100 किमी/घंटा की हवाओं ने मचाई तबाही, बरेली में बिजली-पानी सप्लाई ठप

बरेली
भीषण गर्मी के बीच यूपी में आंधी-पानी ने कहर बरपाया हुआ है। 100 की स्पीड से चल रही हवाओं ने तबाही मचाई है। अकेले यूपी के बरेली में आंधी से 419 खंभे टूट गए और 23 ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं। बिगड़े मौसम ने जिले की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह बेपटरी कर दिया। शहर से लेकर गांव तक बिजली की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। हालात ऐसे रहे कि बिजली निगम के अधिकारी और कर्मचारी 24 घंटे बीत जाने के बाद भी आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं कर सके। बिजली संकट का असर केवल रोशनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पेयजल संकट, कारोबार, उद्योग और लोगों की दिनचर्या पर भी गहरा असर पड़ा।

आंधी से ग्रामीण क्षेत्रों में 325 बिजली पोल और शहरी क्षेत्रों में 94 पोल क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीण क्षेत्र के 18 और शहर के पांच ट्रांसफार्मर भी खराब हो गए। पेड़ गिरने से कई जगह हाईटेंशन लाइनें टूट गईं, जिससे पूरे जिले की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बुधवार देर रात गुल हुई बिजली के कारण गुरुवार सुबह तक शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश हिस्से अंधेरे में डूबे रहे।

सुबह 10 बजे के बाद एक-एक कर बिजलीघरों की आपूर्ति बहाल की गई, लेकिन देर रात तक कई मोहल्लों और गांवों में बिजली नहीं पहुंच सकी। बिजली न होने से इनवर्टर जवाब दे गए और मोबाइल फोन बंद होने लगे। गर्मी और उमस के बीच लोगों को रातभर जागकर समय बिताना पड़ा। पेयजल संकट भी गहरा गया, क्योंकि नगर निगम और जलकल विभाग के ट्यूबवेल बिजली न होने के कारण बंद रहे।

154 पेड़ गिरे, यातायात भी प्रभावित
आंधी ने शहर की रफ्तार थाम दी। आंधी के चलते शहर के विभिन्न इलाकों में करीब 154 पेड़ और बड़ी-बड़ी शाखाएं गिर गईं, जिससे कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हो गया। बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने से कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति भी बाधित रही। हालात सामान्य करने के लिए नगर निगम का पूरा अमला रात से ही सड़कों पर उतर आया और गुरुवार शाम तक राहत एवं बचाव कार्य जारी रहा।

राहत में जुटा प्रशासनिक अमला
आपात स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम ने बड़े स्तर पर संसाधन लगाए। नगर निगम की ओर से 150 कर्मचारियों, 8 बुलडोजर, 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 40 छोटे मालवाहक वाहनों और 6 इंजीनियरों की टीम को शहर के चारों जोन में तैनात किया गया। टीमों ने रातभर अभियान चलाकर सड़कों पर गिरे पेड़ों, शाखाओं और मलबे को हटाने का कार्य किया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार प्राथमिकता उन मार्गों को दी गई, जहां यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था। कई इलाकों में पेड़ गिरने से वाहन फंस गए।

बिजली निगम और नगर निगम ने साथ मिलकर संभाली कमान आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंता लगातार शहर का निरीक्षण करते रहे। अधिकारियों ने विभिन्न प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी की और कर्मचारियों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए। नगर निगम और बिजली विभाग की संयुक्त टीमों ने भी कई स्थानों पर पहुंचकर बिजली लाइनों पर गिरे पेड़ों को हटाया, ताकि विद्युत आपूर्ति जल्द बहाल की जा सके। हालांकि कई इलाकों में घंटों तक बिजली बाधित रही।

आपदा प्रबंधन की खुली पोल
मानसून से पहले आई आंधी ने शहर की आपदा प्रबंधन तैयारियों की पोल खोल दी। कई स्थानों पर पुराने और जर्जर पेड़ गिरने से लोगों में दहशत का माहौल रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कमजोर पेड़ों की छंटाई और सर्वे किया जाता तो कई घटनाओं को रोका जा सकता था। अब नगर निगम ऐसे पेड़ों की सूची तैयार करने में जुट गया है, जो भविष्य में खतरा बन सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि संभावित खतरनाक पेड़ों की पहचान कर उनकी छंटाई और हटाने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि मानसून के दौरान किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

नगर आय़ुक्त संजीव कुमार मौर्य के अनुसार आंधी के तुरंत बाद सभी जोन में टीमें सक्रिय कर दी गई थीं। प्राथमिकता सड़कें खुलवाने और जनसुविधाएं बहाल करने की रही। अधिकांश मार्गों को साफ करा दिया गया है और शेष स्थानों पर भी कार्य जारी है।

More From Author

यूपी में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा, पहली बार हाइड्रोजन बसों का संचालन शुरू

राजस्थानी चना कढ़ी रेसिपी: बिना प्याज-लहसुन के तैयार देसी स्वादिष्ट डिश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13814/1

RO No. 13843/161

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.