जल संरक्षण से आजीविका, स्वास्थ्य सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और जनसेवा पर केंद्रित रहेगी जिला प्रशासन की प्राथमिकता

सीधी

 कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम में जिले के जल संरक्षण कार्यों का उल्लेख होना पूरे जिले के लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह उपलब्धि केवल प्रशंसा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जिले की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। अब आवश्यकता है कि जल संरक्षण और जनभागीदारी के इस मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाते हुए उसे आजीविका, पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रामीण विकास से जोड़ा जाए। कलेक्टर ने इस उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी विभागों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यों में उत्कृष्टता और नवाचार के नए मानक स्थापित करने का प्रयास करे।

  जिला पंचायत सभागार में आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत निर्मित जल संरचनाओं का उपयोग केवल जल संग्रहण तक सीमित न रहे, बल्कि उन्हें ग्रामीण आजीविका का सशक्त माध्यम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इन जलाशयों में मछली पालन, सिंघाड़ा उत्पादन, उद्यानिकी, कृषि एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। विशेष रूप से महिला स्व-सहायता समूहों को इन गतिविधियों से जोड़कर उन्हें स्थायी रोजगार एवं अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

  कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को अपने कार्यालयों एवं शाखाओं का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयों की कार्यप्रणाली, अभिलेखों का संधारण, स्वच्छता, समयबद्ध सेवा वितरण तथा नागरिक सुविधाओं की निरंतर समीक्षा की जाए। प्रत्येक विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रत्येक माह पिछले माह की तुलना में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि सुधार की संभावनाएं हमेशा रहती हैं और जो भी सकारात्मक कार्य हो रहे हैं, उन्हें सामने लाकर अन्य विभागों के लिए प्रेरणा का माध्यम बनाया जाए।

  बैठक में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक शनिवार आयोजित होने वाले साप्ताहिक स्वास्थ्य शिविर निरंतर जारी रहेंगे। आगामी कुछ सप्ताह तक खनन प्रभावित क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इन क्षेत्रों में कुपोषण एवं क्षय रोग (टीबी) के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही पशुपालन विभाग भी स्वास्थ्य शिविरों के साथ अपने विशेष शिविर आयोजित कर पशुओं के उपचार, टीकाकरण एवं विभागीय योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाएगा।

  वर्षाकाल के दृष्टिगत कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पेयजल स्रोतों की नियमित निगरानी कर उनकी शुद्धता बनाए रखी जाए तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में साफ-सफाई एवं जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पुल एवं पुलियों के डूबने की स्थिति में सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय किए जाएं ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे। स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों, छात्रावासों एवं अन्य शासकीय संस्थानों में पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने के भी निर्देश दिए गए।

  कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में जर्जर भवनों में विद्यालय अथवा आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन नहीं किया जाएगा। उन्होंने निजी भवनों में संचालित शासकीय विद्यालयों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे विद्यालयों के लिए सुरक्षित एवं उपयुक्त वैकल्पिक व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाएगी।

  बैठक में 29 जुलाई को आयोजित होने वाले रोजगार मेला ष्युवा संगमष् की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

  कलेक्टर ने सभी नगरीय निकायों को बस स्टैंडों का निरीक्षण कर यात्रियों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस स्टैंडों पर स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, प्रतीक्षालय एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नही

प्रधानमंत्री जी की मन की बात में मिली पहचान को बनाए रखना अब हमारी जिम्मेदारी- कलेक्टर विकास मिश्रा
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जल संरक्षण से आजीविका, स्वास्थ्य सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और जनसेवा पर केंद्रित रहेगी जिला प्रशासन की प्राथमिकता
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समय-सीमा बैठक में दिए परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति अपनाने के निर्देश
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सीधी

 कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम में जिले के जल संरक्षण कार्यों का उल्लेख होना पूरे जिले के लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह उपलब्धि केवल प्रशंसा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जिले की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। अब आवश्यकता है कि जल संरक्षण और जनभागीदारी के इस मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाते हुए उसे आजीविका, पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रामीण विकास से जोड़ा जाए। कलेक्टर ने इस उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी विभागों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यों में उत्कृष्टता और नवाचार के नए मानक स्थापित करने का प्रयास करे।

  जिला पंचायत सभागार में आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत निर्मित जल संरचनाओं का उपयोग केवल जल संग्रहण तक सीमित न रहे, बल्कि उन्हें ग्रामीण आजीविका का सशक्त माध्यम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इन जलाशयों में मछली पालन, सिंघाड़ा उत्पादन, उद्यानिकी, कृषि एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। विशेष रूप से महिला स्व-सहायता समूहों को इन गतिविधियों से जोड़कर उन्हें स्थायी रोजगार एवं अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

  कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को अपने कार्यालयों एवं शाखाओं का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयों की कार्यप्रणाली, अभिलेखों का संधारण, स्वच्छता, समयबद्ध सेवा वितरण तथा नागरिक सुविधाओं की निरंतर समीक्षा की जाए। प्रत्येक विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रत्येक माह पिछले माह की तुलना में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि सुधार की संभावनाएं हमेशा रहती हैं और जो भी सकारात्मक कार्य हो रहे हैं, उन्हें सामने लाकर अन्य विभागों के लिए प्रेरणा का माध्यम बनाया जाए।

  बैठक में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक शनिवार आयोजित होने वाले साप्ताहिक स्वास्थ्य शिविर निरंतर जारी रहेंगे। आगामी कुछ सप्ताह तक खनन प्रभावित क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इन क्षेत्रों में कुपोषण एवं क्षय रोग (टीबी) के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही पशुपालन विभाग भी स्वास्थ्य शिविरों के साथ अपने विशेष शिविर आयोजित कर पशुओं के उपचार, टीकाकरण एवं विभागीय योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाएगा।

  वर्षाकाल के दृष्टिगत कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पेयजल स्रोतों की नियमित निगरानी कर उनकी शुद्धता बनाए रखी जाए तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में साफ-सफाई एवं जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पुल एवं पुलियों के डूबने की स्थिति में सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय किए जाएं ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे। स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों, छात्रावासों एवं अन्य शासकीय संस्थानों में पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने के भी निर्देश दिए गए।

  कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में जर्जर भवनों में विद्यालय अथवा आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन नहीं किया जाएगा। उन्होंने निजी भवनों में संचालित शासकीय विद्यालयों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे विद्यालयों के लिए सुरक्षित एवं उपयुक्त वैकल्पिक व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाएगी।

  बैठक में 29 जुलाई को आयोजित होने वाले रोजगार मेला ष्युवा संगमष् की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

  कलेक्टर ने सभी नगरीय निकायों को बस स्टैंडों का निरीक्षण कर यात्रियों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस स्टैंडों पर स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, प्रतीक्षालय एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।

  बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्रदाय की जाने वाली सेवाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

  उन्होंने चयनित मुख्यमंत्री वृंदावन ग्रामों में सभी विभागों की योजनाओं का समन्वित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रत्येक पात्र हितग्राही तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा नियमित मैदानी समीक्षा करने पर विशेष बल दिया गया।

  कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने किसानों के लिए खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। वहीं पशुपालन विभाग को पशुधन विकास, टीकाकरण, पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा विभागीय योजनाओं का लाभ अधिकाधिक हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

  बैठक के अंत में कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि उनके परिणामों को आम नागरिकों के जीवन में महसूस कराना है। सभी अधिकारी नवाचार, समन्वय, पारदर्शिता और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करें, ताकि सीधी जिला विकास और सुशासन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करता रहे।

  बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, अपर कलेक्टर बीपी पाण्डेय, संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेय, उपखंड अधिकारी गोपद बनास प्रिया पाठक, मझौली आरपी त्रिपाठी सहित सभी विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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