शोएब अख्तर के दावे पर उठे सवाल, ‘हकीम की दवा’ की कहानी से जुड़ा सच आया सामने

 नई दिल्ली

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ से जुड़े ड्रग्स के खुलासों पर क्रिकेट की दुनिया हैरान है. गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने कहा है कि पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ी  शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ समेत टीम के दूसरे सदस्य जब भी भारत आते थे ड्रग्स के लेकर आते थे. इस खुलासे ने पाकिस्तान क्रिकेट के काले सच को उजागर कर दिया है। 

आरवीएस मणि ने एएनआई के साथ एक पॉडकास्ट में कहा है कि शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ ने स्वीकार किया था कि शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ ने भारत में  पाकिस्तानी हाई कमिश्नर के सामने खुद स्वीकार किया कि वे ड्रग्स लेकर आए हैं, इसके बाद पाकिस्तान हाई कमिश्नर ने इन खिलाड़ियों को वापस भेज दिया। 

ये घटना 20 साल पहले की है. अक्टूबर 2006 में भारत में चैम्पियंस ट्राफी के मैच हो रहे थे। 

तब पाकिस्तान क्रिकेट टीम एक के बाद एक विवादों में उलझी थी. ओवल में बॉल टेम्परिंग विवाद, कप्तानी संकट और बोर्ड में बदलाव के बीच पाकिस्तानी खिलाड़ी टीम इंडिया के खिलाफ तैयारियों में जुटी थी. लेकिन ठीक मैच से एक दिन पहले 16 अक्टूबर को पाकिस्तान क्रिकेट को सबसे बड़ा झटका लगा. 17 अक्तूबर को पाकिस्तान-श्रीलंका के बीच पहला मैच था। 

क्रिकेट की दुनिया में सनसनी
तभी एक धमाका सा हुआ. पा
किस्तान टीम के टीम के दो मुख्य तेज गेंदबाज शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए. इसका मतलब था कि ये दोनों खिलाड़ी खेल के नियमों के विपरित प्रतबंधित सामग्री का इस्तेमाल कर रहे थे। 

पाकिस्तान टीम में तूफान मच गया, दोनों खिलाड़ियों को भारत की पहली ही फ्लाइट से वापस पाकिस्तान भेज दिया गया। 

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन नसीम अशरफ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बोर्ड ने 25 खिलाड़ियों का टेस्ट किया था और दो पॉज़िटिव नतीजों की पुष्टि अब मलेशिया में वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) से मान्यता प्राप्त लैब ने कर दी है। 

पहली फ्लाइट से पाकिस्तान निकले
अशरफ़ ने आगे कहा था कि पाकिस्तान ने उन दो खिलाड़ियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है और उन्हें चैंपियंस ट्रॉफ़ी से हटा दिया है. उन्होंने कहा, "खिलाड़ी सबसे पहली उपलब्ध फ़्लाइट से घर लौटेंगे। 

शोएब अख्तर अपनी बेगुनाही साबित करते रहे. उन्होंने कहा कि वे एक हकीम की दवा खा रहे थे. लेकिन जांच टीम के सामने वे न तो अपनी बेगुनाही साबित कर सके और न ही ये बता सके कि जो 'सब्सटेंस' वो ले रहे थे वो हकीम द्वारा दी गई एक दवा थी। 

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने सितंबर के अंत में 19 खिलाड़ियों का आंतरिक डोप टेस्ट कराया था. यह टेस्ट कोच बॉब वूल्मर के आग्रह पर पहली बार किया गया था. सैंपल मलेशिया की WADA लैब में भेजे गए, जहां दोनों खिलाड़ियों के सैंपल नंद्रोलोन (एक प्रतिबंधित एनाबोलिक स्टेरॉयड) के लिए पॉजिटिव पाए गए.

PCB ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खिलाड़ियों को जयपुर से वापस भेजने का फैसला किया ताकि टूर्नामेंट के दौरान कोई और शर्मिंदगी न हो। 

शोएब अख्तर उस समय न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि दुनिया के सबसे चर्चित और विवादास्पद तेज गेंदबाज थे. उन्होंने शुरुआत में इनकार किया. 2006 से लाहौर से आई एक रिपोर्ट में शोएब अख्तर ने कहा था मैंने जानबूझकर कोई परफॉर्मेंस एन्हांसिंग ड्रग नहीं लिया है और न कभी अपनी टीम या विरोधियों के साथ धोखा करूंगा। 

झूठा निकला बेगुनाही का दावा
Bigstarcricket.com वेबसाइट पर अपनी डायरी में उन्होंने कहा था, "जो कुछ हुआ है, उसके बारे में मैं अभी ज़्यादा कुछ नहीं कह सकता, लेकिन मैं बस सबको यकीन दिलाना चाहता हूं कि मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है जो मुझे नहीं करना चाहिए था, और मैं बेगुनाह हूं। 

अख्तर ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के तब के पैट्रन और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने उनसे इस मामले पर कोई भी विस्तृत टिप्पणी न करने को कहा था. दरअसल ये पूरी कोशिश पाकिस्तान की इमेज बचाने की थी। 

इस डायरी में अख्तर ने लिखा, "मैं बस इतना कह सकता हूं कि मैंने जान-बूझकर परफॉर्मेंस बढ़ाने वाली कोई दवा नहीं ली है और मैं कभी भी अपने साथियों या प्रतिद्वंद्वियों के साथ इस तरह से धोखा नहीं करूंगा। 

"मैंने हमेशा खेल ईमानदारी से खेला है और अपना 100 प्रतिशत दिया है, मुझे नहीं लगता कि अपनी बॉलिंग को बेहतर बनाने के लिए मुझे किसी दवा की ज़रूरत है। 

हकीम की दवा का सच आया सामने
लेकिन जांच के निष्कर्ष, डोप टेस्ट की रिपोर्ट के सामने उनका कोई बचाव काम नहीं आया। 

स्पोर्ट्स वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइन्फो की 20 साल पुरानी एक रिपोर्ट के अनुसार इस जांच पैनल के चेयरमैन शाहिद हामिद ने कहा, "हमने दोनों तेज गेंदबाज़ों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया और अच्छी तरह जांच-पड़ताल के बाद हमें लगा कि वे अपनी बेगुनाही साबित नहीं कर पाए। 

इस पैनल में पूर्व कप्तान इंतखाब आलम और मेडिकल एक्सपर्ट वकार अहमद भी शामिल थे. उन्होंने कहा, "डोपिंग की प्रक्रिया की बारीकी से जांच की गई. हमने यह पक्का किया कि टेस्ट सही ढंग से हों, सैंपल सुरक्षित रूप से मलेशिया की लैब तक पहुंचें और लैब में टेस्टिंग में कोई गलती न हो. दोनों खिलाड़ी संतुष्ट थे,उन्होंने टेस्ट को माना और अपना पक्ष भी रखा, लेकिन पूरी जांच के बाद और वाडा (वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी) और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के नियमों के तहत हमने यह फैसला लिया। 

शाहिद हामिद ने जांच प्रक्रिया के बारे में बताया कि बाद में शोएब अख्तर ने दावा किया कि वे हाई-प्रोटीन डाइट (बीफ, चिकन और डाइटरी सप्लीमेंट्स) ले रहे थे और चोट से उबरने के लिए एक हकीम से कुछ हर्बल दवाएं ली थीं. शाहिद हमीद ने कहा कि शोएब अख्तर इन दावों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं पेश कर सके। 

शोएब अख्तर और आसिफ को अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए फिर से टेस्ट का मौका दिया गया. लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को खारिज दिया. इसका मतलब ये था कि वे पहले टेस्ट के नतीजे पर सवाल नहीं उठा रहे थे। 

1 नवंबर 2006 को PCB के तीन सदस्यीय डोपिंग ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाया. शोएब अख्तर को दो साल का प्रतिबंध और मोहम्मद आसिफ को एक साल का प्रतिबंध लगा दिया गया। 

बॉब वूल्मर के कहने पर हुए थे टेस्ट 
बता दें कि ये टेस्ट पाकिस्तान के कोच बॉब वूल्मर के कहने पर शुरू किए गए थे और माना जाता है कि पाकिस्तान क्रिकेट में ये अपनी तरह के पहले टेस्ट थे. इस ओर भारत के गृह मंत्रालय के अधिकारी रहे आरवीएस मणि ने भी अपने पॉडकास्ट में ध्यान दिलाया था. उन्होंने कहा कि इस घटना के 6 महीने बाद मार्च में पाकिस्तान टीम के इंग्लिश कोच बॉब वूल्मर जो पाकिस्तानियों द्वारा ड्रग्स टैफिकिंग का विरोध कर रहे थे उन्हें संदिग्ध परिस्थितियों में मार दिया गया. बॉब वूल्मर की मौत 18 मार्च 2007 को हुई थी. वे उस समय पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कोच थे। 

More From Author

राम मंदिर भर्ती में पूर्व IPS अधिकारी भी मैदान में, 1000 से ज्यादा उम्मीदवारों ने किया आवेदन

TMC में बढ़ी अंदरूनी हलचल, मदन मित्रा ने बागी गुट का साथ चुना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13910/15

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.