सीलिंग पर भड़के व्यापारी! भोपाल में बैरिकेड्स तोड़े, बोले- राहत नहीं मिली तो बाजार बंद

भोपाल 

भोपाल के रहवासी इलाकों में कमर्शियल एक्टिविटी के खिलाफ मंगलवार सुबह 9 बजे से नगर निगम की कार्रवाई फिर शुरू हो गई। कोहेफिजा स्थित चाय लीला कैफे समेत होटल, बुक शॉप और बैकरी पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों पर नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ मंगलवार को भोपाल में व्यापारी सड़कों पर उतर आए। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारी सुबह 11 बजे न्यू मार्केट स्थित नानके पेट्रोल पंप पर जुटे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने सीएम हाउस की ओर बढ़े। रोशनपुरा चौराहे से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया।

बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़े व्यापारी, धक्का-मुक्की
व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने सख्ती की और प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। धक्का-मुक्की के बीच कुछ व्यापारी नीचे भी गिर गए। प्रदर्शन में व्यापारी लगातार सीलिंग कार्रवाई रोकने और सरकार से राहत देने की मांग कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि चाहे लाठी खानी पड़े, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।

'कारोबार बंद हुआ तो रोजी-रोटी पर संकट'
व्यापारियों का कहना है कि शहर में कई दुकानें 50 से 60 साल पुरानी हैं। सरकार ने इन्हें जीएसटी नंबर, गुमाश्ता लाइसेंस और व्यावसायिक बिजली कनेक्शन तक दिए हैं। ऐसे में अब अचानक सीलिंग की कार्रवाई से हजारों कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बैंक से लिए गए कर्ज की किस्त, कर्मचारियों की तनख्वाह और परिवार की जिम्मेदारियां भी प्रभावित होंगी। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अजय देवनानी ने कहा कि व्यापारियों की मांग है कि व्यावहारिक समाधान निकाला जाए। इसके लिए मिश्रित भू-उपयोग और क्षेत्रवार योजना लागू की जा सकती है। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर तत्काल राहत देने की मांग की है।

चार दिन से नोटिस नहीं, सीधे कार्रवाई का आरोप
व्यापारियों का आरोप है कि पिछले चार दिनों से प्रतिष्ठानों को नए नोटिस नहीं दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद कार्रवाई की जा रही है। निगम अधिकारियों का कहना है कि नोटिस देने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों का परीक्षण किया जा रहा है और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

दूसरे दिन भी कैफे-होटल समेत कई प्रतिष्ठान बंद
इधर, व्यापारियों के प्रदर्शन के बीच मंगलवार सुबह 9 बजे से नगर निगम ने दूसरे दिन भी कार्रवाई शुरू कर दी। कोहेफिजा स्थित चाय लीला कैफे सहित होटल, बुक शॉप और बेकरी पर कार्रवाई की गई। कई संचालकों ने निगम की टीम पहुंचने से पहले ही अपने प्रतिष्ठान स्वैच्छिक रूप से बंद कर दिए। बैरागढ़ के चंचल चौराहे पर होटल प्रेस्टिसाइड और शैक बार, इकबाल मैदान में स्वीट बुक, करोंद में फ्रेश बेकरी और कोहेफिजा में चाय लीला को बंद कराया गया। कई प्रतिष्ठानों के बाहर संचालकों ने खुद ही बंद होने के पोस्टर लगा दिए थे। इससे पहले सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में 7 प्रतिष्ठानों को सील किया गया था, जबकि 102 दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान स्वैच्छिक रूप से बंद कर दिए थे।

किन इलाकों में नगर निगम की कार्रवाई?
नगर निगम की टीमें मंगलवार को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में कार्रवाई कर रही हैं। इनमें उत्तर विधानसभा के कोहेफिजा, सिंधी कॉलोनी और कबाड़खाना; नरेला विधानसभा के करोंद और सुभाष नगर; दक्षिण-पश्चिम विधानसभा के न्यू एमपी-एमएलए कॉलोनी; मध्य विधानसभा के जहांगीराबाद, शादी हॉल और करबला रोड; गोविंदपुरा के बाग मुगालिया, अमराई, सहयोग विहार, रघुनाथ नगर, रोहित नगर और ज्योतिनगर, जबकि हुजूर विधानसभा के चंचल नगर, सीहोर नाका, गांधी नगर और सीटीओ क्षेत्र शामिल हैं।

शिकायत के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है। रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों का विरोध करने वालों का कहना है कि इससे शोर, भीड़ और सार्वजनिक शांति में व्यवधान पैदा हो रहा है। उनका आरोप है कि कुछ इलाकों में असामाजिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं। स्कूलों के आसपास बढ़ते यातायात से बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कार्रवाई सिर्फ छोटे कारोबारियों तक सीमित है और बड़े व रसूखदार लोगों को छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि निगम की पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में लाई जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई सीलिंग
आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई की थी। कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। साथ ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले राहत संबंधी आदेश भी निरस्त कर दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि उसके निर्देश पर चल रही जांच में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को है। इस दौरान नगर निगम को अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट भी पेश करनी है। इसी के चलते शहर में नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई तेज हुई है।

व्यापारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
व्यापारियों ने रहवासी इलाकों में पुरानी दुकानों और कारोबार के लिए व्यावहारिक समाधान निकालने, मिश्रित भू-उपयोग और क्षेत्रवार योजना लागू करने, वर्षों से चल रहे कारोबार को अचानक सील नहीं करने, सरकार द्वारा दिए गए लाइसेंस और व्यावसायिक सुविधाओं को ध्यान में रखने तथा छोटे कारोबारियों को राहत देने की मांग की है। साथ ही बड़े और प्रभावशाली व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी समान कार्रवाई की मांग उठाई है। 

 

More From Author

बकाया बिल पर 5 हजार कनेक्शन कटे, भुगतान के बाद भी नहीं जुड़ी बिजली; लेसा की तकनीकी खामी से हंगामा

CM का छात्रों को सफलता मंत्र, 1.21 लाख विद्यार्थियों को मिली राशि; 10 बच्चों को लैपटॉप भी दिए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13967/1

RO No. 13944/210

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.