वर्ष 2012 से 2017 तक भर्ती प्रक्रिया रही ठप, योगी सरकार ने मिशन मोड में पूरी की चयन प्रक्रिया

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे भर्ती संकट को समाप्त कर व्यवस्था परिवर्तन का नया अध्याय लिखा है। पूर्व में वर्ष 2012 से 2017 तक माध्यमिक शिक्षा में भर्ती प्रक्रिया लगभग ठप रही, जिसके कारण विद्यालयों में शिक्षकों के हजारों पद रिक्त हो गए और शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों से घिर गई। 

वर्ष 2017 में योगी सरकार के गठन के बाद स्थिति तेजी से बदली। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए पारदर्शिता, सुशासन और मेरिट को केंद्र में रखा, जिसका परिणाम 33,401 पदों पर सफल चयन के रूप में सामने आया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2017 से वर्ष 2022 तक प्रधानाचार्यों के 783, प्रवक्ता के 5,321 तथा प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के 27,297 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई। इस प्रकार कुल 33,401 पदों पर भर्ती कर माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को नया संबल प्रदान किया गया।

नीति स्पष्ट, नीयत साफ और नतीजे सामने

माध्यमिक शिक्षा में भर्ती प्रक्रिया की यह सफलता योगी सरकार की नीति, नीयत और नतीजों का स्पष्ट उदाहरण है। सरकार की नीति विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर कर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की रही, नीयत पारदर्शी और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की रही, जबकि इसका नतीजा हजारों रिक्त पदों पर भर्ती के रूप में सामने आया। जहां पूर्ववर्ती सरकार के दौरान चयन प्रक्रिया ठहराव का शिकार रही, वहीं योगी सरकार ने लंबित प्रक्रियाओं को गति देकर यह साबित किया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रभावी प्रशासनिक क्रियान्वयन से वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान संभव है। माध्यमिक शिक्षा में 33 हजार से अधिक पदों पर भर्ती केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि यह उस बदलाव की कहानी है जिसमें ठप पड़ी चयन प्रक्रिया को गति मिली, युवाओं को अवसर मिला और विद्यालयों को शिक्षक मिले। 

योगी सरकार ने दूर की विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी

वर्षों तक भर्ती प्रक्रिया प्रभावित रहने के कारण माध्यमिक विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी एक बड़ी चुनौती बन चुकी थी। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा था। योगी सरकार ने इस चुनौती को शिक्षा सुधार के व्यापक एजेंडे का हिस्सा बनाते हुए रिक्त पदों को भरने की दिशा में ठोस कदम उठाए। परिणामस्वरूप लंबे समय से लंबित चयन प्रक्रियाओं को गति मिली और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। बड़ी संख्या में टीजीटी, प्रवक्ता और प्रधानाचार्यों की नियुक्ति से विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ी है। इससे शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में भी सहायता मिली है। विद्यालयों में शैक्षणिक नेतृत्व को मजबूत करने के लिए प्रधानाचार्यों की नियुक्तियां भी महत्वपूर्ण साबित हुईं हैं, जिससे प्रशासनिक दक्षता और शैक्षणिक वातावरण दोनों बेहतर हुए हैं।

शिक्षा सुधारों को मिला मजबूत आधार

प्रदेश में ऑपरेशन अलंकार, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण, डिजिटल शिक्षा और नकलविहीन परीक्षा प्रणाली जैसी पहल के साथ-साथ बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाई है। पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता से विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को नई गति मिली है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार और मजबूत हुआ है।

More From Author

प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों का स्वर्णिम कार्यकाल अभिनंदन योग्य

जहरीली हवा और संकरी सुरंगों में फंसे खनिकों की तलाश, दुनिया भर के गोताखोर जुटे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13814/1

RO No. 13783/138

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.