डॉ. यादव के नेतृत्व में तकनीक आधारित सुशासन का मॉडल बना लोक निर्माण विभाग

लोक निर्माण से लोक कल्याण

नवाचार से नव निर्माण तक : 2.5 वर्षों में लोक निर्माण विभाग की कार्य पद्धत्ति में आया ऐतिहासिक परिवर्तन

डॉ. यादव के नेतृत्व में तकनीक आधारित सुशासन का मॉडल बना लोक निर्माण विभाग

हर सड़क, हर परियोजना में गुणवत्ता का संकल्प

भोपाल

कभी सड़क और भवन निर्माण तक सीमित समझा जाने वाला मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग आज नवाचार, तकनीकी आधुनिकीकरण, पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शिता और जवाबदेही के क्षेत्र में देश के अग्रणी विभागों में अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व तथा लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह के मार्गदर्शन में पिछले 2.5 वर्षों के दौरान विभाग ने केवल अधोसंरचना निर्माण ही नहीं किया, बल्कि कार्यप्रणाली में ऐसे परिवर्तनकारी सुधार लागू किए हैं, जो देश के अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की स्पष्ट सोच रही है कि विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रहे, बल्कि वह पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी, तकनीकी दक्षता और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हो। इसी सोच को आधार बनाकर लोक निर्माण विभाग ने अनेक अभिनव पहलें शुरू की हैं।

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण का अनूठा मॉडल : लोक कल्याण सरोवर

सड़क निर्माण कार्यों के दौरान आवश्यक मिट्टी एवं मुरम की खुदाई को विभाग ने पर्यावरणीय दृष्टि से उपयोगी बनाने का अभिनव निर्णय लिया। अब “लोक कल्याण सरोवर” विकसित किए जा रहे हैं। वर्ष 2025 में विभाग द्वारा 506 से अधिक लोक कल्याण सरोवर निर्मित किए गए, जिन पर कोई अतिरिक्त व्यय नहीं हुआ। इन सरोवरों के लिए पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म पर विशेष डिजिटल मॉड्यूल विकसित किया गया है, जो निर्माण स्थलों के समीप ऐसे स्थानों की पहचान करता है जहाँ वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। यह पहल जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और ग्रामीण समुदायों को दीर्घकालिक लाभ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सड़कों से भूजल संवर्धन की नई पहल

जल संकट और भूजल स्तर में गिरावट की चुनौती को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सड़क किनारे “ग्राउंड वाटर रिचार्ज बोर” निर्माण की अभिनव योजना प्रारंभ की है। प्रत्येक किलोमीटर पर रिचार्ज बोर विकसित किए जा रहे हैं। प्रथम चरण में 840 किलोमीटर लंबाई की सड़कों पर लगभग 1000 रिचार्ज बोर निर्मित किए जा रहे हैं, जिससे वर्षा जल सीधे धरती के भीतर पहुंच सकेगा।

ग्रीन बिल्डिंग की दिशा में निर्णायक कदम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में सभी नवीन शासकीय भवनों को ग्रीन बिल्डिंग मानकों एवं ऊर्जा दक्षता सिद्धांतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसके लिए 1500 से अधिक अभियंताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया तथा GRIHA काउंसिल के साथ समझौता कर भवन निर्माण को राष्ट्रीय ग्रीन मानकों से जोड़ा गया। वर्षा जल संचयन, ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन अब प्रत्येक नए भवन निर्माण का अभिन्न हिस्सा बन रहे हैं।

 लोकपथ एप

लोक निर्माण विभाग द्वारा 2 जुलाई 2024 को शुरू किया गया “लोकपथ मोबाइल ऐप” नागरिक सहभागिता आधारित सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। इस ऐप के माध्यम से नागरिक सड़क संबंधी शिकायतों की जियो-टैग्ड तस्वीरें अपलोड कर सीधे विभाग तक पहुंचा सकते हैं। शिकायतों के निराकरण के लिए चार दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है।     आज यह प्लेटफॉर्म केवल शिकायत निवारण का माध्यम नहीं, बल्कि जवाबदेह प्रशासन का प्रतीक बन चुका है। हजारों शिकायतों का त्वरित निराकरण कर विभाग ने जनविश्वास को मजबूत किया है।

तकनीक आधारित औचक निरीक्षण : गुणवत्ता पर शून्य समझौता

गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने देश में अपनी तरह की अनूठी सॉफ्टवेयर आधारित निरीक्षण प्रणाली विकसित की है। प्रत्येक माह की 5 और 20 तारीख को सॉफ्टवेयर द्वारा रैंडम तरीके से चयनित 35 परियोजनाओं का निरीक्षण किया जाता है। अब तक लगभग 980 निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया जा चुका है। इसके परिणामस्वरूप 77 ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए, 28 को ब्लैकलिस्ट किया गया, 16 कंसल्टेंट्स को नोटिस दिए गए, एक को ब्लैकलिस्ट किया गया तथा 105 अभियंताओं के विरुद्ध कार्रवाई की गई। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले 38 अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशंसा भी प्राप्त हुई। यह व्यवस्था स्पष्ट करती है कि विभाग में गुणवत्ता और जवाबदेही पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।

प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण

निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश की 14 मंडलीय प्रयोगशालाओं को 61 अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। साथ ही 14 मोबाइल प्रयोगशालाएं भी शुरू की गई हैं, जो निर्माण स्थल पर ही गुणवत्ता परीक्षण कर सकती हैं। 25 निजी प्रयोगशालाओं को भी एम्पैनल किया गया है जिससे स्वतंत्र गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित हो सके।

बिटुमिन गुणवत्ता सुधार का बड़ा निर्णय

प्रदेश की सड़कों की दीर्घकालिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने बिटुमिन की खरीद केवल सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियों—आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल से ही सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

जीआईएस आधारित डिजिटल क्रांति

भास्कराचार्य संस्थान (BISAG-N) के सहयोग से विभाग ने 71 हजार 210 किलोमीटर सड़कों, 2 हजार 975 भवनों और 1 हजार 426 पुलों का जियो-टैग्ड सर्वेक्षण पूरा किया है। अब प्रत्येक परिसंपत्ति डिजिटल मानचित्र पर उपलब्ध है। इसी आधार पर रोड नेटवर्क मास्टर प्लान, बजट मॉड्यूल, डीपीआर मॉड्यूल तथा परियोजनाओं के वैज्ञानिक समय निर्धारण जैसे अत्याधुनिक सिस्टम विकसित किए गए हैं। इससे योजना निर्माण अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और परिणामोन्मुख हुआ है।

 अभियंताओं की क्षमता वृद्धि पर विशेष ध्यान

विभाग ने पहली बार 1700 से अधिक अभियंताओं का प्रशिक्षण आवश्यकता आकलन (Training Need Assessment) कर व्यापक क्षमता निर्माण ढांचा विकसित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 जनवरी 2026 को इसके साथ प्रशिक्षण कैलेंडर, लोक कल्याण सूचकांक और विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के साथ हुए समझौतों का शुभारंभ किया।

 प्रदेश का पहला इंजीनियर ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट

लोक निर्माण विभाग के इतिहास में पहली बार एक समर्पित इंजीनियरिंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (ETRI) की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा घोषित यह संस्थान केवल लोक निर्माण विभाग ही नहीं बल्कि प्रदेश के सभी निर्माण विभागों के अभियंताओं के लिए राष्ट्रीय स्तर का उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र बनेगा।    पिछले ढाई वर्षों में लोक निर्माण विभाग ने यह सिद्ध किया है कि अधोसंरचना विकास केवल सड़क और भवन निर्माण तक सीमित नहीं है। यदि तकनीक, पारदर्शिता, पर्यावरण संरक्षण और मानव संसाधन विकास को साथ लेकर चला जाए तो निर्माण विभाग भी सुशासन का सशक्त माध्यम बन सकता है।

 

More From Author

मोहन सरकार का प्रशासनिक सर्जरी प्लान! CMO में नई टीम, 15 अफसरों के तबादले संभव

तेज रफ्तार पर लगेगी लगाम! IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों संग यूपी परिवहन विभाग ने बनाई नई स्पीड पॉलिसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13814/1

RO No. 13843/161

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.