एशियन गेम्स में चमके भारत के सितारे, खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से बढ़ा देश का गौरव

एशियन गेम्स में चमके भारत के सितारे

विश्‍वास कैलाश सारंग

भोपाल 

जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिभा की चमक को पूरी दुनिया ने देखा है। भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और जज्बे का शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरी दुनिया को भारत की बढ़ती खेल शक्ति का परिचय कराया। तिरंगे की आन, बान और शान के लिए मैदान में उतरे हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीतकर पदक तालिका में भारत को गौरवपूर्ण चौथा स्थान दिलाया। यह उपलब्धि केवल पदकों की संख्या नहीं बल्कि भारत की युवा खेल प्रतिभा के निरंतर निखरते सामर्थ्य और वैश्विक खेल मंच पर बढ़ते प्रभाव की स्वर्णिम चमक है। वहीं इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 10 मेडल जिनमें 5 स्वर्ण, 4 रजत 1 कांस्य पदक अर्जित कर अपनी सर्वोच्च प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विशेष योगदान दिया है।

देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में आज खेल भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में एक महत्वपूर्ण स्थान बना चुका है। मोदी जी के मार्गदर्शन में एवं केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया जी के नेतृत्व में खेलो इंडिया जैसी योजना के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने, प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। छोटे शहरों, गांवों और सामान्य परिवारों से आने वाले युवा आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनके पास अब केवल प्रतिभा नहीं बल्कि उसे निखारने के लिए अवसर, प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी वातावरण भी उपलब्ध हो रहा है। प्रधानमंत्री जी का यह विजन कि भारत का युवा केवल खेलों में भाग लेने वाला नहीं बल्कि दुनिया में भारत का नेतृत्व करने वाला बने, आज मैदानों में दिखाई दे रहा है। मिट्टी के मैदानों से लेकर आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक, स्कूलों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम तक, भारत की नई पीढ़ी खेलों को अपना भविष्य बनाने के लिए निरंतर आगे बढ़ रही है।

वहीं मध्यप्रदेश में भी हम प्रधानमंत्री जी के विजन को दृष्टिगत रखते हुए एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में खेल, खिलाड़ी और खेल मैदान के उन्नयन व विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश में 18 खेलों की 11 अकादमी संचालित हैं। इन अकादमियों में विश्व स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। नवीन सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना के तहत प्रदेश की सभी 230 विधानसभा में खेल परिसर का निर्माण किया जा रहा है। खेलो एमपी यूथ गेम्स, पार्थ योजना, खेलो बढ़ो अभियान, टैलेंट सर्च, समर कैंप सहित अन्य आयोजनों के माध्यम से नई प्रतिभाओं की तलाश और उन्हें नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इस प्रतियोगिता में भारत के खिलाड़ियों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर विश्व पटल पर राष्ट्र को गौरवान्वित किया है। भारत के कुल पदकों में एथलेटिक्स का सबसे बड़ा योगदान रहा, जिसमें कुल 24 पदक जीते गए। इसके बाद शूटिंग का नंबर रहा, जिसमें 15 पदक मिले। इनमें तीन बार खिलाड़ी टॉप पोडियम पर रहे। बॉक्सिंग में भी तीन स्वर्ण पदक मिले, जिनमें लवलीना बोरगोहेन भी शामिल थीं। आर्चरी में सबसे ज्यादा पांच बार खिलाड़ी शीर्ष पोडियम पर रहे। अमन सहरावत और सुजीत कलकल ने रेसलिंग में एशियन गेम्स चैंपियन का खिताब जीता। भारत की महिला और पुरुष क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल हासिल किए। नीरू ढांडा, कुमकुम मोहोद, गुलवीर सिंह और विथ्या रामराज जापान में भारत के प्रमुख प्रदर्शन करने वाले एथलीट में शामिल रहे, जिन्होंने कई पदक जीतने में योगदान दिया। सुचिका तरियाल ने महिला ट्रेडिशनल -60 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भारत का पहला एशियन गेम्स पदक हासिल किया। सेमी-फाइनल में पहुंचने के बाद जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में भी वही कारनामा दोहराया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फ़ाइनल में श्रीलंका को हराकर अपना ख़िताब बरकरार रखा और इस टूर्नामेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। बाद में पुरुष टीम ने भी पाकिस्तान को फ़ाइनल में करारी शिकस्त देकर अपना ख़िताब सफलतापूर्वक बचाया। वहीं, शूटर नीरू ढांडा ने महिलाओं के ट्रैप इवेंट में जीत हासिल करके एशियन गेम्स 2026 में भारत का पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीता। मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 1998 के बैंकॉक गेम्स के बाद वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए पहला एशियाई गेम्स मेडल हासिल किया। रोशिबिना देवी ने भी वुशू में लगातार अपना तीसरा कॉन्टिनेंटल मेडल जीता। सीमा कुमारी ने भी एशियाई गेम्स में महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में मेडल जीतकर भारत के 16 साल बाद पदक जीता। कमलजीत और सुरुचि सिंह ने मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीतने के दौरान एशियन रिकॉर्ड की बराबरी की। बरानिका इलांगोवन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता और एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय पोल वॉल्टर बन गईं। सावन बरवाल ने नया नेशनल रिकॉर्ड बनाते हुए 1982 के बाद मैराथन में भारत का पहला मेडल जीता। स्क्वैश में, अनाहत सिंह एशियन गेम्स में वूमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। विथ्या रामराज ने वूमेंस 400 मीटर हर्डल रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर 42 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा। जैवलिन थ्रो इवेंट में यश वीर सिंह और रोहित यादव ने भारत के लिए दो मेडल पक्के किए। उन्होंने क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते। चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर एलए 2028 ओलंपिक कोटा हासिल किया। अंकिता भकत, कुमकुम मोहोद और कीर्ति शर्मा ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को हराकर एशियन गेम्स में भारत के लिए वूमेंस टीम रिकर्व इंवेट का पहला गोल्ड मेडल जीता। महान मुक्केबाज मैरी कॉम (इंचियोन 2014) के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली लवलीना बोरगोहेन दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गईं। भारत ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी का खिताब भी जीता। 17 साल की कुमकुम मोहोद इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में व्यक्तिगत रिकर्व गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। प्रणवी उर्स गोल्फ में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

वहीं मध्यप्रदेश के खिलाड़ी भी इस गौरवमयी उपलब्धि में अहम योगदान दिया। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की खिलाड़ी नीरू ढांढा ने शूटिंग (शॉटगन) के वुमेंस ट्रैप इंडिविजुअल में स्वर्ण, ट्रैप मिक्स्ड टीम में स्वर्ण और वुमेंस ट्रैप टीम में रजत पदक सहित नीरू ने 3 मेडल हासिल कर इतिहास रचा। मनीषा कीर ने शूटिंग (शॉटगन) वुमेंस ट्रैप टीम में रजत पदक, ऐश्वर्य प्रताप सिंह ने शूटिंग (राइफल) 50मी. राइफल 3 पोजिशन मेन्स टीम में सिल्वर पदक, आशी चौकसे ने शूटिंग (राइफल) 50मी. राइफल 3 पोजिशन वुमेंस टीम में सिल्वर पदक, पुरुष हॉकी टीम का हिस्सा रहे विवेक सागर ने स्वर्ण पदक, महिला हॉकी टीम का हिस्सा रहीं इशिका चौधरी ने स्वर्ण पदक, क्रांति गौड़ ने क्रिकेट (टीम इवेंट) में स्वर्ण पदक, जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस (व्यक्तिगत स्पर्धा) में कांस्य पदक अर्जित कर प्रदेश व देश का मान बढ़ाया है।

भारत के युवा खिलाड़ी आज केवल पदक नहीं जीत रहे, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए सपनों की नई सीमा तय कर रहे हैं। पदक मंच पर जब भारतीय खिलाड़ी तिरंगे को अपने कंधों पर लेकर खड़े होते हैं और राष्ट्रगान की धुन बजती है, तब वह क्षण केवल खिलाड़ी का नहीं होता बल्कि वह 140 करोड़ भारतीयों के गौरव का क्षण होता है। एशियन गेम्स में चमके भारत के इन सितारों ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत की युवा शक्ति दुनिया के किसी भी मंच पर इतिहास रच सकती है।

 

More From Author

UP राज्यसभा चुनाव में बढ़ी सियासी हलचल, BJP-सपा के उम्मीदवारों का आज हो सकता है ऐलान

शेयर बाजार में तूफानी तेजी! सेंसेक्स 600 अंक चढ़ा, खुलते ही इन स्टॉक्स ने मचाई हलचल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13997/202

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.