सोमवती अमावस्या 2026: स्नान-दान मुहूर्त, योग और शिव उपासना का विशेष महत्व

सोमवती अमावस्या बहुत ही चमत्कारी तिथि है. एक ऐसा दिन जब आप चंद्रमा के साथ-साथ भगवान शिव को भी प्रसन्न कर सकते हैं. महादेव और चंद्रमा का दिन होने की वजह से यह तिथि बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर किया गया व्रत दाम्पत्य सुख दिलाता है और जीवन में सफलता प्रदान करता है. इस दिन कुछ विशेष उपाय भी बताए गए हैं. अगर आपको 5 पत्तों वाला बिल्व पत्र मिल जाए, तो उनमें से तीन पत्रों पर "नमः शिवाय" और 108 बिल्व पत्रों पर "राम-राम" केसर और चंदन से लिखकर भगवान शिव के शिवलिंग का दिव्य श्रृंगार करें और महाभिषेक करें. ऐसा करने से आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. 5 पत्तों वाला बिल्व पत्र विशेष रूप से पूजनीय माना गया है, लेकिन चार पत्तों वाला बिल्व पत्र भी अत्यंत शुभ फल देता है.

सोमवती अमावस्या स्नान-दान मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार, 15 जून यानी सोमवार के दिन सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी. सोमवती अमावस्या पर स्नान-दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 03 मिनट से लेकर सुबह 4 बजकर 43 मिनट तक रहेगा.

सोमवती अमावस्या शुभ योग
इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण होने जा रहा है. जिसका मुहूर्त सुबह 5 बजकर 23 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 08 मिनट तक रहेगा.

सोमवती अमावस्या महत्व
शास्त्रों के अनुसार भी पूजा के अलग-अलग फल बताए गए हैं. पीले वस्त्र पहनकर पूजा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है, सफेद वस्त्र विद्या प्रदान करते हैं, लाल वस्त्र सिद्धियां दिलाते हैं, काले वस्त्र ग्रह बाधाओं से मुक्ति देते हैं और लक्ष्मी की प्राप्ति भी होती है. हालांकि, इन उपायों को किसी जानकार व्यक्ति के मार्गदर्शन में ही करना चाहिए. बिना सही जानकारी के मनमर्जी से साधना नहीं करनी चाहिए.

सोमवती अमावस्या पूजन विधि
शाम के समय स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. तुलसी के पौधे के नीचे गाय के घी का दीपक जलाएं और रोली, चावल, धूप-दीप से पूजा करें. पान के पत्ते पर धान और साबुत हल्दी रखकर तुलसी के पास अर्पित करें और तुलसी की परिक्रमा करें. "नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करते हुए धन प्राप्ति की कामना करें.

उपाय
सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या, यानी सोमवती अमावस्या के संयोग से सृष्टि में दिव्य ऊर्जा का संचार होता है. इस दिन सच्चे मन से की गई महादेव की उपासना जीवन के कष्टों को दूर कर देती है. यदि दाम्पत्य जीवन में समस्या है, तो इस दिन किए गए उपाय आपके लिए रामबाण साबित हो सकते हैं.

पीपल के पेड़ की जड़ में जल और फूल अर्पित करें. उसकी 9 बार परिक्रमा करें और हर परिक्रमा के साथ पीपल पर पीला सूत लपेटें. इसके बाद हाथ जोड़कर प्रार्थना करें.

सोमवती अमावस्या को पितरों की शांति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. इस दिन किए गए उपाय पितरों को प्रसन्न करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. साथ ही कुंडली में राहु के अशुभ प्रभाव को भी शांत किया जा सकता है.

इसके लिए चावल, दूध और चीनी की खीर बनाएं. मिट्टी के बर्तन में खीर रखकर उसे दक्षिण दिशा की ओर रखें. "पितृभ्यो नमः" मंत्र का जाप करें और दक्षिण दिशा की ओर मुख करके प्रार्थना करें. बाद में खीर किसी जरूरतमंद को दान कर दें. इससे पितरों का आशीर्वाद मिलता है और राहु के दोष शांत होते हैं.

अगर संभव हो तो इस दिन पीपल का पौधा लगाएं. इससे पितर अत्यंत प्रसन्न होते हैं. इसके अलावा मंत्र जाप, सिद्धि साधना, दान और मौन व्रत रखने से भी पुण्य की प्राप्ति होती है.

More From Author

लौकी की चटपटी रेसिपी: बेसन और अमचूर से बनाएं स्वादिष्ट सूखी सब्जी

रवि किशन का रिएक्शन: रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ से फिर चर्चा में आई पुरानी भोजपुरी फिल्म

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13910/15

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.