पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने पुलिसिंग में संवेदनशील व्यवहार, तकनीक के उपयोग और जनसेवा को बताया प्रभावी पुलिसिंग की आधारशिला

भोपाल 

पुलिस मुख्यालय के कांफ्रेंस हॉल में उत्तर पूर्वी पुलिस अकादमी के प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों ने मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से भेंट कर पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर डीजीपी  मकवाणा ने मध्यप्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली, पुलिसिंग में तकनीक के बढ़ते उपयोग, सामुदायिक पुलिसिंग, साइबर अपराध नियंत्रण, नक्सल समस्या के समाधान तथा कानून-व्यवस्था एवं प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षुओं से संवाद किया।डीजीपी  मकवाणा ने मध्यप्रदेश पुलिस के पूर्व पुलिस महानिदेशक  के.एफ. रुस्तमजी के योगदान को स्मरण करते हुए उनके कार्यकाल के महत्वपूर्ण प्रसंगों पर चर्चा की। उन्होंने चंबल क्षेत्र में डकैती की समस्या तथा उसे समाप्त करने के लिए किए गए पुलिस प्रयासों की जानकारी भी प्रशिक्षुओं से साझा की।

नक्सल समस्या से निपटने से लेकर कानून-व्यवस्था प्रबंधन तक दी जानकारी

डीजीपी  मकवाणा ने बताया कि मध्यप्रदेश ने नक्सल समस्या के उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने के लिए अपनाई गई पुलिसिंग और रणनीति के बारे में प्रशिक्षुओं को जानकारी दी। सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील जिलों में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक पुलिसिंग तथा संवेदनशील परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया।उन्होंने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके लिए प्रशिक्षण एवं अधोसंरचना से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, ई-समन जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं और पुलिसिंग को आधुनिक एवं अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

साइबर अपराध और नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियानों से कराया परिचित

डीजीपी ने बताया कि नशा मुक्त भारत-2029 के लक्ष्य की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।  उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत विभिन्न अभियान संचालित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच विश्वास एवं संवाद को और मजबूत करना है।

तकनीक के माध्यम से पुलिसिंग को बनाया जा रहा आधुनिक

डीजीपी  मकवाणा ने पुलिसिंग में तकनीक के बढ़ते उपयोग की जानकारी देते हुए बताया कि डायल-112 एवं एफआरवी व्यवस्था, सीसीटीएनएस, आईसीजेएस सहित विभिन्न तकनीकी प्रणालियों के माध्यम से पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ई-ऑफिस के माध्यम से पुलिस कार्यालयों को पेपरलेस बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वहीं ईएचआरएमएस में लगभग एक लाख पुलिसकर्मियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जा चुका है।उन्होंने पुलिस बल की कार्यक्षमता और कल्याण से जुड़े प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि तनाव प्रबंधन के लिए पिछले वर्ष हार्टफुलनेस संस्था के साथ एमओयू किया गया है और इसके माध्यम से पुलिसकर्मियों के स्ट्रेस मैनेजमेंट पर कार्य किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारी संवेदनशील रहें, जनता की जरूरत के समय मदद करें : डीजीपी

डीजीपी  कैलाश मकवाणा ने प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस अधिकारी का व्यवहार अच्छा और संवेदनशील होना चाहिए। जनता को जब पुलिस से मदद की आवश्यकता हो, तब उनकी सहायता के लिए तत्पर रहना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।  कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. विनीत कपूर, पीएसओ टू डीजीपी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को डीजीपी  कैलाश मकवाणा के कार्यों एवं पुलिस सेवा के अनुभवों से परिचित कराया। इस अवसर पर सहायक पुलिस महानिरीक्षक  रामजी वास्तव ने प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों को मध्यप्रदेश पुलिस की मूलभूत जानकारी एवं पुलिस व्यवस्था से परिचित कराया।  प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों को मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ जागरूकता अभियान तथा ‘सेफ क्लिक’ साइबर जागरूकता अभियान पर आधारित वीडियो प्रस्तुतियां दिखाई गईं।

कार्यक्रम के दौरान उत्तर पूर्वी पुलिस अकादमी के प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों ने भोपाल में अपने प्रशिक्षण एवं भ्रमण के अनुभव भी साझा किए और मध्यप्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली एवं पुलिसिंग के विभिन्न नवाचारों के संबंध में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम में विशेष पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण  रवि कुमार गुप्‍ता, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण  एन.बी. वायंगणकर, उप पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण  मनीष अग्रवाल, एस.ओ. टू डीजीपी  मलय जैन एवं सहायक पुलिस महानिरीक्षक  अंकित सोनी उपस्थित रहें। 

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