CM योगी शुक्रवार को करेंगे उत्तर प्रदेश आम महोत्सव का शुभारंभ, किसानों और बागवानों को मिलेगा बड़ा मंच

सीएम योगी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश आम महोत्सव का करेंगे शुभारंभ 

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा आयोजन, 3 से 5 जुलाई तक चलेगा

04 जुलाई को 'जन भवन' में किया जाएगा आम क्रेता-विक्रेता सम्मेलन: उद्यान मंत्री

महोत्सव में 07 श्रेणियों और 56 वर्गों में लगभग 800 से अधिक आम की प्रजातियां की जाएंगी प्रदर्शित

यूपी से आम और पल्प के निर्यात में भारी उछाल, वर्ष : 2025-26 में ₹12.67 करोड़ मूल्य के 3563 मीट्रिक टन आम का हुआ रिकॉर्ड निर्यात 

लखनऊ,
'उत्तर प्रदेश आम महोत्सव -2026' का आयोजन 3 से 5 जुलाई तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को त्रिदिवसीय महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। महोत्सव में 07 श्रेणियों और 56 वर्गों में लगभग 800 से अधिक आम की प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह जानकारी उद्यान,कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को 'जन भवन', लखनऊ में आम क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 

मेजबान उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के प्रतिनिधि व निर्यातक लेंगे हिस्सा
उद्यान मंत्री ने बताया कि महोत्सव में मेजबान उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तराखण्ड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के उ‌द्यान विभाग के प्रतिनिधि, प्रगतिशील बागवान एवं निर्यातक हिस्सा लेंगे। उद्यान मंत्री ने बताया कि महोत्सव में प्रदर्शन के लिए रखे गए आम के पौधे बिक्री के लिए भी उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने अपील की कि महोत्सव में आए नागरिक अपने साथ कम से कम एक पौधा ले जाकर अवश्य रोपित करें। 

बच्चों के लिए होंगी प्रतियोगिताएं
उद्यान मंत्री ने बताया कि महोत्सव में बच्चों के लिए आम खाने की प्रतियोगिता और आम से बने व्यंजनों (पकवानों) की प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण होगी। साथ ही बागवानों के लिए उन्नत तकनीक, तुड़ाई उपरान्त प्रबन्धन, कीट-व्याधि नियंत्रण और विपणन पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित होंगी। बागवानों को सीधा बाजार देने के लिए पहली बार 04 जुलाई को 'जन भवन', लखनऊ में आम क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 

आम उत्पादन में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर
सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश आम उत्पादन के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश के 3.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगभग 61.96 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है, जो पूरे देश के कुल आम उत्पादन का लगभग 26.22 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश के दशहरी, लंगड़ा, चौसा, गौरजीत, लखनऊ सफेदा, रटौल और आम्रपाली जैसी प्रजातियां दुनिया भर में विख्यात हैं। इनका लखनऊ, सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज मण्डलों में बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है।

विदेशों में भी निर्यात किया जाता है उप्र का आम
एपीडा (APEDA) के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश से आम के निर्यात में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। वर्ष 2024-25 में जहां ₹2.63 करोड़ मूल्य का 404 मीट्रिक टन आम व पल्प निर्यात हुआ था, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर ₹12.67 करोड़ मूल्य का 3,563 मीट्रिक टन हो गया है। उत्तर प्रदेश का आम यूनाइटेड किंगडम (लंदन), यूएई, सऊदी अरब, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर और रूस जैसे विकासशील व विकसित देशों को निर्यात किया जा रहा है। इस वर्ष भी महोत्सव के अवसर पर प्रदेश से अन्य देशों को आम का निर्यात किया जाएगा।

कई जनपदों में स्थापित किए गए मैंगो पैक हाउस
लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी और अमरोहा में आधुनिक मैंगो पैक हाउस स्थापित किए गए हैं, जहाँ अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत आम की प्रीप्रोसेसिंग और उपचार किया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट के पास फलों की टेस्टिंग एवं ट्रीटमेंट सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे भविष्य में औद्यानिक निर्यात को और अधिक रफ्तार मिलेगी। आम को कीटों/रोगों से बचाने, उनका आकार, स्वाद और चमक सुधारने के लिए इस वर्ष विभाग द्वारा किसानों को लगभग 1.50 करोड़ फल बैग वितरित किए गए हैं। अनुत्पादक और पुराने पड़ चुके बागों के कैनोपी प्रबन्धन हेतु प्रति हेक्टेयर इकाई लागत पर 40 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है।

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