कैबिनेट के 3 बड़े ऐलान, रबी फसलों की MSP में बढ़ोतरी; ₹2.79 लाख करोड़ का पैकेज

नई दिल्ली 
केन्द्र की मोदी सरकार ने आज कैबिनेट की बैठक में तीन बड़े फैसले लिए हैं। केन्द्र की मोदी सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए 6 रबी की फसलों पर 90 हजार, 962 करोड़ रुपये खर्च करने का खाका बनाया है। केन्द्र की मोदी सरकार ने गेंहू की MSP पर बढ़ोत्तरी करते हुए इसे 2610 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। वहीं देश में क्लीन एनर्जी के लिए मोदी कैबिनेट ने PM धारा योजना को मंजूरी दे दी है। इसके लिए केन्द्र की सरकार ने 1.86 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। केन्द्र की मोदी सरकार ने 3 बड़े फैसले लेते हुए दिल्ली-एनसीआर… में टै्रफिक सिस्टम को ठीक करने के लिए दिल्ली में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS ) को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ITMS योजना पर 1,790 करोड़ रूपये मंजूर किए गए हैं। इसे 24 माह में तीन चरणों में लागू किया जाएगा। 

कैबिनेट मंत्री अश्वनी वैष्णव ने दी जानकारी
केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा लिए गए तीन बड़े फैसलों की जानकारी बुधवार को कैबिनेट मंत्री अश्वनी वैष्णव ने प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि MSP को लेकर फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि MSP पर 50 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी की व्यवस्थाकी गई है। खबर अपडेट की जा रही है। 

रबी सीजन के लिए छह फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को सरकार की मंजूरी मिली है. इनमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम (Safflower MSP) के लिए की गई है, जो अब 675 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है. वहीं सबसे कम बढ़ोतरी गेहूं की एमएसपी में की गई है, जो 25 रुपये प्रति क्विंटल है। 

रबी की 6 फसलों का MSP कितना बढ़ा?
केंद्र सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम के MSP में बढ़ोतरी की है. उनमें बढ़ोतरी और ताजा एमएसपी पर गौर करें।

फसल MSP (2027-28)  Increase MSP
गेहूं 2610 रुपये 25 रुपये
जौ  2286 रुपये 136 रुपये
चना 5958 रुपये 83 रुपये
मसूर 7390 रुपये 390 रुपये
सरसों 6613 रुपये 413 रुपये
कुसुम 7215 रुपये 675 रुपये

 

अश्विनी वैष्णव ने बताया MSP का गणित
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि "आज देश भर में दूरगामी असर डालने वाले तीन बड़े फैसले लिए गए। पहला फैसला रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने से जुड़ा है। गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड और सरसों जैसी फसलों के लिए MSP को उत्पादन लागत से कम से कम 50% ज़्यादा तय किया गया है। उदाहरण के लिए गेहूं को ही लें: इसकी उत्पादन लागत ₹1,264 है, फिर भी MSP ₹2,610 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो लागत से 100% से ज़्यादा (लागत का दोगुने से भी ज़्यादा) है। इसी तरह, जौ के लिए MSP को अनुमानित उत्पादन लागत से 58% ज़्यादा तय किया गया है; ₹1,447 की लागत के मुकाबले MSP ₹2,286 प्रति क्विंटल है… कुल मिलाकर, इस रबी सीज़न में 324 लाख मीट्रिक टन की खरीद से किसानों तक ₹90,962 करोड़ पहुंचेंगे।"

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत पर अनुमानित मार्जिन गेहूं के लिए 106% है. इसके बाद सरसों के लिए 96%, मसूर के लिए 92%, चना के लिए 59%, जौ के लिए 58% और कुसुम के लिए 50% है. रबी फसलों के MSP में यह बढ़ोतरी किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करेगी और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देगी। 

सरकार ने ये फैसले भी लिए
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैबिनेट ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लंबे समय तक चलने वाले प्रोग्राम को लेकर लिया गया है, जिसका नाम है PM धारा है. यह रिन्यूएबल एनर्जी को पहुंचाने के लिए जरूरी ग्रिड और स्मार्ट ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रोग्राम है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश के बिजली उत्पादन में रिन्यूएबल एनर्जी को इतने बड़े पैमाने पर शामिल किया है, जितना कई देश हासिल नहीं कर पाए हैं। 

Modi Cabinet का तीसरा फैसला दिल्ली के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) है. राजधानी के लिए Intelligent Traffic Management System को मंजूरी दे दी गई है. तकनीक की मदद से ट्रैफिक की निगरानी और मैनेजमेंट को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा. ITMS का इस्तेमाल ट्रैफिक जाम, सड़क सुरक्षा और वाहनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संभालने के लिए होगा। 

 

 

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