प्रदेश में बोनी का लक्ष्य लगभग पूरा! 48.69 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 97% क्षेत्र में हुई बुआई

प्रदेश में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी के लक्ष्य के विरूद्ध 97 प्रतिशत बोनी पूर्ण

12.07 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का किसानों को वितरण
 
रायपुर

 प्रदेश में खेती किसानी का कार्य जोरों पर है। राज्य में 25 अगस्त की स्थिति में राज्य के 47.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्रों में लक्ष्य का 97 प्रतिशत बोनी पूर्ण हो चुकी है। इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 12.07 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का किसानों को वितरण किया जा चुका है।

             मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश किसानों को सुगमता से मिले खाद-बीज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों निर्देशित किए गए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को कहा हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। 

राज्य में अब तक 47.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की हो चुकी बोनी  

            कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को अब तक 12.07 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.58 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। खेती का प्रारंभिक कार्य लगभग अंतिम चरण में है। राज्य में अब तक 47.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों जैसे धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल आदि की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 97 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है। 

12.07 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का किसानों को वितरण

             प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 16.67 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 12.07 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 72 प्रतिशत है।   

4.58 लाख क्विंटल बीज का किसानों को वितरण

              इसी प्रकार खरीफ सीजन 2026 के लिए बीज निगम द्वारा प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध 4.80 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 4.58 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो मांग का 93 प्रतिशत है। 

प्रदेश में अब तक 839.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

             अधिकारियों ने बताया कि 25 अगस्त सुबह तक की स्थिति में प्रदेश में अब तक 839.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है। गौरतलब है कि औसत दर्ज वर्षा जिलों की आज तक की औसत वर्षा पिछले 10 वर्षाे के आधार पर 810.2 मिमी. से 29.2 मिली मीटर अधिक है। गत वर्ष इसी अवधि में 821.0 मिली मी. वर्षा दर्ज की गई थी। 

जरूरतमंद किसानों को 7778.76 करोड़ रूपये का अल्पकालीन कृषि ऋण का वितरण

           कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी में सहूलियते हो इस उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्प कालीन कृषि ऋण उपलब्ध करा रहे है। चालू खरीफ सीजन 2026 के लिए 24 अगस्त की स्थिति में 7778.76 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 6449.95 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया था। इस वर्ष किसानों को 8800 करोड़ रूपए ऋण वितरण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।

More From Author

Bajaj की नई बाइक को लेकर बड़ा खुलासा, पहली बार करेगी ऐसा एक्सपेरिमेंट; डिटेल्स लीक

विष्णु भैया’ के उपहार से बहनों के सपनों को मिली उड़ान, महतारी वंदन से प्रेमलता बनीं आत्मनिर्भर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13967/1

RO No. 13944/210

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.