तुलसी रखते समय न करें ये 3 गलतियां, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियां

तुलसी का पौधा न केवल धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है, बल्कि वास्तु शास्त्र और आयुर्वेद में भी इसका विशेष महत्व है.  घर के आंगन या बालकनी में तुलसी का होना सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.  लेकिन, क्या आप जानते हैं कि तुलसी का पौधा लगाने के साथ-साथ उसकी सही देखभाल और स्थान का चयन करना भी बेहद जरूरी है?

अक्सर जानकारी के अभाव में हम अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे लाभ के बजाय आर्थिक तंगी और मानसिक अशांति का सामना करना पड़ सकता है.  जानते हैं उन 3 प्रमुख गलतियों के बारे में जिन्हें तुलसी का पौधा घर में रखते समय कभी नहीं करना चाहिए.

1. गलत दिशा में न लगाएं तुलसी
वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी के पौधे के लिए सबसे उत्तम दिशा उत्तर (North) या उत्तर-पूर्व (North-East) मानी गई है. इसे ईशान कोण भी कहते हैं. यदि आप तुलसी को दक्षिण दिशा (South) में रखते हैं, तो यह वास्तु दोष पैदा कर सकता है. दक्षिण दिशा यम और पितरों की मानी जाती है, इसलिए इस दिशा में तुलसी रखने से घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है और परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है.

2. आसपास की स्वच्छता का रखें विशेष ध्यान
तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है.  इसलिए, तुलसी के आसपास गंदगी रखना घोर अपमान माना जाता है. अक्सर लोग तुलसी के गमले के पास झाड़ू, डस्टबिन, जूते-चप्पल या कूड़ा-करकट रख देते हैं.  ऐसा करना घर में दरिद्रता को आमंत्रित करता है. सुनिश्चित करें कि तुलसी के गमले के आसपास का स्थान हमेशा साफ-सुथरा रहे और वहां कोई भी भारी या अनुपयोगी वस्तु न रखी हो.

3. सुखी तुलसी का न करें मोह
अक्सर बदलते मौसम या गलत देखभाल के कारण तुलसी का पौधा सूख जाता है. वास्तु के अनुसार, घर में सूखी या मुरझाई हुई तुलसी का होना बहुत अशुभ होता है. सूखी तुलसी घर की तरक्की में रुकावट डालती है . यदि आपका तुलसी का पौधा सूख गया है, तो उसे तुरंत वहां से हटा दें. किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें. इसकी जगह तुरंत हरा-भरा नया पौधा लगाएं.

कुछ अतिरिक्त जरूरी सुझाव
रविवार का ध्यान रखें: रविवार के दिन तुलसी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए, न ही रविवार को तुलसी के पत्ते तोड़ने चाहिए.

शाम के समय: सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्तों को छूना या उन्हें तोड़ना वर्जित माना गया है.

मिठाई और भोग: तुलसी के पास हमेशा शुद्धता बनाए रखें. यदि आप नियमित रूप से शाम को घी का दीपक तुलसी के पास जलाते हैं, तो यह घर में धन और शांति लाने के लिए सबसे प्रभावशाली उपाय माना जाता है.

तुलसी के लिए सही दिशा (कहाँ रखें?)
वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी के पौधे को ऊर्जा का स्रोत माना जाता है, इसलिए इसे सही दिशा में रखना अनिवार्य है:

उत्तर-पूर्व (ईशान कोण): यह दिशा सबसे उत्तम मानी जाती है. भगवान का वास होने के कारण यहां तुलसी लगाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है.

उत्तर दिशा: यदि उत्तर-पूर्व में जगह न हो, तो आप तुलसी को उत्तर दिशा में भी रख सकते हैं. यह दिशा बुध ग्रह की मानी जाती है जो विकास और करियर के लिए शुभ है.

पूर्व दिशा: पूर्व दिशा सूर्य की होती है. यहां तुलसी रखने से घर के सदस्यों के स्वास्थ्य में सुधार होता है और मान-सम्मान बढ़ता है.

तुलसी के लिए वर्जित दिशा (कहाँ न रखें?)
गलत दिशा में रखा गया पौधा न केवल सूख जाता है, बल्कि नकारात्मकता भी फैला सकता है:

दक्षिण दिशा (South): वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा को 'यम' की दिशा माना गया है. इस दिशा में तुलसी कभी नहीं रखनी चाहिए. ऐसा करने से घर में अकाल मृत्यु, क्लेश और आर्थिक नुकसान का खतरा बढ़ जाता है.

दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण): यह अग्नि की दिशा है. इस दिशा में तुलसी रखने से घर में अग्नि या दुर्घटनाओं का भय बना रहता है.

पश्चिम दिशा: सामान्यतः तुलसी को पश्चिम दिशा में रखने से बचना चाहिए, यदि बहुत मजबूरी हो तो ही इसे वहां रखें, अन्यथा शुभ फलों में कमी आती है.

More From Author

गेहूं के आटे का दानेदार शीरा बनाने की हलवाई वाली आसान सीक्रेट रेसिपी

29 साल बाद वसीम अब्बास और सबा हमीद का तलाक, अभिनेता ने बताई वजह

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13843/161

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.