मार्केट क्रैश से मचा हड़कंप, धड़ाम हुए ये शेयर; निवेशकों को लगा 5 लाख करोड़ का झटका

मुंबई 
भारतीय शेयर बा
जार में भारी गिरावट देखी जा रही है. निफ्टी 230 अंक या 1 फीसदी टूटकर 23,255 पर कारोबार कर रहा है. जबकि BSE सेंसेक्‍स 0.87 फीसदी या 637 अंक टूटकर 74,265.32 पर आ चुका है. सभी इंडेक्‍स में दबाव दिखाई दे रहा है. खासकर मेटल सेक्‍टर में ज्‍यादा बिकवाली दिख रही है। 

बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 8 शेयर ही मामूली तेजी पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि बाकी 22 शेयर भारी गिरावट पर हैं. बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा स्‍टील शेयर 2 फीसदी से ज्‍यादा टूट चुके हैं. वहीं एलटी, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस जैसे हैवीवेट शेयरों में भी गिरावट है। 

शेयर बाजार में भारी दबाव के कारण निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. बीएसई मार्केट कैप 483 लाख करोड़ रुपये से 5 लाख करोड़ रुपये घटकर 478 लाख करोड़ रुपये पर आ चुका है. इसके अलावा, बीएसई के 120 शेयरों में आज लोअर सर्किट लगा है. 70 शेयर अपर सर्किट पर कामकाज कर रहे हैं. 117 शेयर 52 वीक के निचले स्‍तर पर हैं और 68 शेयर 52 वीक के हाई पर हैं. 3,365 शेयरों में से 809 शेयर तेजी पर कामकाज कर रहे थे और 2,376 शेयरों में गिरावट रही, जबकि 180 शेयर अनचेंज थे। 

मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव गहराने और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से 11 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी तबाही देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते दलाल स्ट्रीट की शुरुआत गैप-डाउन हुई और बाजार खुलते ही बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला।

शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 708.23 अंक यानी 0.95% की भारी गिरावट के साथ 74,194.36 पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 सूचकांक 259.70 अंक टूटकर 23,218.10 के स्तर पर फिसल गया। बाजार में मंदी का माहौल इतना तगड़ा रहा कि लगभग 1,824 शेयरों में बिकवाली रही, जबकि केवल 692 शेयर ही हरे निशान में टिक पाए।
क्रूड में लगी आग से ONGC चमका, IT शेयरों ने भी दी राहत

कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल का सीधा फायदा तेल कंपनी ONGC को मिला। निफ्टी हीटमैप के मुताबिक, चौतरफा मंदी के बीच भी ONGC का शेयर 1.85% की तेजी के साथ ₹241.67 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।

    टॉप गेनर स्टॉक्स: ONGC के अलावा टेक महिंद्रा (+1.26%), इन्फोसिस (+0.84%), टीसीएस (+0.83%), विप्रो (+0.34%), पावरग्रिड (+0.33%), आईटीसी (+0.31%) और एचसीएल टेक (+0.18%) हरे निशान में कारोबार करते दिखे। आईटी सेक्टर अकेला ऐसा सेक्टर रहा जिसने बाजार को थोड़ा सहारा दिया।
    टॉप लूजर स्टॉक्स: दूसरी ओर, हिंडाल्को (-3.90%) और टाटा स्टील (-2.49%) में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। इनके अलावा बजाज फाइनेंस (-2.22%), जेएसडब्ल्यू स्टील (-2.01%), बजाज फिनसर्व (-1.85%), श्रीराम फाइनेंस (-1.83%), आयशर मोटर्स (-1.79%) और अडानी एंटरप्राइजेज (-1.74%) के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।

मेटल, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर 3% तक टूटे

सेक्टोरल फ्रंट पर आईटी सेक्टर को छोड़कर सभी इंडेक्स लाल निशान में डूब गए। मेटल, ऑटो, बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर्स में 1% से लेकर 3% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

क्‍यों आई मार्केट में इतनी भारी गिरावट? 

    शेयर बाजार में भारी गिरावट का सबसे खास वजह ब्रेंट क्रूड ऑयल है, जिसकी कीमत अब ग्‍लोबल मार्केट में 108 डॉलर प्रति बैरल हो चुका है। 
    अमेरिका में महंगाई के मजबूत आंकड़े आए हैं, जिससे फेडरल बैंक द्वारा ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी की उम्‍मीद और भी मजबूत हो चुकी है।  
    विदेशी निवेशकों ने जबरदस्‍त बिकवाली की है. 10 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने 438 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे. हालांकि, घरेलू निवेशकों ने 1,026 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। 

इन शेयरों में भारी दबाव
हिंदुस्‍तान कॉपर 4 फीसदी टूटकर 508 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा है. हिंदुस्‍तान जिंक के शेयरों में भी 4 फीसदी की गिरावट है. लोधा डेवलपर्स के शेयर भी 5 फीसदी टूटे हैं. कोचीन शिपयार्ड 6 फीसदी, गोदरेज प्रॉपर्टीज 6 फीसदी और एनएसीएल के शेयरों में भी 4 फीसदी की गिरावट है. डिक्‍सन टेक के शेयर भी 3 फीसदी से ज्‍यादा टूटे हैं और मुथूट फाइनेंस के शेयरों में भी करीब 4 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है। 

More From Author

महाराष्ट्र के नांदेड़ में दर्दनाक हादसा, ट्रक और टाटा मैजिक की भिड़ंत में 9 की गई जान

सिंगरौली बनेगा माइनिंग का मॉडल डिस्ट्रिक्ट, खनिज संपदा के बेहतर इस्तेमाल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जोर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13997/202

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.