Festival Season से पहले बढ़ेंगे दाम, टूथपेस्ट से लेकर पेंट तक खरीदना पड़ेगा महंगा

नई दिल्ली
 अभी मानसून का सीजन चल रहा है. जैसे ही मानसून विदा होगा भारतीय त्‍योहारों के स्‍वागत की तैयारियां शुरू कर देंगे. घर के रंग-रोगन कराने से लेकर रसोई में नए साज्‍जो-सामान लाने की योजना बनने लगेगी. लेकिन, पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव आने वाले त्‍योहारी सीजन में आम उपभोक्‍ता के जेब पर भारी पड़ने वाला है. इसका कारण यह है कि टूथपेस्ट, कपड़े धोने के सर्फ और घर की दीवारों पर लगने वाले पेंट से लेकर टायरों तक के दाम बढ़ाने का मन कंपनियों ने बना लिया है। 

फेस्टिव सीजन से पहले एफएमसीजी (FMCG) और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियां लगातार दूसरी तिमाही में दाम बढ़ाने की सोच रही हैं. ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसान, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), एशियन पेंट्स, हैवेल्स और डोडला डेयरी समेत कम से कम 8 बड़ी कंपनियां अपने प्रोडक्‍ट्स के रेट बढ़ाएंगी. अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से कच्चे माल और कमोडिटी की लागत बढ़ गई है. इससे कंपनियों के खर्च में इजाफा हो गया है. बढ़े हुई लागत का भार कंपनियां आम आदमी पर ही डालेगी. नोमुरा होल्डिंग्स की एशिया (जापान को छोड़कर) की मुख्य अर्थशास्त्री सोनल वर्मा का कहना है कि इनपुट लागत और कंपनियों के मार्जिन पर बढ़ते दबाव को देखते हुए कीमतों में कुछ बढ़ोतरी होना लगभग तय है। 

विम और सर्फ एक्‍सेल के बढ़ सकते हैं दाम
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने संकेत दिया है कि अगले कुछ महीनों में डिटर्जेंट और बर्तन धोने वाले बार जैसे उत्पादों की कीमतों में सीमित बढ़ोतरी की जाएगी. कंपनी विम, सर्फ एक्‍सेल, रिन और व्‍हील जैसे ब्रांड बनाती हैं. एचयूएल के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) निरंजन गुप्ता ने विश्लेषकों से कहा कि बाहरी अस्थिरता के चलते कच्चे तेल से जुड़े डेरिवेटिव की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. ऐसे में होम केयर उत्पादों की विभिन्न श्रेणियों में चरणबद्ध तरीके से कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। 

पेंट भी होगा महंगा
एशियन पेंट्स और डोडला डेयरी समेत कम से कम सात अन्य कंपनियां भी कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही हैं. इसकी जानकारी कंपनियों ने तिमाही नतीजों के बाद आयोजित कॉन्फ्रेंस कॉल और मीडिया ब्रीफिंग में दी है. ऐसा होने पर घर के रंग-रोगन के लिए जरूरी पेंट के साथ ही साबून, टूथपेस्‍ट और घी-मक्‍खन जैसे रोज इस्‍तेमाल होने वाले उत्‍पाद महंगे हो जाएंगे। 

मांग मजबूत तो बोझ ग्राहकों पर
रक्षाबंधन, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली, ये चार त्‍योहार कंपनियों की तिजोरी के लिए सबसे अहम होते हैं. पूरे साल की कुल बिक्री का एक-तिहाई हिस्सा इसी दौरान आता है. त्योहारों में लोग खरीदारी रोकते नहीं हैं. इसी का फायदा कंपनियां उठाना चाहती हैं और वे अपनी बढ़ी हुई इनपुट लागत का बोझ सीधा आम जनता की जेब पर पास ऑन करने जा रही हैं. ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उपभोक्ता मांग अब तक स्थिर बनी हुई है. रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सर्वे के मुताबिक जून में खुदरा बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में 6% बढ़ी, जो मई के मुकाबले बेहतर रही। 

द नॉलेज कंपनी के चेयरमैन अरविंद सिंघल ने कहा कि फिलहाल मांग संतोषजनक स्थिति में है. हालांकि, कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी के असर और कमजोर मानसून से जुड़े जोखिमों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. भारत में पिजा हट और केएफसी क संचालन करने वली कंपनी देवयानी इंटरनेशनल के चेयरमैन रवि कांत जयपुरिया ने कहा कि अभी मांग स्थिर है, लेकिन सामान्य से कमजोर मानसून और एल-नीनो का खतरा यह याद दिलाता है कि भारत में खपत की रिकवरी हमेशा सीधी रेखा में आगे नहीं बढ़ती। 

सरकार और रिजर्व बैंक के सामने चैलेंज
जून में खुदरा महंगाई दर डेढ़ साल में पहली बार RBI के 4% के प्राइमरी टारगेट को पार कर चुकी है. वित्त मंत्रालय का कहना है कि महंगाई अब सिर्फ आलू-प्याज और दाल-चावल तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका असर अब अन्‍य प्रोडक्‍ट्स पर भी पड़ेगा जिनका इस्‍तेमाल आम आदमी रोजाना करता है। 

 

More From Author

आज का राशिफल 2 अगस्त 2026: मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल, किसके खुलेंगे भाग्य के द्वार?

Supreme Court के फैसले का बड़ा असर! स्पेन के शहर में बढ़ा संकट, जरूरी सामान तक की किल्लत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13944/210

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.