कोलकाता हादसे का भयावह मंजर, चश्मदीद बोला- मलबे में दबे लोग मदद की गुहार लगा रहे थे

कोलकाता
कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया. यहां एक निर्माणाधीन फैक्ट्री शेड के गिरने से 18 लोग घायल हो गए और कई अन्य के फंसे होने की आशंका है. हादसे से बचाए गए लोगों में से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है. मलबे के नीचे फंसे लोगों को ढूंढने और निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. हालांकि अभी यह सामने नहीं आ सका है कि इमारत के भीतर कितने लोग फंसे थे. घायलों को उपचार के लिए शहर के SSKM Hospital भेजा गया है। मलबे से निकाले गए 18 घायलों को SSKM अस्पताल में भेजा गया है। 

 पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना स्थल पर राहत व बचाव कार्य का जायजा लिया। 

 केंद्रीय मंत्री सुकांता मजुमदार ने कहा, 'अभी-अभी यह हादसा हुआ है. इस समय सबसे महत्वपूर्ण काम राहत और बचाव अभियान है. बचाव कार्य जारी है और हमारी सरकार पूरे मामले पर नजर रखे हुए है.' उन्होंने कहा, कि हो सकता है कि इस निर्माण की अनुमति पिछली सरकार के दौरान दी गई हो. ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं. हाल ही में यह भी देखा गया था कि कोलकाता नगर निगम ने कई ऐसे निर्माण कार्यों को अनुमति दी थी जो अवैध थे. सरकार इस पूरे मामले की जांच करेगी और सभी पहलुओं को देखेगी। 

मजदूरों पर गिरे बीम और भारी स्लैब
सामने आया है कि शेड में काम कर रहे मजदूरों पर लोहे के बड़े भारी बीम और कंक्रीट के स्लैब गिर पड़े, जिससे उन्हें निकलने का मौका नहीं मिला और वह मलबे में ही दबे रह गए. ढांचा गिरने के तुरंत बाद, बचाव दल मौके पर पहुंचा और लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्हें मलबे के नीचे से मदद के लिए चीखें सुनाई दे रही थीं, क्योंकि बचाव दल अंदर दबे लोगों तक पहुंचने के लिए जी-जान से काम कर रहे थे। 

मलबे में दबे लोगों की चीख-पुकार
घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वालों में शामिल उज्ज्वल कुमार ने हादसे के बाद का भयावह मंजर बताया. उन्होंने कहा कि मलबे के नीचे दबे लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे. उन्होंने और उनके साथियों ने मौके पर पहुंचकर फंसे लोगों को पानी पिलाया और राहत कार्य में मदद की। 

ग्राउंड फ्लोर पर चल रहा था काम
मौके पर मौजूद एक शख्स ने बताया कि नीचे ग्राउंड फ्लोर पर काम चल रहा था. पहली और दूसरी मंजिल पर कंक्रीट के स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका था. नीचे काम करते हुए लोगों पर ही पूरी इमारत ढह गई. दमकल विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि कंक्रीट डालने के काम के दौरान शेड ढह गया और उन्होंने यह भी कहा कि घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। 

भारी बीम बन रही रेस्क्यू ऑपरेशन में रोड़ा
भारी बीम और मोटी सरिया के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है इसलिए उन्हें हटाने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि फंसे हुए लोगों तक पहुंच बनाने के लिए  ड्रिलिंग की जा रही है. कोलकाता पुलिस की आपदा प्रबंधन टीम के एक सदस्य ने कहा, 'मलबे के नीचे से लोगों के शोर सुनकर आवाज की दिशा में काम किया जा रहा है.' पश्चिम बंगाल सरकार ने स्थिति पर नज़र रखने और बचाव एवं राहत कार्यों के समन्वय के लिए राज्य सचिवालय नबन्ना में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है. राज्य मंत्री इंद्रनील खान ने बचाव कार्यों की समीक्षा करने के लिए घटनास्थल का दौरा किया। 

कैसे हुआ हादसा, होगी जांच- इंद्रनील खान
इंद्रनील खान ने कहा है कि, 'हम हादसे के कारणों और किसी भी तरह की गड़बड़ी की जांच भी करेंगे, लेकिन अभी हमारी प्राथमिकता लोगों को बचाना है.' शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल और कोलकाता नगर आयुक्त स्मिता पांडे भी घटनास्थल पर पहुंचीं, जबकि भाजपा नेता राकेश सिंह इससे पहले ही वहां का दौरा कर चुके थे. पिछले छह से सात महीनों से गोदाम का निर्माण कार्य चल रहा था. यह ज़मीन बेहेरा ब्रदर्स कंस्ट्रक्शन के शंभू बेहेरा की है, जबकि इस प्रोजेक्ट को डिवेलप असगर खान कर रहे थे. असगर खान का इलाके में दबदबा बताया जाता है. सामने आ रहा है कि इमारत के बनाए जाने में सुरक्षा मानकों और सुरक्षित निर्माण के तौर-तरीकों का पालन नहीं किया गया था. इन दावों पर आगे की जांच की जा रही है। 

सरकार करेगी पूरे मामले की जांच- केंद्रीय मंत्री सुकांता मजुमदार
इस हादसे को लेकर केंद्रीय मंत्री सुकांता मजुमदार ने कहा, 'अभी-अभी यह हादसा हुआ है. इस समय सबसे महत्वपूर्ण काम राहत और बचाव अभियान है. बचाव कार्य जारी है और हमारी सरकार पूरे मामले पर नजर रखे हुए है.' उन्होंने कहा, कि हो सकता है कि इस निर्माण की अनुमति पिछली सरकार के दौरान दी गई हो. ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं. हाल ही में यह भी देखा गया था कि कोलकाता नगर निगम ने कई ऐसे निर्माण कार्यों को अनुमति दी थी जो अवैध थे. सरकार इस पूरे मामले की जांच करेगी और सभी पहलुओं को देखेगी। 

तारातला में निर्माणाधीन गोदाम का शेड गिरने के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है. मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से काम कर रही हैं. हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। 

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