71 सोलर हाईमास्ट से रोशन हो रहे गांव, 672 सोलर पम्पों से पेयजल और 4,300 सोलर पम्पों से किसानों के खेतों को मिल रहा सिंचाई का सहारा

रायपुर

सुकमा जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा अब केवल बिजली का विकल्प नहीं, बल्कि रोशनी, पेयजल, सिंचाई और रोजमर्रा की सुविधाओं को मजबूत करने का माध्यम बन रही है। गांवों में सोलर हाईमास्ट से रात रोशन हो रही है, सोलर पम्पों से पेयजल की उपलब्धता आसान हुई है और किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने में सौर ऊर्जा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकास विजन में गांवों में आधुनिक सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने, स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर रहा है। ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना में ग्रामीण भारत को मजबूत आधार देना इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रधानमंत्री  मोदी ने छत्तीसगढ़ के ‘विकसित भारत विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, छत्तीसगढ़ को सौर ऊर्जा का केंद्र बनाने और किसानों को ‘अन्नदाता से ऊर्जादाता’ बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया था। इसी व्यापक सोच के अनुरूप सुकमा जैसे दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सौर ऊर्जा आधारित सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण जीवन में प्रत्यक्ष बदलाव ला रहा है।

अंधेरे से रोशनी तक, 71 सोलर हाईमास्ट से बदल रही गांवों की रात

कभी शाम ढलते ही अंधेरे में सिमट जाने वाले सुकमा के कई गांवों में अब सौर ऊर्जा से संचालित हाईमास्ट रोशनी का माध्यम बन रहे हैं। नियद नेल्लानार योजना के जरिए सिलगेर, सालातोंग, टेकलगुडियम, पूवर्ती, बगडेगुड़ा, सुरपनगुड़ा, दुलेड़, मोरपल्ली, मंडीमरका, बेदरे, केरलापेन्दा और तोकनपल्ली सहित विभिन्न ग्रामों एवं नगरीय निकाय क्षेत्रों में 71 सोलर हाईमास्ट संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं 8 अन्य संयंत्रों की स्थापना प्रगतिरत है।

इन हाईमास्ट की रोशनी का लाभ केवल सड़कों और चौक-चौराहों तक सीमित नहीं है। शाम के बाद जरूरी काम से आने-जाने वाले ग्रामीणों, बाजार जाने वाले परिवारों, बच्चों और युवाओं तथा सार्वजनिक आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों के लिए यह रोशनी सुविधा का नया आधार बनी है। महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों के लिए भी गांवों में आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हुआ है।

सौर ऊर्जा आधारित सुविधाओं के रखरखाव में भी प्रशासन की तत्परता दिखाई दे रही है। सुशासन तिहार में प्राप्त शिकायतों पर क्रेडा जिला कार्यालय द्वारा कार्रवाई करते हुए खराब सोलर हाईमास्ट संयंत्रों की एलईडी लाइट और बैटरियों को बदला गया। इससे बंद पड़ी रोशनी फिर से शुरू हुई और ग्रामीणों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सुविधा मिल सकी।

672 सोलर पम्पों से पेयजल की राह हुई आसान

सौर ऊर्जा का दूसरा महत्वपूर्ण प्रभाव ग्रामीण पेयजल व्यवस्था में दिखाई दे रहा है। जल जीवन मिशन के तहत जिले के विभिन्न गांवों में 672 सोलर पम्प स्थापित किए गए हैं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में सौर ऊर्जा का उपयोग पेयजल व्यवस्था को सुगम बनाने में किया जा रहा है। केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल की सुविधा पहुंचाना है। वर्ष 2026 में केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक जारी रखने तथा इसे केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण से आगे बढ़ाकर नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण पर अधिक केंद्रित करने का निर्णय लिया है।

सुकमा के ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर पम्पों के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को ऊर्जा की उपलब्धता से जोड़ा जाना दूरस्थ गांवों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। जिन परिवारों को पहले पानी के लिए नदी, झिरिया या कुओं तक जाना पड़ता था, उनके लिए गांव में ही सौर ऊर्जा से संचालित पम्प के माध्यम से पानी उपलब्ध होने से समय और श्रम की बचत हो रही है। इसका लाभ विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को मिल रहा है, जिन्हें पानी लाने में अतिरिक्त समय और मेहनत नहीं करनी पड़ती।

4,300 सोलर पम्पों से किसानों को सिंचाई का सहारा

सौर ऊर्जा का सबसे सीधा प्रभाव सुकमा के किसानों के खेतों में भी दिखाई दे रहा है। सौर सुजला योजना के तहत पिछले आठ वर्षों में जिले में 4,300 सोलर पम्प किसानों के खेतों तक पहुंच चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित 200 सोलर पम्पों का लक्ष्य भी पूरा किया गया है। सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा आधारित पम्प किसानों को खेतों तक पानी पहुंचाने में सहारा दे रहे हैं। इससे कृषि कार्यों को समय पर करने और उपलब्ध जल स्रोतों का उपयोग करने में सुविधा मिल रही है। 

दूरस्थ अंचलों में सौर ऊर्जा बन रही विकास की साथी

सुकमा में सौर ऊर्जा का विस्तार केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। कोन्टा विकासखंड के जगरगुंडा में सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापित की गई है। वहीं पोलमपल्ली, चिंतागुफा, चिंतलनार और भेज्जी में 4.8 किलोवाट क्षमता के सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्रों की स्थापना स्वीकृत है। नगरीय निकाय क्षेत्रों में खराब स्ट्रीट लाइटों के सुधार का कार्य भी जारी है।

इस तरह एक ओर गांवों की गलियां और चौक-चौराहे रोशन हो रहे हैं, तो दूसरी ओर घरों तक पेयजल और खेतों तक सिंचाई पहुंचाने में सौर ऊर्जा मददगार बन रही है। इससे ग्रामीणों के समय और श्रम की बचत के साथ उनकी दैनिक गतिविधियों में सुविधा बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का विजन, गांवों के जीवन में दिख रहा बदलाव

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने ग्रामीण भारत के विकास के संदर्भ में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाने को सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़ा है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी उनका जोर स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और आम नागरिकों को ऊर्जा उत्पादन में भागीदार बनाने पर रहा है। पीएम सूर्य घर जैसी पहल के माध्यम से घरों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार की नीतियां इसी व्यापक ऊर्जा आत्मनिर्भरता की सोच को आगे बढ़ाती हैं।

सौर ऊर्जा से जुड़े इस राष्ट्रीय विजन का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि ऊर्जा का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे। सुकमा में सौर हाईमास्ट, सोलर पम्प और सोलर स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं का विस्तार इसी आवश्यकता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर हो रहे प्रयासों को दर्शाता है।

आज सुकमा में सौर ऊर्जा रात की रोशनी, घरों के पेयजल और खेतों की सिंचाई इन तीनों जरूरतों को पूरा करने में सहयोगी बन रही है। 71 सोलर हाईमास्ट, 672 सोलर पम्प और सौर सुजला योजना के तहत 4,300 सोलर पम्पों का लाभ इस बदलाव की तस्वीर को स्पष्ट करता है।

दूरस्थ अंचलों में सुविधाओं का यह विस्तार सेवा, सुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों को रेखांकित करता है। यही बदलाव विकसित भारत के उस विजन से जुड़ता है, जिसमें गांवों को आधुनिक सुविधाओं से सशक्त, किसानों को अधिक सक्षम और नागरिकों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया है।

More From Author

विकास की नई रफ्तार से बदल रहा छत्तीसगढ़, अधोसंरचना को मिल रही मजबूती : अरुण साव

आशीर्वाद का दीया’ बना विश्व रिकॉर्ड का साक्षी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13997/202

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.