नेपाल त्रासदी में नहीं थम रही मौतों की संख्या, अब तक 1,344 लोगों की मौत

काठमांडू 

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. अब तक 1,344लोगों की जान जा चुकी है और 5053 लोग लापता हैं. 32963 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 7570 घरों को नुकसान पहुंचा है। नेपाल पुलिस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ में अब तक 1,344 लोगों की जान जा चुकी है. पिछले हफ्ते आई फ्लैश फ्लड ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई गांवों और कस्बों को बुरी तरह प्रभावित किया. कई इलाकों में अब भी मलबे और कीचड़ के बीच लोगों की तलाश जारी है। 

मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी NDRF
तबाही के बीच सबसे बड़ी चुनौती उन लोगों को ढूंढना है, जो अभी भी मलबे और कीचड़ के नीचे फंसे हो सकते हैं. इसी को देखते हुए भारत ने 11 सदस्यीय  NDRF तकनीकी टीम नेपाल भेजी है. यह टीम स्थानीय बचाव दलों के साथ मिलकर उन जगहों पर तलाशी अभियान चला रही है, जहां लोगों के दबे होने की आशंका है। 

नेपाल के दार्चुला में भूस्खलन से नदी का रास्ता बंद, निचले इलाकों में अलर्ट
नेपाल के दार्चुला जिले में शुक्रवार को भारी भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का प्रवाह बाधित हो गया। नदी का रास्ता बंद होने से आसपास के क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है। लोगों को नदी के आसपास और निचले क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

चिलिमे सुरंग में भारतीय टीम क्या कर रही है?
भारतीय सुरंग बचाव दल ने शुक्रवार को चिलिमे सुरंग के अंदर अभियान चलाया। टीम का प्रयास सुरंग के पानी और मलबे से प्रभावित हिस्सों तक पहुंचने और वहां फंसे लोगों की तलाश करने का है। भारी उपकरणों को सुरंग तक पहुंचाने और बचाव अभियान को गति देने के लिए एक अस्थायी ट्रैक भी तैयार किया जा रहा है। टीम ने सुरंग के भीतर सुरक्षा रस्सियां लगाई हैं, जबकि पानी और मलबे से बाधित हिस्सों में फ्लोट और पंप भी तैनात किए जा रहे हैं।

रसुवा जिले के स्याब्रुबेसी गांव के पास स्थित चिलिमे जलविद्युत परियोजना का इलाका बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ था। सुरंग के कई हिस्से पानी और मलबे से बाधित हो गए थे, जिसके कारण वहां पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ था। अब भारतीय टीम सुरंग के अंदर आगे बढ़कर प्रभावित हिस्सों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, ताकि खोज और बचाव अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके।

 चिलिमे सुरंग में फंसे लोगों के लिए बचाव अभियान, भारतीय टीम जुटी; मृतकों का आंकड़ा 1344 पहुंचा
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। भारतीय बचाव दल नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव और राहत कार्यों में जुटा है। इसी क्रम में विशेष भारतीय सुरंग बचाव टीम ने चिलिमे सुरंग में अभियान तेज कर दिया है। वहीं शुक्रवार को नेपाल सरकार ने एक रिपोर्ट जारी की जिसमें बताया गया कि बाढ़ से 32 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। इससे सड़कें, पुल, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों को नुकसान पहुंचा है। सरकार की शुरुआती रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। वहीं इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 1344 हो गई। प्रभावित इलाकों से और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़ी है।  

कहां से कितने लोगों की हो चुकी है मौत कुल मौत – 1,344

    रसुवा: 140
    नुवाकोट: 184
    धादिंग: 67
    गोरखा: 73
    तनहुं: 38
    नवलपरासी पूर्व: 221
    नवलपरासी पश्चिम: 212
    चितवन: 359
    (विभिन्न मानव अंगों सहित)
    शिनाख्त कर सौंपे गए शवों की संख्या: 96
    घायलों की संख्या: 5,663
    लापता लोगों की संख्या: 5,053
    बचाए गए लोगों की संख्या: 13,095

7570 घरों को हुआ नुकसान

    निजी घर: कुल 7570
    सरकारी संरचना: कुल 48 (35 पूर्ण क्षति, 13 आंशिक क्षति)
    विद्यालय: कुल 18 (11 पूर्ण क्षति, 7 आंशिक क्षति)
    स्वास्थ्य संस्था: कुल 7 (4 पूर्ण क्षति, 3 आंशिक क्षति)
    सड़क: 55 किलोमीटर पूर्ण क्षति पुल: कुल मोटरेबल 37 (33 पूर्ण क्षति) और 68 झोलुंगे (झूला) पुल

26 अगस्त को आई थी विनाशकारी बाढ़

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन से अचानक आई बाढ़ ने उत्तर और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई और व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ। 

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