमन: वास्तु के नियमों के अनुसार, जैसे-जैसे इस पौधे का विकास होता है और इसमें मीठे फल आने लगते हैं, वैसे-वैसे घर की आर्थिक तंगी दूर होने लगती है.  

मानसिक तनाव से मुक्ति: इस पौधे की हरी-भरी पत्तियां और वातावरण को शुद्ध करने का गुण घर के सदस्यों के मानसिक तनाव को कम करता है. इसके प्रभाव से घर में कलह-कलेश शांत होता है और शांति का माहौल बनता है.

रखें इन जरूरी वास्तु नियमों का ध्यान
अगर आप भी इस पौधे को अपने घर में लगाने की सोच रहे हैं, तो इन बातों को बिल्कुल न भूलें.

अंदर न लगाएं (No Indoor): वास्तु शास्त्र कहता है कि शहतूत के पौधे को कभी भी मुख्य घर या बेडरूम के ठीक अंदर (In-door) नहीं लगाना चाहिए.

सही दिशा का चुनाव: इसे हमेशा घर के बाहर बगीचे में, बालकनी में या घर से थोड़ी दूरी पर खुली जगह में लगाएं.  वास्तु के अनुसार, इसे घर की उत्तर या पूर्व दिशा के लॉन/बगीचे में लगाना सबसे ज्यादा फलदायी और शुभ होता है. चूँकि Morus nigra समय के साथ फैलता है, इसलिए इसे पर्याप्त खुली जगह में लगाना ही बेहतर है.

धूप का ध्यान रखें: शहतूत के पौधे को अच्छी ग्रोथ और मीठे फलों के लिए रोजाना 5 से 6 घंटे की सीधी धूप की जरूरत होती है.  इसलिए इसे ऐसी जगह लगाएं जहां पर्याप्त धूप आती हो.

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