किसानों से संवाद का उत्सव है बलराम कृषि महोत्सव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषक कल्याण वर्ष में किसान हितैषी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ घर-घर तक पहुंचा रही है। हमारी सरकार ने किसानों के खेतों से लेकर उनके खातों तक का ध्यान रखा है। किसानों के खेतों में पानी, बिजली, खाद-बीज, कृषि यंत्र पहुंचाने के साथ-साथ उनके खातों में फसल बीमा, सम्मान निधि और ब्याज मुक्त ऋण की राशि तक पहुंचाई है। पिछली कैबिनेट में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कवच योजना को मंजूरी दी है। कवच योजना से ऐसे किसानों की चिंता दूर होगी, जिनके सहकारी खातों में पुरानी गड़बड़ियों और जांच में देरी के कारण उन्हें नया ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब ऐसे किसानों को मुख्य धारा में लाकर नया कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव बुधवार को नर्मदापुरम में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

सरसों और धान उर्पाजन में भी मिलेगा भावांतर का लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव किसानों के साथ संवाद का उत्सव है। अब तक 20 जिलों के 10 ऐसे आयोजन किए जा चुके हैं। नर्मदापुरम में यह 11वां बलराम कृषि महोत्सव है। खेत में दाना बोने से लेकर बाजार में दाम दिलवाने तक सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। गेहूं उत्पादक किसानों की चिंता हमने एमएसपी और बोनस के साथ रिकॉर्ड 104 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीद कर दूर की। सोयाबीन उत्पादक किसानों की चिंता भावांतर योजना ने दूर की। अब सरसों और धान को भी भावांतर योजना में शामिल किया है। पहली बार अन्न कोदो-कुटकी की एमएसपी पर खरीदी हुई और किसानों को बोनस भी मिला है। इसके साथ ही किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए पात्र किसानों से मूंग उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढाकर 60 प्रतिशत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आय बढ़ाने के लिए किसानों को फसल विविधीकरण को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पशुपालन, मत्स्य पालन वर्तमान समय की मांग है, राज्य सरकार इन क्षेत्रों में हर संभव प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। दुग्ध उत्पादन को बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए दुग्ध समितियों का गठन किया है। राज्य सरकार ने यह पूरा वर्ष किसान कल्याण को समर्पित किया है।

फलों के बाग और नर्सरी संचालन पर मिल रहा है अनुदान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अब 6-6 महीने के स्थान पर एक साल में खातों को पटलने की व्यवस्था लागू की है। खाते क्लियर करने के लिए 31 मार्च तक की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। अब किसान भाई जब पैसा हो, खाते में जमा कर सकते हैं।

कृषक कल्याण वर्ष में राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने के साथ-साथ आधुनिक खेती, प्राकृतिक खेती और कृषि यंत्रों का विस्तार कर रही है। किसानों को कृषि से आय बढ़ाने का रोडमैप बताया जा रहा है। नर्मदापुरम जिले में उद्यानिकी फसलों आम, अमरूद, संतरा, अनार, नींबू और केला को लेकर आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। फलों के बाग और नर्सरी स्थापित करने के लिए सरकार अनुदान दे रही है। किसानों को पॉलीहाउस और सेडनेट हाउस स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से एक बगिया मां के नाम योजना से जरिए लाभ दिया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने पर किसानों को 50 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

रेशम नगरी के रूप में प्रसिद्ध है नर्मदापुरम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदापुरम रेशम नगरी के रूप में भी प्रसिद्ध है। यहां उच्च गुणवत्ता का रेशम, शरबती गेहूं और बासमती चावल जिले की पहचान बन चुका है। यहां स्थित बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र सबसे तेज गति से विकसित हो रहा है। कटनी के पास लॉजिस्टिक्स पार्क बनेगा। पिपरिया और पचमढ़ी में स्थानीय रहवासियों के लिए कठिनाइयों का समाधान सरकार ने किया है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण को समर्पित है। कृषि वर्ष में किसानों के कल्याण के लिए गतिविधियां लगातार चलती रहेंगी। इस अवसर पर सोहागपुर विधायक  विजयपाल सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

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