बालाघाट के विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करना हमारा लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

बालाघाट जिले का विकास और रोजगार के नये अवसरों का सृजन ही हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बैगा विकास प्राधिकरण की होगी स्थापना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनविश्वास कार्यक्रम में हुए शामिल

बालाघाट

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने बालाघाट जिले में नक्सलवादी गतिविधियों को जड़ से खत्म कर दिया है। आज हमारा प्रशासन और अधिकारी उन इलाकों तक पहुंचे हैं, जहां बीते कई सालों तक कभी कोई नहीं पहुंच पाया। बालाघाट जिला वह क्षेत्र रहा है, जहां नक्सलियों ने दिसंबर 1999 में तत्कालीन सरकार के मंत्री की निर्मम हत्या कर दी थी। राज्य के लिए 30 से 35 साल का वह दौर अत्यधिक कष्टकारी समय था। अब हमारी सरकार नक्सलमुक्त हो चुके इन क्षेत्रों में विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट के 100 अति पिछड़े गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 225 करोड रुपए की राशि हमने आज ही मंजूर कर दी है। स्थानीयजन की आजीविका और रोजगार के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं विकसित करने का प्रबंध भी किया है। इसके अंतर्गत सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य प्रत्येक क्षेत्र में कार्य किए जाएंगे। आज मंजूर की गई राशि अस्पताल खोलने, शासकीय स्कूलों के उन्नयन, सामुदायिक भवनों के निर्माण पर खर्च की जाएगी। हमारे प्रशासनिक अधिकारी अलग-अलग इलाकों में शिविर लगाकर लोगों को जन कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को बालाघाट जिले के लांजी में जनविश्वास अभियान कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बैगा समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए बैगा विकास प्राधिकरण की स्थापना की जाएगी। इस प्राधिकरण से बैगा समुदाय के लिए सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना विकास के कार्य प्राथमिकता से पूरे किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बैगा समुदाय को शिक्षा, आजीविका और कौशल विकास के साथ जोड़कर उन्हें भरपूर लाभ दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने के लिए पशुपालन एवं कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने तथा कान्हा नेशनल पार्क के समीप पर्यटन सुविधाओं के विकास की सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए हमने यहां होम-स्टे की संख्या बढ़ाने जैसे निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और नैसर्गिक सुंदरता में बालाघाट जिले के लांजी का यह पूरा क्षेत्र मेघालय के चेरापूंजी को भी पीछे छोड़ देगा। यहां इको टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म के विकास की भी अपार संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में दुग्ध एवं पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी संख्या में सहकारी समितियां निर्मित की जा रही है। उन्होंने कहा कि दूध से व्यक्ति रोज नगद आमदनी कर सकता है। स्व सहायता समूह की महिलाओं को पोषण आहार वितरण से जोड़ा गया है। सरकार की कोशिश है कि गांव का उत्पादन गांव से ही मूल्य संवर्धित होकर बड़े शहरों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (पीवीटीजी) में आने वाले बैगा समुदाय के लिए विशेष कार्य करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बैगा समुदाय की संस्कृति काफी उत्कृष्ट है। बैगा समुदाय की कला, संस्कृति, ज्ञान और स्थानीय उत्पादों को जोड़कर समेकित विकास के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है, ताकि बैगा समाज भी बाकी समाजों की तरह विकास की नई यात्रा से जुड़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पीएम जन-मन अभियान के अंतर्गत तीन विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों को विशेष रूप से लाभान्वित किया जा रहा है, इनमें मध्यप्रदेश की बैगा जनजाति भी शामिल है। बैगा समाज के युवाओं को रोजगार मिले, महिलाओं का जीवन बेहतर हो, प्रत्येक परिवार में खुशहाली आए इसके लिए सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी। नक्सलमुक्त बालाघाट मध्यप्रदेश सरकार के लिए एक उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास है कि बालाघाट जिला अब आत्मनिर्भर भी बने। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार ने नक्सलवाद की एक बड़ी लड़ाई जीत ली है। हमारा प्रयास है कि नक्सलमुक्त हुए प्रत्येक गांव में विकास की नई रोशनी पहुंचे। प्रत्येक परिवार में समृद्धि आये और प्रत्येक समुदाय को सम्मान मिले। इसी उद्देश्य से अब सुरक्षित बालाघाट के बाद समृद्ध बालाघाट बनाने का संकल्प लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब हम नक्सलवाद से अवरुद्ध हुई बालाघाट जिले की विकास की धारा को समृद्धि और खुशहाली की ओर लेकर जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय सामाजिक संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों और सभी दलों के जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि बालाघाट क्षेत्र के विकास के लिए सभी को संवेदनशील होकर समन्वयपूर्वक कार्य करना होगा। सालों तक नक्सल प्रभावित रहने से इस इलाके में प्रशासन और कल्याणकारी योजनाएं नहीं पहुंच पाई। अब समय यहां की चुनौतियों को समाप्त करते क्षेत्र को विकास के मार्ग पर अग्रसर करने का है। बालाघाट और लांजी क्षेत्र के विकास के लिए हमने विपक्ष के निर्वाचित विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी साथ लेकर क्षेत्र के विकास की योजना तैयार की है। आने वाले समय में हम नेता प्रतिपक्ष और सभी दलों को भी साथ लेकर क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बालाघाट नंबर वन जिला बने इस कोशिश में हम कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित राज्य सरकार के अन्य मंत्रियों को भी बालाघाट जिले के दौरे पर भेजा जाएगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बालाघाट वह जिला है, जिसने पूरे देश में सबसे पहले नक्सलवाद को आखिरी सलाम किया।

 

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