ब्रिटेन-जापान-इटली की साझेदारी तेज: ‘एजविंग’ को मिला एडवांस कॉम्बैट एयरक्राफ्ट डेवलपमेंट फंड

लंदन
 ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम (GCAP) को आगे बढ़ाने वाले ज्वाइंट वेंचर, 'एजविंग' को छठी पीढ़ी के फाइटर एयरक्राफ्ट के डेवलपमेंट को आगे बढ़ाने के लिए 6.1 बिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह दुनिया के सबसे महत्वकांक्षी अगली पीढ़ी के कॉम्बैट एविएशन प्रोग्राम में से एक के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

यह कॉन्ट्रैक्ट GCAP एजेंसी ने दिया है, दो UK,जापान और इटली की सरकारों की ओर से इस प्रोग्राम को मैनेज करती है। यह कॉन्ट्रैक्ट फाइटर जेट के डिटेल्ड डिजाइन और डेवलपमेंट के लिए फंड देगा। उम्मीद है कि यह एयरक्राफ्ट 2035 कर सर्विस में आ जाएगा।

ब्रिटेन-इटली और जापान का ज्वॉइंट वेंचर
एजविंग, ब्रिटेन की बीएई सिस्टम्स, इटली की लियोनार्डो और जापान एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रियल एन्हांसमेंट कंपनी का एक ज्वॉइंट वेंचर है। यह अगली पीढ़ी के कॉम्बैट एयरक्राफ्ट को विकसित करने के लिए तीनों देशों के प्रमुख एयरोस्पेस कंपनियों को एक साथ लाता है।

अप्रैल 2026 में हुए शुरुआती £686 मिलियन के समझौते के बाद GCAP एजेंसी द्वारा एजविंग को दिया गया यह दूसरा इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट है। यह नया कॉन्ट्रैक्ट यूके द्वारा अपना डिफेंस इन्वेस्टमेंट प्लान पेश करने के कुछ हफ्ते बाद आया है, जिसमें अगले चार सालों में GCAP प्रोग्राम के लिए अरबों पाउंड का निवेश करने का वादा किया गया है।

यह कॉन्ट्रैक्ट तीनों देशों के भरोसे को दर्शाता है- एजविंग
एजविंग के सीईओ मार्को जोफ ने कहा, "यह कॉन्ट्रैक्ट तीनों देशों और हमारे GCAP एजेंसी पार्टनर्स द्वारा हम पर दिखाए गए भरोसे को दर्शाता है। यह भरोसा पहले इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट के तरह हुई तेजी से प्रगति से बना है।"

उम्मीद है कि इस फंडिंग से डेवलपमेंट में तेजी आएगी, प्रोग्राम को लंबे समय कर फाइनेंशियल निश्चितता मिलेगी और पार्टनर देशों के डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को मजबूती मिलेगी, क्योंकि एडवांस्ड मिलिट्री एविएशन में कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है। यह समझौता प्रोग्राम के कॉन्सेप्ट फेज से डिटेल्ड इंजीनियरिंग और डिजाइन फेज में जाने का भी संकेत देता है, जिससे यह 2035 में सर्विस में शामिल होने की राह पर बना रहेगा।

GCAP छठी पीढ़ी का फाइटर जेट ज्वॉइंट प्रोग्राम
GCAP छठी पीढ़ी के फाइटर जेट का एक ज्वॉइंट प्रोग्राम है जिसमें UK, जापान और इटली शामिल हैं। यह ब्रिटेन के 'टेम्पेस्ट' प्रोग्राम और जापान के 'F-X' फाइटर प्रोजेक्ट को मिलाकर एक कॉमन अगली पीढ़ी का कॉम्बैट एयरक्राफ्ट बनाने की कोशिश है। यह विमान रॉयल एयर फोर्स के 'यूरोफाइटर टाइफून' और जापान के 'मित्सुबिशी F-2' की जगह लेगा।

F-35 और चीन के J-20 जैसे पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स के उलट, छठी पीढ़ी के एयरक्राफ्ट को एक नेटवर्क वाले कॉम्बैट सिस्टम के मुख्य हिस्से के तौर पर काम करने के लिए डिजाइन किया जा रहा है।

2035 तक छठी पीढ़ी का फाइटर जेट लाने की प्रतिबद्धता
GCAP फाइटर में एडवांस्ड स्टील्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से मिशन मैनेजमेंट, सेंसर फ्यूजन, लंबी दूरी तक ऑपरेशन, सुरक्षित हाई-स्पीड डेटा शेयरिंग और ऑटोनॉमस लॉयल विंगमैन ड्रोन के साथ मिलकर काम करने की क्षमता जैसी खूबियां होने की उम्मीद है। इसमें ओपन-आर्किटेक्चर डिजाइन भी होगा, जिससे इसके सर्विस के समय के दौरान नए हथियार,सेंसर और सॉफ्टवेयर को तेज से जोड़ा जा सकेगा।

4.6 अरब पाउंड का यह कॉन्ट्रैक्ट GCAP के लिए अब तक के सबसे बड़े डेवलपमेंट माइलस्टोन्स में से एक है। यह 2035 तक छठी पीढ़ी का फाइटर जेट लाने के लिए तीनों पार्टनर देशों की प्रतिबद्धता को दिखाता है, क्योंकि देश अगली पीढ़ी के कॉम्बैट एयरक्राफ्ट बनाने की होड़ में लगे हैं।

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