मालवा के लिए बड़ी सौगात, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी परियोजना आगे बढ़ी; धार में मुआवजा वितरण शुरू

 बदनावर 
 दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से मालवा को जोड़ने वाली 3,839 करोड़ रुपये की बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी फोरलेन परियोजना आखिरकार धरातल पर उतरने लगी है। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के बाद प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण शुरू हो गया है।

अब तक 276 किसानों के लिए 25.58 करोड़ रुपये का मुआवजा स्वीकृत किया जा चुका है। दूसरी ओर सिंहस्थ-2028 शुरू होने में अब केवल 20 माह शेष है और 80.45 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन का निर्माण अभी प्रारंभिक चरण में है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण की शेष प्रक्रिया और मानसून को देखते हुए निर्धारित समय में परियोजना पूरी करना सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। यह मार्ग न केवल बदनावर को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा, बल्कि पीएम मित्रा मेगा टेक्सटाइल पार्क, औद्योगिक निवेश, व्यापार और धार्मिक पर्यटन को भी नई गति देगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गत मार्च में इस चार-लेन कारिडोर को मंजूरी दी थी। हाईब्रिड एन्युटी माडल (एचएएम) पर बनने वाला यह लगभग 80.45 किलोमीटर लंबा फोरलेन बदनावर, पेटलावद, थांदला और टिमरवानी को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधे जोड़ेगा। इससे धार और झाबुआ जिलों के साथ गुजरात तथा राजस्थान तक तेज और सुगम सड़क संपर्क स्थापित होगा। परियोजना की घोषणा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 10 अप्रैल 2025 को उज्जैन-बदनावर फोरलेन के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के आग्रह पर की थी।

सिंहस्थ से पहले पूरा करना आसान नहीं
प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ महाकुंभ-2028 को देखते हुए उज्जैन से जुड़े प्रमुख मार्गों के उन्नयन का लक्ष्य तय किया है। अनुमान है कि महाकुंभ में 30 से 40 करोड़ श्रद्धालु पहुंचेंगे। ऐसे में इस फोरलेन का समय पर पूरा होना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि वर्तमान स्थिति में केवल भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू हुई है। वर्षाकाल के कारण निर्माण गतिविधियां भी सीमित रहेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि उज्जैन-बदनावर के 69 किलोमीटर फोरलेन निर्माण में लगभग तीन वर्ष लगे थे, ऐसे में 80 किलोमीटर लंबे नए कारिडोर को तय समय में पूरा करना आसान नहीं होगा।

50 से अधिक गांव होंगे प्रभावित
प्रस्तावित फोरलेन धार और झाबुआ जिले के 50 से अधिक गांवों से होकर गुजरेगा। बदनावर तहसील के खीमाखेड़ी, खेड़ा, शंभूपाड़ा, चंदवाड़िया, संदला, दोतरिया, भैंसोला, सेमलखेड़ा, छायां, लिलीखेड़ी सहित 14 गांव भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में शामिल हैं। परियोजना के लिए कुल 155.579 हेक्टेयर भूमि अधिगृहित की जा रही है। इसमें खेड़ा, दोतरिया, शंभूपाड़ा और भैंसोला गांवों में सर्वाधिक भूमि शामिल है।

76 किसानों के खातों में पहुंचे 7.22 करोड़ रुपये
परियोजना के तहत 276 किसानों के भूमि अधिग्रहण अवार्ड पारित किए जा चुके हैं। इनके लिए कुल 25 करोड़ 58 लाख 66 हजार 504 रुपये का मुआवजा निर्धारित किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम और भू-अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम के तहत भुगतान किया जा रहा है। अब तक ग्राम संदला, चंदवाड़िया बुजुर्ग, शंभूपाड़ा, छायन, लिलीखेड़ी, खेड़ा, शंभूपाड़ा, खीमाखेड़ी के प्रभावित आठ गांवों के 76 किसानों के बैंक खातों में सात करोड़ 22 लाख 65 हजार 794 रुपये सीधे जमा किए जा चुके हैं। शेष किसानों को दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भुगतान किया जाएगा।

तीन गांवों में प्रक्रिया शेष
बदनावर तहसील के अधिकांश प्रभावित गांवों में मुआवजा वितरण शुरू हो चुका है, लेकिन दोतरिया, भैंसोला और लिलीखेड़ी में गाइडलाइन दरों के अंतर तथा कुछ तकनीकी कारणों से प्रक्रिया अभी लंबित है। प्रशासन का कहना है कि औपचारिकताएं पूरी होते ही इन गांवों के किसानों को भी मुआवजा वितरित किया जाएगा।

पीएम मित्रा पार्क को मिलेगा बड़ा लाभ
ग्राम भैंसोला में विकसित हो रहा पीएम मित्रा मेगा टेक्सटाइल पार्क इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभार्थी होगा। फोरलेन बनने से उद्योगों के लिए कच्चे माल और तैयार उत्पाद का परिवहन तेज होगा, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा जुड़ाव बदनावर और पूरे मालवा क्षेत्र को औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन की दृष्टि से नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

जल्द ही किसानों के बैंक खातों में पहुंचेगी
एसडीएम प्रियंका मिमरोट ने बताया कि फोरलेन निर्माण के लिए अधिगृहित निजी भूमि के प्रकरणों में शेष पात्र किसानों को मुआवजा राशि वितरण की कार्रवाई नियमानुसार लगातार की जा रही है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही संबंधित किसानों के बैंक खातों में राशि अंतरित की जाएगी।

एक नजर में फोरलेन परियोजना

    परियोजना लागत – 3,839 करोड़ रुपये
    कुल लंबाई – 80.45 किलोमीटर
    अधिगृहित भूमि – 155.579 हेक्टेयर
    प्रभावित गांव – 50 से अधिक
    बदनावर तहसील के गांव – 14
    अवार्ड पारित किसान – 276
    कुल मुआवजा – 25.58 करोड़ रुपये
    सिंहस्थ-2028 में शेष समय – 20 माह 13 दिन

 

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