होर्मुज में बढ़ा युद्ध का खतरा! US-Iran नौसैनिक झड़प के बीच UN में गरजा भारत, 3 भारतीय नाविकों को लेकर बढ़ी चिंता

नई दिल्ली

पश्चिम एशिया फिर जलने लगा है. ईरान जंग की आग और भड़क उठी है. डील की बातें कर रहा अमेरिका अब युद्ध करने लगा है. ईरान पर अमेरिका लगातार अटैक कर रहा है. अपाचे हेलिकॉप्टर के मार गिराए जाने से अमेरिका आगबबूला हो चुका है. इसी से गरमाकर डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर अब ताबड़तोड़ अटैक कर रहे हैं. जी हां, पश्चिम एशिया यानी मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिख रहा है. दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्ग होर्मुज में फिर हाहाकार मच गया है. होर्मुज के पास लगातार बम-गोलों की बरसात हो रही है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज यानी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. इसी बीच ईरानी मीडिया में दावा किया गया है समुद्र में अमेरिकी और ईरानी नौसेनाओं के बीच झड़प हुई है. इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. इतना ही नहीं, ईरान ने होर्मुज को भी फिर से बंद कर दिया है. वहीं, समंदर में जहाजों पर अटैक से चिंता बढ़ गई है. इसे लेकर भारत ने यूएन में भी आवाज उठाई है। 

दरअसल, ईरानी अखबार तेहरान टाइम्स ने दावा किया कि अमेरिकी और ईरानी सैन्य जहाजों के बीच समुद्री टकराव की खबरें हैं. रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों देशों की नौसेनाएं आमने-सामने आ गईं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. दोनों नौसेनाओं के बीच झड़प हुई है. ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, होर्मुज में भीषण झड़पें और गोलीबारी की खबरें हैं, क्योंकि अमेरिकी सेना ने ईरान के कई तटीय इलाकों में हमले किए हैं। 

3 भारतीय क्रू के लापता होने का मामला गहराया

ओमान के तट के पास एक टैंकर पर हुए हमले और तीन भारतीय नाविकों के लापता होने के मामले ने भारत-अमेरिका संबंधों में नई मुश्किलें पैदा कर दी है. इस घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली में अमेरिका के सबसे वरिष्ठ राजनयिक को तलब किया था. अब अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि वह इस मामले को लेकर भारत सरकार के सीधे संपर्क में है। 

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा, "स्टेट डिपार्टमेंट इस मामले को लेकर भारत सरकार के साथ सीधे संपर्क में है." यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने ओमान के पास हुए हमले की निंदा करते हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। 

समंदर में ईरान-अमेरिका के बीच झड़प
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने इस जलमार्ग में अमेरिकी सेना का मुकाबला किया. आगे बताया गया कि अमेरिकी सेना ने अब तक कम से कम सात तटीय ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें बंदर अब्बास, सिरिक, केशम द्वीप और हेंगाम द्वीप के आसपास के इलाके शामिल हैं। 

यहां बताना जरूरी है कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है. अमेरिका बीते कुछ समय से शांत था. वह ईरान संग डील करने को बेताब था. उसने इजरायल को भी अटैक करने से रोक रखा था. मगर अब अपाचे के गिरने के बाद अमेरिका ने ईरान पर फिर अटैक करना शुरू कर दिया है। 

दरअसल, बुधवार को भारत ने टैंकर सेटेबेलो पर हुए हमले की कड़ी आलोचना की थी. इस हमले में जहाज पर सवार 24 भारतीय क्रू में से 3 भारतीय क्रू लापता बताए जा रहे हैं. भारत ने इस मामले में अमेरिकी प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय बुलाकर आधिकारिक विरोध दर्ज कराया। 

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के US डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को बुलाने के फैसले और दो जहाजों पर हमलों के बारे में एक सवाल के जवाब में, स्टेट डिपार्टमेंट के एक प्रवक्ता ने कहा, "डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट इस मामले में भारत सरकार के सीधे संपर्क में है। 

अमेरिका ने पलाऊ फ्लैग टैंकर पर किया था हमला
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने अमेरिकी पक्ष को स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय नाविकों की जान को खतरे में डालने वाली किसी भी कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जा सकता. हालांकि, भारत के आधिकारिक बयान में हमले के लिए किसी देश का नाम नहीं लिया गया, लेकिन मामले से जुड़े जानकारों के मुताबिक, पलाऊ-फ्लैग वाले टैंकर सेटेबेलो को अमेरिकी बलों ने निशाना बनाया था. आरोप है कि जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी को दरकिनार करने की कोशिश कर रहा था। 

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन भारतीय अभी भी लापता हैं. ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर खोज और बचाव अभियान की निगरानी कर रहा है। 

जानकारी के मुताबिक, सेटेबेलो चीन के लियानयुंगांग बंदरगाह से संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह जा रहा था. जहाज पर कुल 28 लोग सवार थे, जिनमें 24 भारतीय, दो पाकिस्तानी, एक रूसी और एक यूक्रेनी नागरिक शामिल थे. ओमान की सशस्त्र सेनाओं ने 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया। 

ओमानी नौसेना ने किया थे भारतीय क्रू को रेस्क्यू
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि ओमान के सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में जहाज के इंजन रूम में आग लग गई थी. समुद्री सुरक्षा कंपनी वैनगार्ड के मुताबिक, जहाज ने संकट संदेश भेजकर बताया था कि उस पर मिसाइल हमला हुआ है, जिसके बाद आग लग गई. इसके बाद ओमान की नौसेना ने राहत अभियान शुरू किया। 

भारत ने इस पूरी घटना को पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का नतीजा बताते हुए तत्काल तनाव कम करने की अपील की है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए. साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही बहाल की जानी चाहिए। 

गौरतलब है कि, 13 अप्रैल से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर रखी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, अब तक सात जहाजों को रोका गया है, 134 जहाजों का रास्ता बदला गया है और 42 मानवीय सहायता से जुड़े जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई है। 

होर्मुज एक बार फिर हुआ बंद
अमेरिकी अटैक का असर अब होर्मुज में साफ दिख रहा है. ईरान ने एक बार फिर होर्मुज को बंद कर दिया है. ईरानी सरकारी मीडिया का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने बताया कि ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने गुरुवार को घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य को तेल टैंकरों और वाणिज्यिक जहाजों सहित सभी तरह के यातायात के लिए बंद कर दिया गया है. ईरानी सेना ने चेतावनी दी कि होर्मुज से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज पर गोली चलाई जाएगी। 

क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में शामिल है. खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचती है. ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य टकराव वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर डाल सकता है। 

अमेरिका ने ईरान पर किया हमला, होर्मुज एक बार फिर बंद.

जहाजों पर हमले को लेकर भारत यूएन में गरजा

    इधर, होर्मुज और खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों को लेकर भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में अपनी चिंता खुलकर जाहिर की है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरिश ने कहा कि समुद्री जहाजों को निशाना बनाया जाना बेहद चिंताजनक है. उन्होंने बताया कि इन हमलों में कई भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि कुछ भारतीय अब भी लापता हैं। 

    भारत ने साफ कहा कि वह वाणिज्यिक जहाजों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों पर हमलों का कड़ा विरोध करता है. पी. हरिश ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां करीब एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं. उनकी सुरक्षा और भलाई भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है. भारत ने यह भी कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक हित भी इस क्षेत्र की स्थिरता पर काफी हद तक निर्भर करते हैं. ऐसे में क्षेत्र में बढ़ता तनाव न केवल स्थानीय देशों बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। 

    संयुक्त राष्ट्र में भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की. भारत ने कहा कि किसी भी पक्ष को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे हालात और खराब हों. नई दिल्ली ने जोर देकर कहा कि बातचीत, कूटनीति और शांतिपूर्ण समाधान ही मौजूदा संकट से निकलने का सबसे बेहतर रास्ता है. गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच 28 फरवरी से ही युद्ध जारी है. बीचे में सीजफायर हुई थी. हालांकि, अब हालात और बिगड़ने लगे हैं। 

 

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