सहकारिता में मजबूती लाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को देंगे नई गति

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सहकारिता क्षेत्र प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हमारी सरकार इसे और अधिक सशक्त बनाकर किसानों, ग्रामीणों तथा छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनायेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता एक व्यवस्था ही नहीं, यह समाज के सामूहिक उत्थान का प्राचीन और बड़ा माध्यम है। हम इसे आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ जोड़कर नई ऊंचाइयों तक ले जायेंगे। उन्होंने कहा कि हम सहकारी मॉडल का समयबद्ध, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे आमजन को इसका वास्तविक और अधिकतम लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को सरल और प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे किसानों को ऋण, बीज, उर्वरक और विपणन जैसी सुविधाएं सहजता से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सहकारिता क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। नई योजनाओं के जरिए युवाओं और किसानों को जोड़कर सहकारिता को जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की सहकारी संस्थाओं की दैनंदिन कार्यप्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर इन्हें अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा रहा है। सहकारी समितियों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने के साथ ही इनकी जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सहकारी संस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है। विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से नवाचार, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता दी जा रही है। हमारी सरकार सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सहकारिता विभाग के सहयोग से हम किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जनजातीय अंचलों के विकास सहित ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं को भी गति दे रहे हैं।

सहकारिता की बेहतरी के लिए केंद्र सरकार से लगातार कर रहे समन्वय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सहकारिता को नई दिशा देने के लिए हमारी सरकार केंद्र सरकार से लगातार समन्वय कर रही है। हमने प्रदेश के 4 हज़ार 536 से अधिक पैक्स का सफलतापूर्वक कंप्यूटराइजेशन पूरा करा लिया है। इन सभी पैक्स की जानकारी केन्द्र सरकार की अपेक्षानुसार एनसीडी पोर्टल पर अद्यतन भी कर दी गई है। दूध (श्वेत) क्रांति 2.0 को प्रभावी एवं सफल बनाने तथा वित्तीय समावेशन के लिए दुग्ध समितियों एवं सदस्यों के खाते जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में खोले गये हैं। अन्य संस्थाओं को भी सहकारी बैंकों में लेन-देन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (बीसीएसएसएल) तथा मप्र राज्य सहकारी बीज संघ के मध्य एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। इससे करीब 17 करोड़ रुपए का व्यवसाय हुआ और 844 पैक्स द्वारा सदस्यता प्राप्त कर ली गई है। राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक लिमिटेड (एनसीओएल) तथा मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ के मध्य भी समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। करीब 1335 पैक्स द्वारा इसकी सदस्यता ले ली गयी है। इसके अलावा राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल) और मप्र राज्य सहकारी संघ के साथ भी एक पृथक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हो गया है। इसमें अबतक 1612 पैक्स द्वारा सदस्यता ले ली गयी है।

 

More From Author

जल जीवन मिशन की नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन-संधारण के लिए जल कर हेतु पंचायतों और ग्रामीणों को प्रेरित करने कहा

तीन दिनों तक प्रदेश के 75 जिलों में होगी आरक्षी भर्ती परीक्षा, 1183 केंद्रों पर कड़ी निगरानी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13814/1

RO No. 13843/161

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.