असम में फिर शुरू हुई जंगल सफारी, मानस 2 और काजीरंगा 3 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खुले

जोरहाट

जंगल का सफर कुछ महीनों के लिए बंद था. बारिश का मौसम था. रास्ते मुश्किल थे और वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए असम के कई नेशनल पार्क और अभयारण्य पर्यटकों के लिए बंद थे. अब इंतजार खत्म हो गया है. असम में वाइल्डलाइफ टूरिज्म का नया सीजन शुरू हो चुका है। 

2 अक्टूबर को मानस नेशनल पार्क के दरवाजे पर्यटकों के लिए खुल गए. इसके ठीक एक दिन बाद यानी 3 अक्टूबर से काजीरंगा नेशनल पार्क में भी सैलानियों की एंट्री शुरू हो गई. और अगर आपकी लिस्ट में पोबितोरा भी है, तो उसके लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा. पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य 13 अक्टूबर से खुलेगा. यानी अक्टूबर का महीना असम के जंगलों के नाम है। 

बक्सा और चिरांग जिलों में फैला मानस नेशनल पार्क 2 अक्टूबर से खुल चुका है. मानसून की वजह से हर साल यहां कुछ समय के लिए पर्यटन गतिविधियां बंद रहती हैं। 

अब मौसम बदलने के साथ जंगल सफारी और वन्यजीवों को करीब से देखने का मौका फिर मिल गया है. और मानस के बाद नंबर आया काजीरंगा का… काजीरंगा नेशनल पार्क 3 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया. यह पार्क गोलाघाट और नगांव समेत कई जिलों में फैला है. इसका विस्तार बिश्वनाथ और सोनितपुर के कुछ हिस्सों तक भी है। 

काजीरंगा का नाम आते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? एक सींग वाला गैंडा. लेकिन कहानी सिर्फ गैंडे तक सीमित नहीं है. काजीरंगा असम के सबसे बड़े वन्यजीव पर्यटन आकर्षण में शामिल है. हर टूरिज्म सीजन में यहां देश ही नहीं, विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। 

अब आंकड़ों पर आते हैं. क्योंकि ये आंकड़े बताते हैं कि असम के जंगलों को देखने के लिए लोगों में कितनी दिलचस्पी है. 2025-26 के टूरिज्म सीजन में काजीरंगा नेशनल पार्क में 4.68 लाख से ज्यादा टूरिस्ट पहुंचे थे. पिछले साल यह संख्या करीब 4.06 लाख थी. यानी एक साल में पर्यटकों की संख्या में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई। 
इन 4.68 लाख से ज्यादा पर्यटकों में 4.37 लाख से अधिक भारतीय थे. वहीं 30 हजार से ज्यादा विदेशी पर्यटक भी काजीरंगा पहुंचे. काजीरंगा सिर्फ देश के पर्यटकों की पसंद नहीं है, दुनिया के दूसरे हिस्सों से आने वाले सैलानी भी असम के इस जंगल का रुख करते हैं। 

मानस में भी बढ़े पर्यटक
अब मानस की बात करते हैं. साल 2025-26 के टूरिज्म सीजन में मानस नेशनल पार्क में कुल 63,723 लोग पहुंचे थे. इनमें करीब 59 हजार भारतीय और लगभग 5 हजार विदेशी पर्यटक शामिल थे. यानी यहां भी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है. और अब नया सीजन शुरू हो चुका है. जंगल फिर खुले हैं. सफारी फिर शुरू हो गई है. ऐसे में आने वाले महीनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। 

पोबितोरा के लिए 13 अक्टूबर तक इंतजार
अगर आप असम के वाइल्डलाइफ सर्किट में पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य को भी शामिल करना चाहते हैं, तो तारीख याद रखिए. 13 अक्टूबर… मोरीगांव जिले में पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य इसी दिन पर्यटकों के लिए खोला जाएगा. पिछले टूरिज्म सीजन में पोबितोरा में 35,371 पर्यटक पहुंचे थे. यानी मानस, काजीरंगा और पोबितोरा तीनों जगहों के खुलने के बाद असम का प्रमुख वाइल्डलाइफ टूरिज्म सर्किट पूरी तरह एक्टिव हो जाएगा। 

असम के पर्यावरण एवं वन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने इन पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने के शेड्यूल की जानकारी दी है. मानसून के दौरान जंगलों में पर्यटकों की आवाजाही रोकना हर साल की प्रक्रिया है. बारिश के दौरान जंगलों की स्थिति, सड़कें और वन्यजीवों की सुरक्षा जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है. अब मानसून का दौर पीछे छूट रहा है और पर्यटन सीजन सामने है. इसलिए असम के जंगलों में फिर से हलचल शुरू हो गई है। 

तो अगर असम जाने का प्लान है… तो तारीखें नोट कर लीजिए. 2 अक्टूबर को मानस नेशनल पार्क खुल चुका है. 3 अक्टूबर को काजीरंगा नेशनल पार्क खुल चुका है. 13 अक्टूबर को पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य खुलेगा. पिछले सीजन के आंकड़े बता रहे हैं कि असम के जंगलों को देखने वालों की संख्या लगातार बढ़ी है. इस बार भी देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है. तो जंगल तैयार हैं. सफारी तैयार है. और असम का नया वाइल्डलाइफ टूरिज्म सीजन भी शुरू हो चुका है। 

 

 

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