यूपी पंचायतों पर बड़ा फैसला, अंतिम जनगणना से तय होगी आबादी की शर्त

लखनऊ
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने स्पष्ट किया है कि यूपी पंचायत राज अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत के गठन और उसके अस्तित्व के लिए कानून में निर्धारित न्यूनतम जनसंख्या की शर्त पूरी होना अनिवार्य है और इसके लिए ग्राम पंचायत की आबादी का निर्धारण वर्तमान आबादी के आधार पर नहीं, बल्कि अंतिम प्रकाशित जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही किया जाएगा।

कोर्ट ने गोंडा के करुआ ग्राम पंचायत को समाप्त कर उसका कुम्हरौरा ग्राम पंचायत में विलय करने के राज्य सरकार के फैसले को वैध ठहराया है। न्यायमूर्ति आलोक माथुर व न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने गुड़िया गोस्वामी समेत 293 अन्य लोगों की याचिका खारिज करते हुए यह निर्णय दिया। याचिका में 19 अप्रैल 2023 की उस अधिसूचना को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत करुआ ग्राम पंचायत को समाप्त कर उसके शेष क्षेत्र का कुम्हरौरा ग्राम पंचायत में विलय कर दिया गया था। करुआ ग्राम के कुछ हिस्से को नगर पालिका परिषद कर्नलगंज में शामिल किए जाने के बाद भी उसकी आबादी 1719 तथा मतदाताओं की संख्या 1104 है, ऐसे में ग्राम पंचायत को समाप्त करने का निर्णय अवैध है।

वहीं, राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि साल 2011 की अंतिम प्रकाशित जनगणना के अनुसार करुआ ग्राम पंचायत की शेष आबादी केवल 785 थी, जबकि पंचायत के गठन और अस्तित्व के लिए न्यूनतम एक हजार की आबादी आवश्यक है। वहीं, हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अधिनियम में प्रयुक्त ‘जनसंख्या’ का अर्थ अंतिम प्रकाशित जनगणना में दर्ज आबादी से है।वर्तमान आबादी अथवा मतदाताओं की संख्या के आधार पर ग्राम पंचायत का दर्जा बनाए रखने का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। आगे कहा कि यदि वर्तमान आबादी को आधार बनाया जाए तो पंचायतों के गठन और सीमाओं में लगातार परिवर्तन करना पड़ेगा, जिससे प्रशासनिक अस्थिरता उत्पन्न होगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि ग्राम पंचायत क्षेत्र का गठन, पुनर्गठन अथवा सीमाओं का निर्धारण राज्य सरकार का विधायी कार्य है, ऐसे मामलों में न्यायालय का हस्तक्षेप तभी संभव है, जब संबंधित कार्रवाई कानून के किसी प्रावधान का उल्लंघन करती हो।

पत्नी की हत्या में पति को उम्रकैद
उधर, दहेज की मांग पूरी न होने पर गर्भवती पत्नी की हत्या करने के दोषी पति हितेश्वर को सत्र अदालत ने आजीवन कारावास एवं 30 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। घटना की रिपोर्ट मृतका के पिता हरिरामायण ने थाना पारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया गया है कि उसने अपनी पुत्री माधुरी उर्फ मधु का विवाह 1 जनवरी 2017 को मानक नगर लखनऊ के रहने वाले हितेश्वर उर्फ भोलू के साथ किया था। कहा गया है कि विवाह में वादी ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज दिया था। शादी के बाद जब वादी की पुत्री ससुराल गई तो वहां उसका पति हितेश्वर, ससुर राजेंद्र प्रसाद व सास आरती दहेज में चार पहिया गाड़ी की मांग को लेकर उसको मारते पीटते थे।

More From Author

जबलपुर में आज 11 लाख पौधों का महाअभियान, ‘एक पेड़ मां के नाम’ से हरित मध्यप्रदेश को मिलेगी नई पहचान

जीवाजी और बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में जारी है कुलगुरु की तलाश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13910/15

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.