इको-फ्रेंडली उत्पादों के निर्माण से बढ़ी आय, ग्रामीण महिलाओं को मिला स्वरोजगार का नया अवसर

बिहान योजना से मिली नई पहचान, लटोरी की महिलाएं हस्तशिल्प के जरिए बन रहीं आत्मनिर्भर

इको-फ्रेंडली उत्पादों के निर्माण से बढ़ी आय, ग्रामीण महिलाओं को मिला स्वरोजगार का नया अवसर

रायपुर,
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरगुजा जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत लटोरी की स्व-सहायता समूह की महिलाएं इस पहल का सफल उदाहरण बनकर उभरी हैं। प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के बल पर यहां की महिलाओं ने हस्तशिल्प आधारित स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भरता की नई राह बनाई है।

बिहान योजना के तहत महामाया एवं रेखा स्व-सहायता समूह की 20 महिलाओं को छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा तीन माह का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने प्राकृतिक संसाधनों से आकर्षक एवं उपयोगी हस्तशिल्प उत्पाद तैयार करने की तकनीक सीखी। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद महिलाएं अब डलिया, टोकरी, सजावटी गुलदस्ते, पूजा ट्रे तथा फ्रूट बास्केट जैसे इको-फ्रेंडली उत्पाद तैयार कर रही हैं।

इन हस्तनिर्मित उत्पादों को स्थानीय बाजार में अच्छी पहचान मिल रही है। बढ़ती मांग के कारण समूह की महिलाओं की आय में भी वृद्धि हो रही है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। स्वरोजगार के इस माध्यम ने महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने का अवसर भी प्रदान किया है।

रेखा स्व-सहायता समूह की सदस्या श्रीमती कौशल्या राजवाड़े बताती हैं कि पहले उनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं था। बिहान योजना से जुड़ने और प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अब वे स्वयं आय अर्जित कर रही हैं। उनका कहना है कि समूह की सभी महिलाएं मिलकर अपने हस्तशिल्प व्यवसाय का विस्तार करना चाहती हैं, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार मिले और उनके गांव की पहचान भी बने।

महिलाओं ने उन्हें प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ शासन और बिहान योजना के प्रति आभार व्यक्त किया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने की यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण को गति दे रही है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान कर रही है। आज लटोरी की महिलाएं यह साबित कर रही हैं कि अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं।

More From Author

NEET UG 2026 की तैयारियां तेज: मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को दिए अहम दिशा-निर्देश

एनएमडीसी की परिक्षेत्र विकास निधि बैठक संपन्न, विकास कार्यों की प्रगति पर हुई समीक्षा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13910/15

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.